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तीन निगमों में अवकाश पर रोक
Updated Tue, 17 Jul 2018 02:32 AM IST
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तीन निगमों में अवकाश पर रोक
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। पिछले दिनों उत्तराखंड जलविद्युत निगम के चीला पावर हाउस में उत्पादन ठप होने के मामले में शासन ने गंभीर रुख अख्तियार कर लिया है। ऊर्जा सचिव राधिक झा ने यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक को निर्देशित किया है कि वह तकनीकी अधिकारियों की कमेटी गठित कर इसकी जांच कराएं और 15 दिन में रिपोर्ट दें। साथ ही मानसून सत्र को देखते हुए ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों के अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगा दी है।
पिछले कई दिनों से बिजली कटौती को लेकर मची हायतौबा को गंभीरता से लेते हुए ऊर्जा सचिव राधिका झा ने सोमवार को जलविद्युत निगम के प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा, यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा समेत पिटकुल के अफसरोें को सचिवालय तलब किया। उन्होंने बिजली कटौती और उससे उपभोक्ताओं को हो रही परेशानियों पर नाराजगी जताई और कहा कि 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जाए।
उन्होंने पिछले दिनों यूजेवीएनएल के चीला पावर हाउस के अचानक उत्पादन ठप हो जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच के आदेश दिए। यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक को निर्देशित किया कि वह तकनीकी विशेषज्ञों की कमेटी गठित कर इस मामले की जांच कराएं कि उत्पादन ठप होने में किन-किन अफसरों व कर्मचारियों की लापरवाही रही।
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तीनों निगमों के प्रबंधकों को निर्देशित किया कि मानसून सत्र को देखते हुए तमाम अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगाई जाए। विशेष परिस्थितियों में ही अवकाश की स्वीकृति दी जाए। ऊर्जा सचिव ने तीनों निगमों के प्रबंध निदेशकों को निर्देशित किया कि वह प्रतिदिन यह रिपोर्ट शासन को भेजें कि कितनी बिजली का उत्पादन हुआ और उस बिजली की आपूर्ति कहां-कहां कितनी की गई? ऊर्जा सचिव ने तीनों निगमों में एक ही जगह पर कई साल से जमें अफसरों, अभियंताओें व कर्मचारियों की सूची शासन को मुहैया कराने के निर्देश भी दिए हैं। उन सभी का हर हाल में स्थानांतरित किया जाएगा।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। पिछले दिनों उत्तराखंड जलविद्युत निगम के चीला पावर हाउस में उत्पादन ठप होने के मामले में शासन ने गंभीर रुख अख्तियार कर लिया है। ऊर्जा सचिव राधिक झा ने यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक को निर्देशित किया है कि वह तकनीकी अधिकारियों की कमेटी गठित कर इसकी जांच कराएं और 15 दिन में रिपोर्ट दें। साथ ही मानसून सत्र को देखते हुए ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों के अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगा दी है।
पिछले कई दिनों से बिजली कटौती को लेकर मची हायतौबा को गंभीरता से लेते हुए ऊर्जा सचिव राधिका झा ने सोमवार को जलविद्युत निगम के प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा, यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा समेत पिटकुल के अफसरोें को सचिवालय तलब किया। उन्होंने बिजली कटौती और उससे उपभोक्ताओं को हो रही परेशानियों पर नाराजगी जताई और कहा कि 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जाए।
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उन्होंने पिछले दिनों यूजेवीएनएल के चीला पावर हाउस के अचानक उत्पादन ठप हो जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच के आदेश दिए। यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक को निर्देशित किया कि वह तकनीकी विशेषज्ञों की कमेटी गठित कर इस मामले की जांच कराएं कि उत्पादन ठप होने में किन-किन अफसरों व कर्मचारियों की लापरवाही रही।
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तीनों निगमों के प्रबंधकों को निर्देशित किया कि मानसून सत्र को देखते हुए तमाम अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगाई जाए। विशेष परिस्थितियों में ही अवकाश की स्वीकृति दी जाए। ऊर्जा सचिव ने तीनों निगमों के प्रबंध निदेशकों को निर्देशित किया कि वह प्रतिदिन यह रिपोर्ट शासन को भेजें कि कितनी बिजली का उत्पादन हुआ और उस बिजली की आपूर्ति कहां-कहां कितनी की गई? ऊर्जा सचिव ने तीनों निगमों में एक ही जगह पर कई साल से जमें अफसरों, अभियंताओें व कर्मचारियों की सूची शासन को मुहैया कराने के निर्देश भी दिए हैं। उन सभी का हर हाल में स्थानांतरित किया जाएगा।