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नये सत्र से होगा राफ्टिंग करने वाले पर्यटकों का बायोमीट्रिक
Updated Tue, 13 Jun 2017 02:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
कौड़ियाला-मुनिकीरेती राफ्टिंग जोन में विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर सोमवार को गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति की बैठक में चर्चा की गई। इस अवसर पर समिति की ओर से जिला प्रशासन के समक्ष राफ्टिंग के लिए आने वाले सैलानियों के बायोमीट्रिक रजिस्ट्रेशन का प्रस्ताव रखा गया। इस पर नये सत्र से अमल शुरू हो जाएगा। साथ ही गंगा में राफ्टिंग गतिविधियों की मॉनिटरिंग व फर्जी तरीके से संचालित राफ्टों की धरपकड़ के लिए शुरुआत व समाप्ति वाले स्थानों पर चेकपोस्ट स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। राफ्ट संचालकों पर निगरानी का जिम्मा गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति द्वारा गठित की जाने वाली उप समिति को सौंपा जाएगा।
नगर पालिका मुनिकीरेती सभागार मेें सोमवार को जिलाधिकारी सोनिका की अध्यक्षता में गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। इसमें डीएम ने राफ्टिंग संचालकों के साथ व्यवस्थाओं पर चर्चा की और सुझाव मांगे। इस दौरान तय किया गया कि राफ्टिंग के नये सत्र सितंबर से राफ्टिंग करने वाले प्रत्येक पर्यटक का बायोमीट्रिक रजिस्ट्रेशन होगा। इसके लिए समिति ने डीएम के समक्ष तैयार किया गया प्रपोजल रख दिया है। राफ्ट संचालन के लाइसेंस के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाएगा। संचालकों को निर्धारित मानक पूरे करने पर ही लाइसेंस जारी होंगे। लाइसेंस जारी करने से पूर्व उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद यूटीडीपी को संबंधित संचालक को एसडीएम व पुलिस क्षेत्राधिकारी नरेंद्रनगर द्वारा जारी एनओसी लेना जरूरी होगा। राफ्टों में ओवरलोडिंग और नियमों की अनदेखी के मामले में गतिविधियों पर निगरानी के लिए राफ्टिंग के स्टार्टटिंग और एंडिंग प्वाइंटों पर चेक पोस्ट बनेंगे। इनमें समिति के साथ ही पर्यटन विभाग, वन विभाग और पुलिस के कर्मचारी तैनात रहेंगे। बताया कि राफ्टिंग कंपनियों के रेट निर्धारण और उल्लंघन करने पर जुर्माने होगा। बैठक में राफ्टिंग कंपनियों के संचालकों ने समिति को दो स्थानों पर कार्यालय और अन्य जरूरी सुविधाएं देने की मांग भी उठाई। डीएम सोनिका ने बताया कि जल्द एसडीएम की अध्यक्षता में उप समिति का गठन कर लिया जाएगा। जिसकी रिपोर्ट के आधार पर समिति के कार्यों का निर्धारित की जाएगा। वहीं, एसएसपी विमला गुंज्याल ने राफ्ट संचालकों से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बनाने में सहयोग करने को कहा। बैठक में डीएफओ राहुल, जिला पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा, यूटीडीपी के प्रदीप सिंह नेगी, सीओ जीबी पांडेय, मधुसूदन बलूनी, सीमा शर्मा, किरन टोडरिया, दिनेश कठैत, देवेंद्र सिंह रावत, धर्मेंद्र नेगी, योगेश बहुगुणा, जगदीश चंद्रा, विक्रम कोठियाल, वेद प्रकाश मैठाणी, दीपक शाह, आरएस चौधरी आदि मौजूद थे।
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ऋषिकेश।
कौड़ियाला-मुनिकीरेती राफ्टिंग जोन में विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर सोमवार को गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति की बैठक में चर्चा की गई। इस अवसर पर समिति की ओर से जिला प्रशासन के समक्ष राफ्टिंग के लिए आने वाले सैलानियों के बायोमीट्रिक रजिस्ट्रेशन का प्रस्ताव रखा गया। इस पर नये सत्र से अमल शुरू हो जाएगा। साथ ही गंगा में राफ्टिंग गतिविधियों की मॉनिटरिंग व फर्जी तरीके से संचालित राफ्टों की धरपकड़ के लिए शुरुआत व समाप्ति वाले स्थानों पर चेकपोस्ट स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। राफ्ट संचालकों पर निगरानी का जिम्मा गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति द्वारा गठित की जाने वाली उप समिति को सौंपा जाएगा।
नगर पालिका मुनिकीरेती सभागार मेें सोमवार को जिलाधिकारी सोनिका की अध्यक्षता में गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। इसमें डीएम ने राफ्टिंग संचालकों के साथ व्यवस्थाओं पर चर्चा की और सुझाव मांगे। इस दौरान तय किया गया कि राफ्टिंग के नये सत्र सितंबर से राफ्टिंग करने वाले प्रत्येक पर्यटक का बायोमीट्रिक रजिस्ट्रेशन होगा। इसके लिए समिति ने डीएम के समक्ष तैयार किया गया प्रपोजल रख दिया है। राफ्ट संचालन के लाइसेंस के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाएगा। संचालकों को निर्धारित मानक पूरे करने पर ही लाइसेंस जारी होंगे। लाइसेंस जारी करने से पूर्व उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद यूटीडीपी को संबंधित संचालक को एसडीएम व पुलिस क्षेत्राधिकारी नरेंद्रनगर द्वारा जारी एनओसी लेना जरूरी होगा। राफ्टों में ओवरलोडिंग और नियमों की अनदेखी के मामले में गतिविधियों पर निगरानी के लिए राफ्टिंग के स्टार्टटिंग और एंडिंग प्वाइंटों पर चेक पोस्ट बनेंगे। इनमें समिति के साथ ही पर्यटन विभाग, वन विभाग और पुलिस के कर्मचारी तैनात रहेंगे। बताया कि राफ्टिंग कंपनियों के रेट निर्धारण और उल्लंघन करने पर जुर्माने होगा। बैठक में राफ्टिंग कंपनियों के संचालकों ने समिति को दो स्थानों पर कार्यालय और अन्य जरूरी सुविधाएं देने की मांग भी उठाई। डीएम सोनिका ने बताया कि जल्द एसडीएम की अध्यक्षता में उप समिति का गठन कर लिया जाएगा। जिसकी रिपोर्ट के आधार पर समिति के कार्यों का निर्धारित की जाएगा। वहीं, एसएसपी विमला गुंज्याल ने राफ्ट संचालकों से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बनाने में सहयोग करने को कहा। बैठक में डीएफओ राहुल, जिला पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा, यूटीडीपी के प्रदीप सिंह नेगी, सीओ जीबी पांडेय, मधुसूदन बलूनी, सीमा शर्मा, किरन टोडरिया, दिनेश कठैत, देवेंद्र सिंह रावत, धर्मेंद्र नेगी, योगेश बहुगुणा, जगदीश चंद्रा, विक्रम कोठियाल, वेद प्रकाश मैठाणी, दीपक शाह, आरएस चौधरी आदि मौजूद थे।
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