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बंदरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीण परेशान
Updated Thu, 24 Aug 2017 10:43 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
श्यामपुर।
क्षेत्र में बंदरों की दहशत से किसान खेतों में फसल तक नहीं उगा पा रहे हैं। बंदरों की दहशत से कांगड़ी गाजीवाली, श्यामपुर, सजनपुर पीली, गैंडीखाता, चिड़ियापुर लहाडपुर ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन बंदर महिला, बच्चों पर हमला कर उन्हें काटकर जख्मी कर रहे हैं।
ग्रामीण डबल सिंह रावत, योगेश चौहान, अनिल चौहान, राहुल शर्मा और आरती पाल का कहना है कि श्यामपुर क्षेत्र में बंदरों की दहशत से लोग घरों से निकलने में भी कतरा रहे है। लाहडपुर गांव में बंदर और लंगूरों का दो बच्चों पर हमला करने के बाद से ग्रामीण बच्चों को अकेला स्कूल भेजने में भी डर रहे हैं। कुछ दिन पहले श्यामपुर गांव में बंदरों ने कई व्यक्तियों को हमला कर जख्मी कर दिया था। तब ग्रामीणों ने श्यामपुर वन विभाग के कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर बंदरों को पकड़ने की मांग की थी। कांगड़ी के ग्राम प्रधान राजेश कुमार, बबलू पाल, फकीरचंद, मामचंद, सुनील पाल, राजकुमार, राम प्रकाश शर्मा, धर्मपाल, मुन्नू आदि का कहना है कि बड़ी मुश्किल से किसान फसल तैयार करते हैं, लेकिन बंदर पूरी फसल बरबाद कर देते हैं। वन विभाग की ओर से बंदरों की बढ़ती तादाद को रोकने के लिए चिड़ियापुर वन्य जीव रेस्क्यू सेंटर में नसबंदी केंद्र बनाया था, लेकिन डाक्टरों की नियुक्ति नहीं होने से यह हॉस्पिटल शोपीस बना हुआ है। वन विभाग की ओर से बंदरों को पकड़ने के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया जा रहे है।
श्यामपुर।
क्षेत्र में बंदरों की दहशत से किसान खेतों में फसल तक नहीं उगा पा रहे हैं। बंदरों की दहशत से कांगड़ी गाजीवाली, श्यामपुर, सजनपुर पीली, गैंडीखाता, चिड़ियापुर लहाडपुर ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन बंदर महिला, बच्चों पर हमला कर उन्हें काटकर जख्मी कर रहे हैं।
ग्रामीण डबल सिंह रावत, योगेश चौहान, अनिल चौहान, राहुल शर्मा और आरती पाल का कहना है कि श्यामपुर क्षेत्र में बंदरों की दहशत से लोग घरों से निकलने में भी कतरा रहे है। लाहडपुर गांव में बंदर और लंगूरों का दो बच्चों पर हमला करने के बाद से ग्रामीण बच्चों को अकेला स्कूल भेजने में भी डर रहे हैं। कुछ दिन पहले श्यामपुर गांव में बंदरों ने कई व्यक्तियों को हमला कर जख्मी कर दिया था। तब ग्रामीणों ने श्यामपुर वन विभाग के कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर बंदरों को पकड़ने की मांग की थी। कांगड़ी के ग्राम प्रधान राजेश कुमार, बबलू पाल, फकीरचंद, मामचंद, सुनील पाल, राजकुमार, राम प्रकाश शर्मा, धर्मपाल, मुन्नू आदि का कहना है कि बड़ी मुश्किल से किसान फसल तैयार करते हैं, लेकिन बंदर पूरी फसल बरबाद कर देते हैं। वन विभाग की ओर से बंदरों की बढ़ती तादाद को रोकने के लिए चिड़ियापुर वन्य जीव रेस्क्यू सेंटर में नसबंदी केंद्र बनाया था, लेकिन डाक्टरों की नियुक्ति नहीं होने से यह हॉस्पिटल शोपीस बना हुआ है। वन विभाग की ओर से बंदरों को पकड़ने के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया जा रहे है।
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