यूपी के 15 पीसीएस हारे कानूनी जंग, आना होगा उत्तराखंड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड काडर अलॉट होने के बावजूद यूपी में बने रहने के लिए करीब 16 साल से कानूनी लड़ाई लड़ रहे 15 पीसीएस अफसरों को अब उत्तराखंड में ज्वाइनिंग देनी ही होगी। कानूनी लड़ाई हारने के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने इन सभी को कार्यमुक्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं। अब इन अफसरों को उत्तराखंड को ही अपना ठिकाना बनाना होगा। उम्मीद है, वे सितंबर के पहले सप्ताह में यहां अपनी ज्वाइनिंग दे देंगे।
गौरतलब है कि नया राज्य बनने के बाद काडर विभाजन हुआ था। इसमें आईएएस के अलावा तमाम पीसीएस अधिकारियों को उत्तराखंड काडर अलॉट हुआ था। मगर यहां आने से बचने के लिए पीसीएस अधिकारी उदय राज सिंह, देवकृष्ण तिवारी, प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, सीताराम गुप्ता, आनंद स्वरूप, तुलसी राम, राजेंद्र प्रसाद यादव, राजेंद्र सिंह, रामविलास यादव, कैप्टन आलोक शेखर तिवारी, राजेंद्र कुमार, कर्मेंद्र सिंह, बालमयंक मिश्रा, कर्मेंद्र सिंह और उमेश नारायण पांडेय ने कोर्ट की शरण ली। इस बाबत एक याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर की गई।
कई तारीखों पर सुनवाई के बाद वर्ष 2002 में इसे कोर्ट ने निरस्त कर दिया। इसके बाद वर्ष 2003 में अफसरों ने इस निर्णय के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी। वहां से हाईकोर्ट के आदेश पर स्टे हो गया।
सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
सुप्रीम कोर्ट में लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद वर्ष 2015 की शुरुआत में कोर्ट ने उत्तराखंड भेजने के निर्णय को सही ठहराते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को इन्हें कार्यमुक्त करने का आदेश जारी कर दिया तो इन अफसरों ने एक बार फिर कुछ अन्य बिंदुओं के साथ हाईकोर्ट में नई रिट दायर कर दी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू दायर किया गया। इस पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार को इन्हें कार्यमुक्त करने का आदेश जारी किया। आदेश में यह भी कहा गया है कि इन्हें कार्यमुक्त करके पांच सितंबर तक कोर्ट को अवगत कराएं।
इसके बाद 28 अगस्त को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इन सभी को कार्यमुक्त करने के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए। सूत्रों की मानें तो सितंबर के पहले सप्ताह में ज्यादातर अफसर यहां अपनी ज्वाइनिंग की औपचारिकता पूरी करेंगे।
प्रमोशन में पिछड़ेंगे मौजूदा पीसीएस
जिन अधिकारियों को उत्तर प्रदेश से कार्यमुक्त किया गया है, उनमें 1986 से 1997 बैच के बीच के पीसीएस अफसर शामिल हैं। इनमें से विजय यादव, उदयवीर सिंह, राजीव रौतेला आईएएस हो चुके हैं। इनके बारे में अलग से निर्णय लिया जाएगा।
उधर, खबर यह भी है कि इन अफसरों के आने के बाद उत्तराखंड के अधिकारियों के प्रमोशन में देरी होगी, कारण कि यहां आने वाले ज्यादातर अफसर प्रमोशन की वेटिंग लिस्ट में आएंगे और सीनियारिटी अधिक होने के कारण प्रमोशन में पहले इनका नंबर लगेगा।
शासन में तैनात अफसरों की मानें तो लंबे समय से राज्य में अधिकारियों का टोटा था, जो इनके आने से दूर हो जाएगा। इसके बाद सचिवालय में तैनात अन्य सेवाओं के अधिकारियों को भी यहां से खिसकना पड़ सकता है।