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इलाज में ‘रेर्ग्रेशन एनालिसिस’ डाटा की भूमिका अहम
Updated Sun, 14 Oct 2018 01:52 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
दून मेडिकल कॉलेज, श्री गुरुराम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में चिकित्सा क्षेत्र में शोधों के प्रोत्साहन पर चर्चा की गई। कार्यशाला का उद्घाटन एसजीआरआर विवि के कुलपति डॉ. पीपी ध्यानी व एचएन बहुगुणा विवि के कुलपति डॉ. हेमचंद्र ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यशाला के दौरान प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार मेहता ने चिकित्सा शोध के क्षेत्र में सांख्यिकीय उपकरणों के महत्व की जानकारी दी। दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता ने कहा कि ‘रेर्ग्रेशन‘ शब्द को गाल्टन द्वारा 19वीं शताब्दी में मध्यस्थता की प्रवृति को दर्शाने के लिए किया था जो कि चिकित्सा डाटा के कई विश्लेषणों का आधार बन गया है। इसके अलावा आयोजन सचिव डॉ. पुनीत ओहरी ने ‘रेर्ग्रेशन एनालिसिस’ के बारे में विस्तार से जानकारी दी। दून मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर व कम्यूनिटी मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ. भोलानाथ ने उत्तराखंड में कार्यशाला के आयोजन पर खुशी जाहिर की। कार्यशाला में उत्तराखंड के अलावा उड़ीसा, दिल्ली समेत कई राज्यों के मेडिकल कॉलेजोें के प्रतिनिधि शामिल हुए। समापन समारोह में एसजीआरआर विवि के कुलाधिपति श्री महंत देवेंद्र दास, डॉ. केएस नेगी, डॉ. मेघा लूथरा, डॉ. शिवकुमार यादव, डॉ. अश्विनी शर्मा, डॉ. सोनम माहेश्वरी, डॉ. रुचि, डॉ. मशरूफ एच. खान, डॉ. चारू क्षेत्री, डॉ. सौम्या मोहंती आदि शामिल रहे। इस दौरान डॉ. रिचा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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दून मेडिकल कॉलेज, श्री गुरुराम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में चिकित्सा क्षेत्र में शोधों के प्रोत्साहन पर चर्चा की गई। कार्यशाला का उद्घाटन एसजीआरआर विवि के कुलपति डॉ. पीपी ध्यानी व एचएन बहुगुणा विवि के कुलपति डॉ. हेमचंद्र ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यशाला के दौरान प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार मेहता ने चिकित्सा शोध के क्षेत्र में सांख्यिकीय उपकरणों के महत्व की जानकारी दी। दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता ने कहा कि ‘रेर्ग्रेशन‘ शब्द को गाल्टन द्वारा 19वीं शताब्दी में मध्यस्थता की प्रवृति को दर्शाने के लिए किया था जो कि चिकित्सा डाटा के कई विश्लेषणों का आधार बन गया है। इसके अलावा आयोजन सचिव डॉ. पुनीत ओहरी ने ‘रेर्ग्रेशन एनालिसिस’ के बारे में विस्तार से जानकारी दी। दून मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर व कम्यूनिटी मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ. भोलानाथ ने उत्तराखंड में कार्यशाला के आयोजन पर खुशी जाहिर की। कार्यशाला में उत्तराखंड के अलावा उड़ीसा, दिल्ली समेत कई राज्यों के मेडिकल कॉलेजोें के प्रतिनिधि शामिल हुए। समापन समारोह में एसजीआरआर विवि के कुलाधिपति श्री महंत देवेंद्र दास, डॉ. केएस नेगी, डॉ. मेघा लूथरा, डॉ. शिवकुमार यादव, डॉ. अश्विनी शर्मा, डॉ. सोनम माहेश्वरी, डॉ. रुचि, डॉ. मशरूफ एच. खान, डॉ. चारू क्षेत्री, डॉ. सौम्या मोहंती आदि शामिल रहे। इस दौरान डॉ. रिचा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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