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आज सचिवालय कूच करेंगे ऑटो संचालक
Updated Mon, 23 Apr 2018 02:24 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में एक जुलाई से केवल एलपीजी और बैटरी संचालित ऑटो रिक्शा को ही परमिट दिए जाने के फैसले के खिलाफ ऑटो संचालकों ने मोर्चा खोल दिया है। ऑटो संचालक आज इस फैसले के विरोध में सचिवालय कूच करेंगे।
रविवार को ऑटो संचालकों की एक बैठक परेड ग्राउंड में हुई। वक्ताओं ने कहा कि बैटरी और एजपीजी संचालित ऑटो रिक्शा की कीमत करीब 2.65 लाख है और यह केवल दो से तीन साल में कबाड़ हो जाता है। बैटरी संचालित ऑटो रिक्शा से आय भी कम होती है। इसीलिए पेट्रोल-डीजल संचालित ऑटो रिक्शा को ही परमिट दिए जाने का प्रावधान जारी रखा जाए। इसके अलावा बैठक में किराया मीटर की अनिवार्यता समाप्त करने, फिटनेस पूर्व की भांति एक साल किए जाने, ई-रिक्शा का संचालन मुख्य मार्गों से कराने और ओला कैब को 25 किमी की परिधि से बाहर किए जाने की भी मांग उठाई गई। बैठक में संगठन अध्यक्ष बालेंद्र सिंह तोमर, उपाध्यक्ष राशिद अहमद, महामंत्री मनींद्र सिंह बिष्ट, लेखराज, महेंद्र सिंह नेगी, बिलाल कुरेशी, साजिद अली, शहजाद अली, शेखर , कपिल, महतोष मैठाणी समेत कई उपस्थित थे।
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संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में एक जुलाई से केवल एलपीजी और बैटरी संचालित ऑटो रिक्शा को ही परमिट दिए जाने के फैसले के खिलाफ ऑटो संचालकों ने मोर्चा खोल दिया है। ऑटो संचालक आज इस फैसले के विरोध में सचिवालय कूच करेंगे।
रविवार को ऑटो संचालकों की एक बैठक परेड ग्राउंड में हुई। वक्ताओं ने कहा कि बैटरी और एजपीजी संचालित ऑटो रिक्शा की कीमत करीब 2.65 लाख है और यह केवल दो से तीन साल में कबाड़ हो जाता है। बैटरी संचालित ऑटो रिक्शा से आय भी कम होती है। इसीलिए पेट्रोल-डीजल संचालित ऑटो रिक्शा को ही परमिट दिए जाने का प्रावधान जारी रखा जाए। इसके अलावा बैठक में किराया मीटर की अनिवार्यता समाप्त करने, फिटनेस पूर्व की भांति एक साल किए जाने, ई-रिक्शा का संचालन मुख्य मार्गों से कराने और ओला कैब को 25 किमी की परिधि से बाहर किए जाने की भी मांग उठाई गई। बैठक में संगठन अध्यक्ष बालेंद्र सिंह तोमर, उपाध्यक्ष राशिद अहमद, महामंत्री मनींद्र सिंह बिष्ट, लेखराज, महेंद्र सिंह नेगी, बिलाल कुरेशी, साजिद अली, शहजाद अली, शेखर , कपिल, महतोष मैठाणी समेत कई उपस्थित थे।
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