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लंगूर के हमले के डर से बच्चों को नहीं भेजा स्कूल
Updated Tue, 25 Jul 2017 11:47 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
श्यामपुर।
लाहरपुर गांव के लोगों ने लंगूरों के डर से अपने बच्चे स्कूल नहीं भेजे। ग्रामीणों ने कहा कि लंगूर और बंदरों को पकड़ने के बाद ही वह अपने बच्चों को स्कूल भेजेंगे। वहीं वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि कटखने लंगूर को पिंजरे में बंद कर दिया गया है।
सोमवार को स्कूल जाते समय दो बच्चों पर लंगूर ने हमला कर घायल कर दिया था। दोनों बच्चों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस घटना से लाहपुर गांव के बच्चों एवं अभिभावकों में लंगूर की दहशत तारी हो गई। यही वजह है कि मंगलवार को काफी बच्चे स्कूल नहीं जा पाए। राजकीय प्राथमिक विद्यालय लाहरपुर की प्रधानाध्यापिका भावना देवी ने बताया कि बंदराें और लंगूर की दहशत से विद्यालय में 70 बच्चों में से केवल 36 ही उपस्थित हुए। इनमें से भी कुछ बच्चे भोजनमाताओं के साथ लंच के बाद घर चले गए। लंच के बाद में स्कूल में 12 बच्चे ही थे। वहीं जूनियर हाईस्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक गुलाब सिंह सैनी का कहना है कि उनके विद्यालय में 39 बच्चे हैं। सोमवार को दो बच्चों पर लंगूर के हमले की दहशत से 19 बच्चे ही उपस्थित हुए। लंच में सहायक अध्यापक धनेंद्र कुमार, सुमन सैनी ने घर-घर जाकर ग्रामीणों से संपर्क किया, लेकिन परिजनों ने लंगूर के पकड़े जाने के बाद ही बच्चों को स्कूल भेजने की बात कही है। ओवीडी सरस्वती पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य सुरेश सैनी ने बताया कि लंगूर की दहशत के कारण 15 बच्चे स्कूल नहीं आए। ग्रामीण छोटन सिंह, राजेंद्र सिंह, मायाराम, संतराम आदि का कहना है कि बंदर- लंगूरों के बढ़ते हमले बच्चों के लिए खतरे से खाली नहीं है। डर के मारे मंगलवार को कुछ बच्चों के परिजन एक साथ एकत्रित होकर लाठी-डंडों के साथ बच्चों को स्कूल छोड़ने और लेने गए। चिड़ियापुर रेंज केवन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र सिंह हिंगवान का कहना है कि जिस लंगूर ने बच्चों पर हमला किया था उसे वन विभाग की टीम ने शाम को पकड़ कर रेस्क्यू सेंटर में बंद कर दिया है। अन्य लंगूर व बंदरों को पकड़ने के लिए कार्रवाई जारी है।
श्यामपुर।
लाहरपुर गांव के लोगों ने लंगूरों के डर से अपने बच्चे स्कूल नहीं भेजे। ग्रामीणों ने कहा कि लंगूर और बंदरों को पकड़ने के बाद ही वह अपने बच्चों को स्कूल भेजेंगे। वहीं वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि कटखने लंगूर को पिंजरे में बंद कर दिया गया है।
सोमवार को स्कूल जाते समय दो बच्चों पर लंगूर ने हमला कर घायल कर दिया था। दोनों बच्चों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस घटना से लाहपुर गांव के बच्चों एवं अभिभावकों में लंगूर की दहशत तारी हो गई। यही वजह है कि मंगलवार को काफी बच्चे स्कूल नहीं जा पाए। राजकीय प्राथमिक विद्यालय लाहरपुर की प्रधानाध्यापिका भावना देवी ने बताया कि बंदराें और लंगूर की दहशत से विद्यालय में 70 बच्चों में से केवल 36 ही उपस्थित हुए। इनमें से भी कुछ बच्चे भोजनमाताओं के साथ लंच के बाद घर चले गए। लंच के बाद में स्कूल में 12 बच्चे ही थे। वहीं जूनियर हाईस्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक गुलाब सिंह सैनी का कहना है कि उनके विद्यालय में 39 बच्चे हैं। सोमवार को दो बच्चों पर लंगूर के हमले की दहशत से 19 बच्चे ही उपस्थित हुए। लंच में सहायक अध्यापक धनेंद्र कुमार, सुमन सैनी ने घर-घर जाकर ग्रामीणों से संपर्क किया, लेकिन परिजनों ने लंगूर के पकड़े जाने के बाद ही बच्चों को स्कूल भेजने की बात कही है। ओवीडी सरस्वती पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य सुरेश सैनी ने बताया कि लंगूर की दहशत के कारण 15 बच्चे स्कूल नहीं आए। ग्रामीण छोटन सिंह, राजेंद्र सिंह, मायाराम, संतराम आदि का कहना है कि बंदर- लंगूरों के बढ़ते हमले बच्चों के लिए खतरे से खाली नहीं है। डर के मारे मंगलवार को कुछ बच्चों के परिजन एक साथ एकत्रित होकर लाठी-डंडों के साथ बच्चों को स्कूल छोड़ने और लेने गए। चिड़ियापुर रेंज केवन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र सिंह हिंगवान का कहना है कि जिस लंगूर ने बच्चों पर हमला किया था उसे वन विभाग की टीम ने शाम को पकड़ कर रेस्क्यू सेंटर में बंद कर दिया है। अन्य लंगूर व बंदरों को पकड़ने के लिए कार्रवाई जारी है।
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