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मशरुम से स्वरोजगार करेंगी नगर क्षेत्र की महिलाएं
Updated Mon, 07 Aug 2017 10:20 PM IST
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गोपेश्वर। ग्रामीण क्षेत्रों के बाद अब शहरी क्षेत्र की महिलाएं भी स्वरोजगार कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करेंगी। चमोली नगर पालिका महिलाओं के समूह बनाकर उन्हें मशरूम के कृषिकरण के लिए प्रोत्साहित करेगी। महिलाओं को इसके लिए बाकायदा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाएं महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं। महिलाएं पशुपालन, मुर्गी पालन और चारापत्ती व जड़ी-बूटी के कृषिकरण कर आर्थिकी अर्जित कर रही हैं। अब नगर पालिका ने भी नगर की महिलाओं को स्वरोजगार करने के लिए प्रेरित किया है। चमोली नगर पालिका की ओर से 45 महिला स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं। प्रत्येक समूह में पांच-पांच महिलाएं हैं। इन महिलाओं को मशरूम उपलब्ध कराए जाएंगे। गोपेश्वर की गुड्डी देवी कहती हैं कि बंदर, सुअर और लंगूर परंपरागत फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे महिलाएं खेती से विमुख हो रही हैं। मशरूम का उत्पादन महिलाओं की आर्थिकी का मजबूत जरिया बन सकता है। नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत का कहना है कि नगर की महिलाओं को मशरूम की खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा। वन्य जीव इसे नुकसान नहीं पहुंचा सकते हैं। पालिका गैरसैंण से मशरूम क्रय करेगी और महिलाओं को उपलब्ध कराएगी। अभी पालिका की ओर से भोटिया जनजाति की महिलाओं को ऊनी वस्त्रों के उत्पादन, कड़ाई, सिलाई का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाएं महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं। महिलाएं पशुपालन, मुर्गी पालन और चारापत्ती व जड़ी-बूटी के कृषिकरण कर आर्थिकी अर्जित कर रही हैं। अब नगर पालिका ने भी नगर की महिलाओं को स्वरोजगार करने के लिए प्रेरित किया है। चमोली नगर पालिका की ओर से 45 महिला स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं। प्रत्येक समूह में पांच-पांच महिलाएं हैं। इन महिलाओं को मशरूम उपलब्ध कराए जाएंगे। गोपेश्वर की गुड्डी देवी कहती हैं कि बंदर, सुअर और लंगूर परंपरागत फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे महिलाएं खेती से विमुख हो रही हैं। मशरूम का उत्पादन महिलाओं की आर्थिकी का मजबूत जरिया बन सकता है। नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत का कहना है कि नगर की महिलाओं को मशरूम की खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा। वन्य जीव इसे नुकसान नहीं पहुंचा सकते हैं। पालिका गैरसैंण से मशरूम क्रय करेगी और महिलाओं को उपलब्ध कराएगी। अभी पालिका की ओर से भोटिया जनजाति की महिलाओं को ऊनी वस्त्रों के उत्पादन, कड़ाई, सिलाई का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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