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मां को सड़क पर छोड़कर, चलता बना कलयुगी श्रवण
Updated Tue, 22 Aug 2017 10:43 PM IST
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देवप्रयाग। ऊधमसिंह नगर जिले का काशीपुर निवासी एक युवक अपनी मां को चारधाम यात्रा कराने के नाम पर लेकर आया और उसे देवप्रयाग में छोड़कर भाग निकला। सड़क किनारे रोती हुई महिला को देख लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पूछताछ के बाद पुलिस ने महिला को उसके बड़े बेटे के सुपुर्द कर दिया है।
थानाध्यक्ष विनोद राणा ने बताया कि काशीपुर निवासी सुबोध अपनी मां को चारधाम यात्रा के नाम पर देवप्रयाग लाया था। यहां भवीट चुंगी के समीप मां सावित्री देवी (65) को वाहन से उतार सड़क किनारे चादर पर बैठा दिया और यह कहकर वहां से चला गया कि वह उसके लिए पानी लेकर आ रहा है, लेकिन वह लौटा नहीं। जब काफी देर तक वह नहीं लौटा तो मां चिंतित होकर रोने लगी। सड़क किनारे महिला को रोते देख एक बाइक सवार ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस पूछताछ में महिला ने कीर्तिनगर पीडब्ल्यूडी में कार्यरत एक महिला का नाम बताया। पुलिस ने उक्त महिला से संपर्क कर उससे सावित्री देवी के दूसरे बेटे दीपक का नंबर लिया। दीपक हल्द्वानी में बैंक ऑफ बड़ौदा में कार्यरत है। पुलिस से सूचना मिलने पर दीपक मंगलवार सुबह देवप्रयाग पहुंचा। यहां पुलिस ने सावित्री देवी को दीपक के सुपुर्द कर दिया। पुलिस क्षेत्राधिकारी के मुताबिक सुबोध पिछले 12 साल से अपने भाई दीपक से अलग रहता है और वह कहां रह रहा था और कै से रह रहा था इसका उसे कुछ पता नहीं नहीं है। मां भी सुबोध के साथ ही रहती है। उन्होंने कहा कि उन्हें क्षेत्र में सुबोध को ढूंढने की काफी कोशिश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
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थानाध्यक्ष विनोद राणा ने बताया कि काशीपुर निवासी सुबोध अपनी मां को चारधाम यात्रा के नाम पर देवप्रयाग लाया था। यहां भवीट चुंगी के समीप मां सावित्री देवी (65) को वाहन से उतार सड़क किनारे चादर पर बैठा दिया और यह कहकर वहां से चला गया कि वह उसके लिए पानी लेकर आ रहा है, लेकिन वह लौटा नहीं। जब काफी देर तक वह नहीं लौटा तो मां चिंतित होकर रोने लगी। सड़क किनारे महिला को रोते देख एक बाइक सवार ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस पूछताछ में महिला ने कीर्तिनगर पीडब्ल्यूडी में कार्यरत एक महिला का नाम बताया। पुलिस ने उक्त महिला से संपर्क कर उससे सावित्री देवी के दूसरे बेटे दीपक का नंबर लिया। दीपक हल्द्वानी में बैंक ऑफ बड़ौदा में कार्यरत है। पुलिस से सूचना मिलने पर दीपक मंगलवार सुबह देवप्रयाग पहुंचा। यहां पुलिस ने सावित्री देवी को दीपक के सुपुर्द कर दिया। पुलिस क्षेत्राधिकारी के मुताबिक सुबोध पिछले 12 साल से अपने भाई दीपक से अलग रहता है और वह कहां रह रहा था और कै से रह रहा था इसका उसे कुछ पता नहीं नहीं है। मां भी सुबोध के साथ ही रहती है। उन्होंने कहा कि उन्हें क्षेत्र में सुबोध को ढूंढने की काफी कोशिश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
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