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पति की पेंशन पर दो प त् नियों का दावा
Updated Tue, 01 Aug 2017 10:42 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
यहां ऊर्जा निगम में तैनात गंगाराम की मौत के बाद दो महिलाओं ने स्वयं को उनकी बीबी होने का दावा करते हुए पारिवारिक पेंशन की मांग की है। मृतक आश्रित के तौर पर दोनों पत्नियों की लड़कियों ने भी नौकरी के लिए आवेदन किया है। ऐसे में विभाग असमंजस में है। मामला मंगलवार को जिलाधिकारी के जनता दरबार में पहुंचा तो उनहोंने सिविल कोर्ट जाने की राय दी है।
मंगलवार को जनता दरबार में ऐसा मामला आया कि जिलाधिकारी को सुनने में आधा घंटा लग गया। ऊर्जा निगम में कार्यरत गंगाराम दत्त की मौत के बाद अब उनकी पारिवारिक पेंशन पर दो महिलाओं ने दावा किया है। जबकि मृतक आश्रित के नाते दोनों महिलाओं की लड़कियों ने नौकरी पर अपना हक जताया है।
गंगाराम की पहली पत्नी विद्यावती दरअसल उनके बड़े भाई की ब्याहता थी। शादी के कुछ समय बाद ही उनके बड़े भाई मोहन दत्त की मौत हो गई थी। ऐसे में परिवारजनों ने बेवा विद्यावती की शादी गंगाराम से करा दी। कुछ माह बाद दोनों का तालमेल बिगड़ गया तो विद्यावती अपने मायके चली गई। इस बीच गंगादत्त ने चंपा देवी से शादी कर ली। चंपा देवी से एक बेटी हुई। बेटी होने के बाद गंगाराम मायके से विद्यावती को भी ले लाया और दोनों परिवारों को पालने लगा। इस बीच विद्यावती से गंगाराम की दो पुत्रियां हुईं। अब गंगाराम की मौत के बाद दोनों पत्नियां पारिवारिक पेंशन पर अपना हक जता रही हैं। जबकि मृतक आश्रित होने के चलते नौकरी पाने के लिए भी दोनों की लड़कियों में होड़ है। दोनों की स्वयं को असली बीबी करार दे रही हैं। तहसील में मामला तब पहुंचा जब ऊर्जा निगम ने रिपोर्ट मांगी। तहसील की ओर से दो बीबियां होने की रिपोर्ट दी गई। मंगलवार को पेंशन और नौकरी की चाहत में दोनों पक्ष जिलाधिकारी के जनता दरबार में पहुंच गए। मामला सुनने के बाद जिलाधिकारी ने उन्हें सिविल कोर्ट में जाने की सलाह दी है। ऊर्जा निगम की अधिशासी अभियंता वीएस पंवार की मानें तो गंगाराम की दो बेटियों ने नौकरी के लिए आवेदन किया है। जबकि पेंशन के लिए दोनों पत्नी अपना दावा कर रही हैं।
हरिद्वार।
यहां ऊर्जा निगम में तैनात गंगाराम की मौत के बाद दो महिलाओं ने स्वयं को उनकी बीबी होने का दावा करते हुए पारिवारिक पेंशन की मांग की है। मृतक आश्रित के तौर पर दोनों पत्नियों की लड़कियों ने भी नौकरी के लिए आवेदन किया है। ऐसे में विभाग असमंजस में है। मामला मंगलवार को जिलाधिकारी के जनता दरबार में पहुंचा तो उनहोंने सिविल कोर्ट जाने की राय दी है।
मंगलवार को जनता दरबार में ऐसा मामला आया कि जिलाधिकारी को सुनने में आधा घंटा लग गया। ऊर्जा निगम में कार्यरत गंगाराम दत्त की मौत के बाद अब उनकी पारिवारिक पेंशन पर दो महिलाओं ने दावा किया है। जबकि मृतक आश्रित के नाते दोनों महिलाओं की लड़कियों ने नौकरी पर अपना हक जताया है।
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गंगाराम की पहली पत्नी विद्यावती दरअसल उनके बड़े भाई की ब्याहता थी। शादी के कुछ समय बाद ही उनके बड़े भाई मोहन दत्त की मौत हो गई थी। ऐसे में परिवारजनों ने बेवा विद्यावती की शादी गंगाराम से करा दी। कुछ माह बाद दोनों का तालमेल बिगड़ गया तो विद्यावती अपने मायके चली गई। इस बीच गंगादत्त ने चंपा देवी से शादी कर ली। चंपा देवी से एक बेटी हुई। बेटी होने के बाद गंगाराम मायके से विद्यावती को भी ले लाया और दोनों परिवारों को पालने लगा। इस बीच विद्यावती से गंगाराम की दो पुत्रियां हुईं। अब गंगाराम की मौत के बाद दोनों पत्नियां पारिवारिक पेंशन पर अपना हक जता रही हैं। जबकि मृतक आश्रित होने के चलते नौकरी पाने के लिए भी दोनों की लड़कियों में होड़ है। दोनों की स्वयं को असली बीबी करार दे रही हैं। तहसील में मामला तब पहुंचा जब ऊर्जा निगम ने रिपोर्ट मांगी। तहसील की ओर से दो बीबियां होने की रिपोर्ट दी गई। मंगलवार को पेंशन और नौकरी की चाहत में दोनों पक्ष जिलाधिकारी के जनता दरबार में पहुंच गए। मामला सुनने के बाद जिलाधिकारी ने उन्हें सिविल कोर्ट में जाने की सलाह दी है। ऊर्जा निगम की अधिशासी अभियंता वीएस पंवार की मानें तो गंगाराम की दो बेटियों ने नौकरी के लिए आवेदन किया है। जबकि पेंशन के लिए दोनों पत्नी अपना दावा कर रही हैं।
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