{"_id":"59a842194f1c1b45738b4a4e","slug":"150419920115-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेयजल मंत्री ने जल संस्थान कार्यालय में शिकायत पंजिका का किया निरीक्षण, शिकायतकर्ताओं से की बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेयजल मंत्री ने जल संस्थान कार्यालय में शिकायत पंजिका का किया निरीक्षण, शिकायतकर्ताओं से की बात
Updated Thu, 31 Aug 2017 10:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोपेश्वर। पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने जिला मुख्यालय स्थित जल संस्थान और पेयजल निगम कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जल संस्थान में शिकायत पंजिका देखी और शिकायतकर्ताओं को खुद फोन कर शिकायत पर कार्रवाई की जानकारी ली। वहीं पेयजल निगम कार्यालय में गंदगी होने पर पेयजल मंत्री दरवाजे से ही लौट गए। उन्होंने इस पर नाराजगी जताई और ईई को कार्यालय में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को सुबह दस बजे पेयजल मंत्री सीधे जल संस्थान कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका देखी जिसमें सब उपस्थित मिले। इसके बाद उन्होंने शिकायत पंजिका देखी और सीधे शिकायतकर्ता दिनेश भट्ट, पीपलकोटी निवासी को खुद फोन कर शिकायत पर कार्रवाई की जानकारी ली। दिनेश भट्ट ने शिकायत का निवारण होने की बात कही। पेयजल मंत्री ने अन्य शिकायतकर्ताओं को भी फोन कर स्थिति की जानकारी ली। पेयजल मंत्री पंत ने नगर में हो रही दूषित पानी की शिकायत पर अधिकारियों से जवाब मांगा। जल संस्थान के अधिकारियों को पेयजल टैंकों की नियमित सफाई करने, पेयजल की प्रतिदिन टेस्टिंग करने के साथ ही शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल सप्लाई टैंक में समय-समय पर क्लोरीन और ब्लीचिंग का छिड़काव करने के निर्देश भी दिए। इसके बाद वह पेयजल निगम कार्यालय पहुंचे और अधिशासी अभियंता के कार्यालय में सीलन और गंदगी देख नाराजगी जताई। इस पर वह कार्यालय के दरवाजे से ही लौट गए और ईई को कार्यालय में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अधिकारी और कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए बायोमीट्रिक मशीन लगाने को भी कहा। इस मौके पर बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट, जिलाध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल, विनोद कपरुवाण, नीलम सिंह नेगी, रघुवीर बिष्ट, महावीर रावत और तारादत्त थपलियाल आदि मौजूद थे।
बृहस्पतिवार को सुबह दस बजे पेयजल मंत्री सीधे जल संस्थान कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका देखी जिसमें सब उपस्थित मिले। इसके बाद उन्होंने शिकायत पंजिका देखी और सीधे शिकायतकर्ता दिनेश भट्ट, पीपलकोटी निवासी को खुद फोन कर शिकायत पर कार्रवाई की जानकारी ली। दिनेश भट्ट ने शिकायत का निवारण होने की बात कही। पेयजल मंत्री ने अन्य शिकायतकर्ताओं को भी फोन कर स्थिति की जानकारी ली। पेयजल मंत्री पंत ने नगर में हो रही दूषित पानी की शिकायत पर अधिकारियों से जवाब मांगा। जल संस्थान के अधिकारियों को पेयजल टैंकों की नियमित सफाई करने, पेयजल की प्रतिदिन टेस्टिंग करने के साथ ही शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल सप्लाई टैंक में समय-समय पर क्लोरीन और ब्लीचिंग का छिड़काव करने के निर्देश भी दिए। इसके बाद वह पेयजल निगम कार्यालय पहुंचे और अधिशासी अभियंता के कार्यालय में सीलन और गंदगी देख नाराजगी जताई। इस पर वह कार्यालय के दरवाजे से ही लौट गए और ईई को कार्यालय में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अधिकारी और कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए बायोमीट्रिक मशीन लगाने को भी कहा। इस मौके पर बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट, जिलाध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल, विनोद कपरुवाण, नीलम सिंह नेगी, रघुवीर बिष्ट, महावीर रावत और तारादत्त थपलियाल आदि मौजूद थे।
विज्ञापन