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मजदूरों ने सरकार पर लगाया उत्पीड़न का आरोप

Fri, 21 Sep 2018 02:28 AM IST
Updated Fri, 21 Sep 2018 02:28 AM IST
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मजदूरों ने सरकार पर लगाया उत्पीड़न का आरोप
मजदूरों ने सरकार पर लगाया उत्पीड़न का आरोप
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
देहरादून। मजदूरों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए जन हस्तक्षेप के बैनर तले मजदूर एकता संघ, जन चेतना संघ, कम्युनिस्ट पार्टी सदस्यों ने बृहस्पतिवार को विधानसभा भवन के सामने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान मजदूरों ने भाजपा सरकार पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। धरना प्रदर्शन में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय और कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
किशोर उपाध्याय ने कहा कि भाजपा सरकार गरीबों को उजाड़ने का काम कर रही है। चुनाव में हार की डर के चलते भाजपा सरकार आधा अधूरा अध्यादेश लाई है। तीन साल तक मलिन बस्ती वालों पर कोई भी कार्रवाई न करने के अध्यादेश के सहारे भाजपा सिर्फ निकाय और लोकसभा चुनाव जीतने का सपना देख रही है। वहीं कम्युनिस्ट पार्टी के प्रदेश सचिव समर भंडारी ने कहा कि भाजपा सरकार मजदूरों का हक छीनने का काम कर रही है। मजदूरों को उजाड़ा जा रहा है, लेकिन कोई स्थाई समाधान नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा सरकार अल्पसंख्यकों के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने का काम कर रही है। विभिन्न संगठनों के धरना प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग के कारण घंटों यातायात ठप रहा। यातायात नेहरू कॉलोनी से छह नंबर पुलिया की ओर मोड़ने से लंबा जाम लग गया और देर शाम तक यातायात सामान्य हो सका। प्रदर्शन में त्रेपन सिंह चौहान, शंकर गोपाल, बची राम कंसवाल, सचानय, सुनीता, अशोक, पप्पू, नरेश, ममता, जमाल, राजेश, रामू, रविंद्र, राजाराम, हीरा लाल, शैलेश, प्रमोद, राम नरेश आदि शामिल रहे।
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ये हैं मजदूरों की मांगें
बस्ती में रहने वालों केे लिए स्थाई व्यवस्था बनाई जाए। मेहनताना और निर्माण मजदूरों को निर्माण मजदूर अधिनियम 1996 के अनुसार उनके कानूनी हक जैसे साइकिल, टूलकिट, छात्रवृत्ति और अन्य लाभ जल्द दिए जाएं। होटल और चाय बागान के मजदूरों का वेतन बढ़ाया जाए और उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार चाय बागानों को विकसित कर पुरानी स्थिति बहाल की जाए। 17 जुलाई 2018 का उच्चतम न्यायालय के भीड़ की हिंसा पर फैसले को तुरंत उत्तराखंड में लागू किया जाए।
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झोटा बुग्गी वाले भी बोले सरकार कर रही उत्पीड़न
अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले झोटा बुग्गी वालों ने भी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सभा के जिला मंत्री कमरुद्दीन ने शासन और प्रशासन उत्पीड़न का आरोप लगाया। इसके चलते मजदूर बेरोजगार होने की कगार पर हैं। इस मौके पर किसान सभा ने मसूरी उपजिलाधिकारी मिनाक्षी पेटवाल को ज्ञापन सौंपा।
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