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शौचालय में बच्ची को जन्म देकर फरार महिला का नहीं चला पता्
Updated Tue, 05 Sep 2017 10:43 PM IST
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श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कालेज/बेस अस्पताल के नेटल इंसेंटिव केयर यूनिट के शौचालय में नवजात बच्ची को जन्म देकर छोड़कर गई महिला का अभी पता नहीं चल पाया है। अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच की जिम्मेदारी गायनी विभाग की एचओडी डा. सुचित्रा जैन को सौंपी है। वहीं बच्ची को गोद लेने के लिए कई हाथ आगे आए है।
सोमवार सुबह को राजकीय मेडिकल कालेज/बेस अस्पताल के नेटल इंसेटिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) के शौचालय में एक महिला नवजात बच्ची को जन्म देने के बाद छोड़कर चली गई थी। बेस अस्पताल के एमएस डा. सुरेश जैन ने बताया कि नवजात स्वस्थ है। मामले में अस्पताल प्रशासन ने गायनी विभाग की एचओडी डा. सुचित्रा जैन को जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं सीसीटीवी फुटेज से पुलिस के हाथ अभी तक कोई सफलता नहीं लगी है। मामले में डीएम सुशील कुमार ने कहा कि प्रशासन अपने स्तर पर जांच कर रहा है। दूसरी ओर बच्ची को गोद लेने के लिए काफी संख्या में दंपति श्रीनगर पहुंच रहे हैं। कई लोगों ने अस्पताल प्रबंधन से मौखिक इच्छा भी जताई है, लेकिन लिखित आवेदन नहीं किया है।
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ऐसे करें बच्ची गोद लेने के लिए आवेदन
बच्ची को गोद लेने के लिए वैधानिक कार्रवाई से गुजरना पड़ता है। डीएम सुशील कुमार ने बताया कि जिले में जिला दत्तक ग्रहण समिति होती है, जिसके अध्यक्ष डीएम ही होते हैं। इस समिति में जिला समाज कल्याण अधिकारी व चिकित्सक भी शामिल होते हैं। अगर कोई दंपति बच्ची को गोद लेना चाहता है तो वह समिति को लिखकर दे सकते हैं। कुछ जनपदों में कई एनजीओ को भी बच्चे गोद देने का अधिकार प्राप्त है। लेकिन पौड़ी जनपद में कोई भी एनजीओ इस कार्य के लिए पंजीकृत नहीं है। ऐसे में गोद लेने के इच्छुक दंपतियों को जिला दत्तक ग्रहण समिति को ही लिख कर देना होगा।
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सोमवार सुबह को राजकीय मेडिकल कालेज/बेस अस्पताल के नेटल इंसेटिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) के शौचालय में एक महिला नवजात बच्ची को जन्म देने के बाद छोड़कर चली गई थी। बेस अस्पताल के एमएस डा. सुरेश जैन ने बताया कि नवजात स्वस्थ है। मामले में अस्पताल प्रशासन ने गायनी विभाग की एचओडी डा. सुचित्रा जैन को जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं सीसीटीवी फुटेज से पुलिस के हाथ अभी तक कोई सफलता नहीं लगी है। मामले में डीएम सुशील कुमार ने कहा कि प्रशासन अपने स्तर पर जांच कर रहा है। दूसरी ओर बच्ची को गोद लेने के लिए काफी संख्या में दंपति श्रीनगर पहुंच रहे हैं। कई लोगों ने अस्पताल प्रबंधन से मौखिक इच्छा भी जताई है, लेकिन लिखित आवेदन नहीं किया है।
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ऐसे करें बच्ची गोद लेने के लिए आवेदन
बच्ची को गोद लेने के लिए वैधानिक कार्रवाई से गुजरना पड़ता है। डीएम सुशील कुमार ने बताया कि जिले में जिला दत्तक ग्रहण समिति होती है, जिसके अध्यक्ष डीएम ही होते हैं। इस समिति में जिला समाज कल्याण अधिकारी व चिकित्सक भी शामिल होते हैं। अगर कोई दंपति बच्ची को गोद लेना चाहता है तो वह समिति को लिखकर दे सकते हैं। कुछ जनपदों में कई एनजीओ को भी बच्चे गोद देने का अधिकार प्राप्त है। लेकिन पौड़ी जनपद में कोई भी एनजीओ इस कार्य के लिए पंजीकृत नहीं है। ऐसे में गोद लेने के इच्छुक दंपतियों को जिला दत्तक ग्रहण समिति को ही लिख कर देना होगा।
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