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अमूल, पारस जैसे ब्रांडेड दूध के नमूने भी मिले फेल
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जिले में अमूल व पारस जैसी ब्रांडेड कंपनियों के दूध भी खाद्य मानकों पर खरे नहीं मिले हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने देहरादून शहरी क्षेत्र में रुद्रपुर से मंगाई मोबाइल फूड लैब से पांच दिन तक रेंडम सर्विलांस अभियान चलाया। अभियान में दूध समेत विभिन्न 58 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए थे। इनमें 14 नमूनों की रिपोर्ट नकारात्मक आई है।
जिला खाद्य सुरक्षा (अभिहीत) अधिकारी पीसी जोशी के अनुसार फूड बिजनेस ऑपरेटर सहित स्थानीय नागरिकों से भी मोबाइल फूड लैब में दैनिक उपयोग की खाद्य वस्तुओं का परीक्षण करने की अपील की गई थी। अभियान के तहत 58 खाद्य नमूनों की गुणवत्ता का परीक्षण फूड एनेलिस्ट की टीम द्वारा मोबाइल लैब में किया गया। जांच में नौ नमूने फेल पाए गए। शहर में बिक रहे आनंदा, पारस, पतंजलि, मदर डेयरी, श्वेत धारा, अमूल डेरी इंडिया का परीक्षण किया गया। इसमें तीन नमूने फेल मिले। इनमें पारस ब्रांड फुल क्रीम दूध, अमूल ब्रांड निर्माता पैक्ड कंपनी अविना मिल्क प्राइवेट लिमिटेड हरिद्वार और मिल्क इंडिया ब्रांड डबल टोंड दूध खाद्य सुरक्षा के मानकों पर खरे नहीं पाए गए हैं। पैकेट में प्रदर्शित न्यूट्रिशन की मात्रा निर्धारित से कम मिली है।
इसी तरह नौ रिटेल डेयरी शॉप से खुले दूध के रेंडम सर्विलांस नमूने लिए गए। इनमें चार डेयरी से लिए गए खुले दूध के नमूने फेल मिले। इनमें भी न्यूट्रिशन की मात्रा निर्धारित से कम पाई गई है। जो कि पानी की मिलावट या दूध की प्रॉपर हेंडलिंग नहीं होने के कारण भी हो सकती है। लो न्यूट्रिशन दूध का नियमित तौर पर सेवन करने से कैल्शियम सहित कई माइक्रोन्यूट्रिएंट की शरीर में कमी हो सकती है। मसालों में धनिया व चिली पाउडर के नमूने खाद्य सुरक्षा के मानकों पर खरे नहीं मिले। जोशी ने बताया कि जिन विक्रेता और निर्माता कंपनियों के प्रोडक्ट की जांच रिपोर्ट में कमी पाई गई है, उन्हें नोटिस भेज कर प्रोडक्ट की बिक्री रोकने और गुणवत्ता में सुधार करने के लिए नोटिस भेजा जाएगा। इन प्रोडक्ट के नमूने जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला रुद्रपुर भी भेजे जाएंगे।
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जिला खाद्य सुरक्षा (अभिहीत) अधिकारी पीसी जोशी के अनुसार फूड बिजनेस ऑपरेटर सहित स्थानीय नागरिकों से भी मोबाइल फूड लैब में दैनिक उपयोग की खाद्य वस्तुओं का परीक्षण करने की अपील की गई थी। अभियान के तहत 58 खाद्य नमूनों की गुणवत्ता का परीक्षण फूड एनेलिस्ट की टीम द्वारा मोबाइल लैब में किया गया। जांच में नौ नमूने फेल पाए गए। शहर में बिक रहे आनंदा, पारस, पतंजलि, मदर डेयरी, श्वेत धारा, अमूल डेरी इंडिया का परीक्षण किया गया। इसमें तीन नमूने फेल मिले। इनमें पारस ब्रांड फुल क्रीम दूध, अमूल ब्रांड निर्माता पैक्ड कंपनी अविना मिल्क प्राइवेट लिमिटेड हरिद्वार और मिल्क इंडिया ब्रांड डबल टोंड दूध खाद्य सुरक्षा के मानकों पर खरे नहीं पाए गए हैं। पैकेट में प्रदर्शित न्यूट्रिशन की मात्रा निर्धारित से कम मिली है।
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इसी तरह नौ रिटेल डेयरी शॉप से खुले दूध के रेंडम सर्विलांस नमूने लिए गए। इनमें चार डेयरी से लिए गए खुले दूध के नमूने फेल मिले। इनमें भी न्यूट्रिशन की मात्रा निर्धारित से कम पाई गई है। जो कि पानी की मिलावट या दूध की प्रॉपर हेंडलिंग नहीं होने के कारण भी हो सकती है। लो न्यूट्रिशन दूध का नियमित तौर पर सेवन करने से कैल्शियम सहित कई माइक्रोन्यूट्रिएंट की शरीर में कमी हो सकती है। मसालों में धनिया व चिली पाउडर के नमूने खाद्य सुरक्षा के मानकों पर खरे नहीं मिले। जोशी ने बताया कि जिन विक्रेता और निर्माता कंपनियों के प्रोडक्ट की जांच रिपोर्ट में कमी पाई गई है, उन्हें नोटिस भेज कर प्रोडक्ट की बिक्री रोकने और गुणवत्ता में सुधार करने के लिए नोटिस भेजा जाएगा। इन प्रोडक्ट के नमूने जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला रुद्रपुर भी भेजे जाएंगे।
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