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तटबंध कई जगह क्षतिग्रस्त, छह सौ मीटर बहा मिला
Updated Fri, 18 Aug 2017 10:47 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
सिंचाई विभाग की ओर से बाढ़ सुरक्षा के तहत ग्राम कलसिया में गंगा नदी पर बनाए गए तटबंध में मानकों की अनेदखी की शिकायत की थी। जिस पर सिंचाई विभाग के अपर सचिव देवेंद्र पालीवाल एवं प्रमुख अभियंता एके गुप्ता के निरीक्षण में तटबंध कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त तथा करीब 600 मीटर बहा मिला।
सिंचाई खंड हरिद्वार के अधिशासी अभियंता आरके तिवारी ने बताया कि गंगा नदी के बहाव की दिशा बदलने से तटबंध बहा है। उन्होंने गंगा नदी के बहाव की दिशा बदलने का ठीकरा बालावाली में निर्माणाधीन पुल की कार्यदायी संस्था के सिर फोड़ा है। बताया कि निर्माणाधीन पुल के 20 पिलरों के बीच के वाटर वे के अंदर सिल्ट जमा होने से गंगा नदी तटबंध के दाईं ओर हो गई है, जिससे तटबंध के साथ समानांतर गंगा बह रही है। इससे ही तटबंध क्षतिग्रस्त हुआ है। उन्होंने दावा किया कि अभी गंगा के कटाव से किसी गांव को खतरा नहीं है। अपर सचिव व प्रमुख अभियंता ने निरीक्षण के बाद तटबंध मरम्मत कराने का निर्देश दिए हैं।
सूत्रों ने बताया कि तटबंध निर्माण मानकों के अनुसार नहीं होने की ग्रामीणों की शिकायतों की भी शासन तथा सिंचाई विभाग के मुख्यालय स्तर पर जांच चल रही है। दोनों अधिकारियों का संयुक्त निरीक्षण का उद्देश्य शिकायतों की सत्यता जांचना भी था। कलसिया में 600 मीटर तटबंध बहने के साथ कई स्थानों पर तटबंध क्षतिग्रस्त पाए जाने से शिकायतों की प्रथम दृष्टया पुष्टि भी हो गई है।
हरिद्वार।
सिंचाई विभाग की ओर से बाढ़ सुरक्षा के तहत ग्राम कलसिया में गंगा नदी पर बनाए गए तटबंध में मानकों की अनेदखी की शिकायत की थी। जिस पर सिंचाई विभाग के अपर सचिव देवेंद्र पालीवाल एवं प्रमुख अभियंता एके गुप्ता के निरीक्षण में तटबंध कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त तथा करीब 600 मीटर बहा मिला।
सिंचाई खंड हरिद्वार के अधिशासी अभियंता आरके तिवारी ने बताया कि गंगा नदी के बहाव की दिशा बदलने से तटबंध बहा है। उन्होंने गंगा नदी के बहाव की दिशा बदलने का ठीकरा बालावाली में निर्माणाधीन पुल की कार्यदायी संस्था के सिर फोड़ा है। बताया कि निर्माणाधीन पुल के 20 पिलरों के बीच के वाटर वे के अंदर सिल्ट जमा होने से गंगा नदी तटबंध के दाईं ओर हो गई है, जिससे तटबंध के साथ समानांतर गंगा बह रही है। इससे ही तटबंध क्षतिग्रस्त हुआ है। उन्होंने दावा किया कि अभी गंगा के कटाव से किसी गांव को खतरा नहीं है। अपर सचिव व प्रमुख अभियंता ने निरीक्षण के बाद तटबंध मरम्मत कराने का निर्देश दिए हैं।
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सूत्रों ने बताया कि तटबंध निर्माण मानकों के अनुसार नहीं होने की ग्रामीणों की शिकायतों की भी शासन तथा सिंचाई विभाग के मुख्यालय स्तर पर जांच चल रही है। दोनों अधिकारियों का संयुक्त निरीक्षण का उद्देश्य शिकायतों की सत्यता जांचना भी था। कलसिया में 600 मीटर तटबंध बहने के साथ कई स्थानों पर तटबंध क्षतिग्रस्त पाए जाने से शिकायतों की प्रथम दृष्टया पुष्टि भी हो गई है।
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