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चुनाव के बाद नए सिरे से होगा मकानों का सर्वे
Updated Tue, 14 Aug 2018 02:28 AM IST
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1200 से अधिक गृह करदाताओं का नाम रिकॉर्ड से गायब
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। 1200 से अधिक गृह करदाताओं का नाम नगर निगम के रिकॉर्ड से गायब हैं। इसका पता लगाने के लिए निकाय चुनाव के बाद मकानों का नए सिरे से सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के बाद जो भवन स्वामी गृहकर नहीं दे रहे हैं, उनसे वसूली होगी। हालांकि परिसीमन के बाद जोड़ गए 72 गांवों (40 नए वार्डों) में 10 वर्षों तक गृहकर नहीं वसूला जाएगा।
नगर निगम के कर अनुभाग को डिजिटल बनाया जा रहा है। जिससे गृह करदाताओं के साथ ही उनके बकाए की भी जानकारी ऑनलाइन हो सकेगी। इतना ही नहीं भवन स्वामी घर बैठे ही गृहकर जमा करा सकेगा, लेकिन कर अनुभाग के पास 1200 से अधिक भवन स्वामियों का रिकॉर्ड गायब है। इसका पता लगाने के लिए निकाय चुनाव के बाद नए सिरे से नगर निगम क्षेत्र में भवनों का सर्वे कराया जाएगा। जिसमें सभी 100 वार्डों का सर्वे होगा। मौजूदा समय में 88 हजार गृह करदाता और आठ हजार व्यवसायिक करदाता हैं, जिनके जरिये नगर निगम को सालाना करीब 20 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है।
सर्वे के बाद पुराने 60 वार्डों में करदाताओं की संख्या सवा लाख पहुंचने की संभावना है। ऐसा होने से निगम के राजस्व में भारी इजाफा होगा। वहीं, नकरौंदा, बालावाला, मियांवाला, हर्रावाला, मोहकमपुर, नवादा, नत्थनपुर एक व दो, रायपुर, डोभाल चौक, लाडपुर, मालसी आदि समेत 40 नए वार्डों से 10 वर्ष तक गृहकर नहीं वसूला जाएगा।
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नगर निगम क्षेत्र में एक हजार से अधिक ऐसे करदाता हैं, जो गृहकर नहीं दे रहे हैं। सर्वे के बाद इन नामों को जोड़ा जाएगा और गृहकर की वसूली की जाएगी।
- विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। 1200 से अधिक गृह करदाताओं का नाम नगर निगम के रिकॉर्ड से गायब हैं। इसका पता लगाने के लिए निकाय चुनाव के बाद मकानों का नए सिरे से सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के बाद जो भवन स्वामी गृहकर नहीं दे रहे हैं, उनसे वसूली होगी। हालांकि परिसीमन के बाद जोड़ गए 72 गांवों (40 नए वार्डों) में 10 वर्षों तक गृहकर नहीं वसूला जाएगा।
नगर निगम के कर अनुभाग को डिजिटल बनाया जा रहा है। जिससे गृह करदाताओं के साथ ही उनके बकाए की भी जानकारी ऑनलाइन हो सकेगी। इतना ही नहीं भवन स्वामी घर बैठे ही गृहकर जमा करा सकेगा, लेकिन कर अनुभाग के पास 1200 से अधिक भवन स्वामियों का रिकॉर्ड गायब है। इसका पता लगाने के लिए निकाय चुनाव के बाद नए सिरे से नगर निगम क्षेत्र में भवनों का सर्वे कराया जाएगा। जिसमें सभी 100 वार्डों का सर्वे होगा। मौजूदा समय में 88 हजार गृह करदाता और आठ हजार व्यवसायिक करदाता हैं, जिनके जरिये नगर निगम को सालाना करीब 20 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है।
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सर्वे के बाद पुराने 60 वार्डों में करदाताओं की संख्या सवा लाख पहुंचने की संभावना है। ऐसा होने से निगम के राजस्व में भारी इजाफा होगा। वहीं, नकरौंदा, बालावाला, मियांवाला, हर्रावाला, मोहकमपुर, नवादा, नत्थनपुर एक व दो, रायपुर, डोभाल चौक, लाडपुर, मालसी आदि समेत 40 नए वार्डों से 10 वर्ष तक गृहकर नहीं वसूला जाएगा।
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नगर निगम क्षेत्र में एक हजार से अधिक ऐसे करदाता हैं, जो गृहकर नहीं दे रहे हैं। सर्वे के बाद इन नामों को जोड़ा जाएगा और गृहकर की वसूली की जाएगी।
- विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त