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डीएलएड के लिए 75 प्रतिशत हाजिरी जरूरी
Updated Tue, 27 Mar 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
प्रदेश में डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) की परीक्षाएं देने के लिए प्रशिक्षण में कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। परीक्षाएं 27, 28 और 29 अप्रैल को प्रस्तावित हैं। एनआईओएस ने प्रदेश में आठ नए अध्ययन केंद्र भी बनाए हैं, जिन पर उपस्थिति बढ़ाने के लिए भी प्रशिक्षण हासिल किया जा सकता है।
इस बाबत राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) ने निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रदेशभर में करीब 415 अध्ययन केंद्रों पर व्यक्तिगत संपर्क पाठ्यक्रम (पीसीपी) के तहत डीएलएड कराया जा रहा है। परीक्षाएं 27 से 29 अप्रैल तक होनी हैं। वहीं एनआईओएस ने परीक्षा में बैठने के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति का मानदंड रखा है। विलंब से पंजीकरण कराने वाले 185 अभ्यर्थियों ने अपने प्राचार्य से डीएलएड का सत्यापन कराया है, जिनका पीसीपी नहीं हो पाया था। लिहाजा, प्रदेश में एनआईओएस ने आठ मॉडल सेंटर डायट अल्मोड़ा, चमोली में राजकीय इंटर कॉलेज गोचर, डायट देहरादून, हरिद्वार में डायट रुड़की, पौड़ी गढ़वाल में डायट चंडीगांव, ऊधमसिंह नगर व नैनीताल में डायटर रुद्रपुर, पिथौरागढ़, चंपावत व बागेश्वर में डायट डीडीहाट पिथौरागढ़ और टिहरी गढ़वाल व उत्तरकाशी में डायट टिहरी को सेंटर बनाया गया है। इन केंद्रों पर उक्त 185 के अलावा 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले अभ्यर्थी भी प्रशिक्षण ले सकते हैं। एनआईओएस के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप कुमार रावत ने बताया कि उपस्थिति कम होने पर परीक्षा में बैठने का मौका नहीं दिया जाएगा।
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प्रदेश में डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) की परीक्षाएं देने के लिए प्रशिक्षण में कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। परीक्षाएं 27, 28 और 29 अप्रैल को प्रस्तावित हैं। एनआईओएस ने प्रदेश में आठ नए अध्ययन केंद्र भी बनाए हैं, जिन पर उपस्थिति बढ़ाने के लिए भी प्रशिक्षण हासिल किया जा सकता है।
इस बाबत राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) ने निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रदेशभर में करीब 415 अध्ययन केंद्रों पर व्यक्तिगत संपर्क पाठ्यक्रम (पीसीपी) के तहत डीएलएड कराया जा रहा है। परीक्षाएं 27 से 29 अप्रैल तक होनी हैं। वहीं एनआईओएस ने परीक्षा में बैठने के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति का मानदंड रखा है। विलंब से पंजीकरण कराने वाले 185 अभ्यर्थियों ने अपने प्राचार्य से डीएलएड का सत्यापन कराया है, जिनका पीसीपी नहीं हो पाया था। लिहाजा, प्रदेश में एनआईओएस ने आठ मॉडल सेंटर डायट अल्मोड़ा, चमोली में राजकीय इंटर कॉलेज गोचर, डायट देहरादून, हरिद्वार में डायट रुड़की, पौड़ी गढ़वाल में डायट चंडीगांव, ऊधमसिंह नगर व नैनीताल में डायटर रुद्रपुर, पिथौरागढ़, चंपावत व बागेश्वर में डायट डीडीहाट पिथौरागढ़ और टिहरी गढ़वाल व उत्तरकाशी में डायट टिहरी को सेंटर बनाया गया है। इन केंद्रों पर उक्त 185 के अलावा 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले अभ्यर्थी भी प्रशिक्षण ले सकते हैं। एनआईओएस के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप कुमार रावत ने बताया कि उपस्थिति कम होने पर परीक्षा में बैठने का मौका नहीं दिया जाएगा।
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