उत्तराखंड: तेरह हजार से ज्यादा कर्मियों की नौकरी होगी 'पक्की'
- -अनुपालन न करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
- -मंत्रिमंडल की उप समिति की बैठक में दिशा-निर्देश जारी
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प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत 13 हजार 445 दैनिक वेतन, कार्य प्रभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक तथा तदर्थ रूप से नियुक्त कर्मचारियों का विनियमितीकरण किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा में हुई मंत्रिमंडल उप समिति की बैठक में दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में कहा गया कि यह भी पता किया जाएगा किन कारणों से कर्मचारियों के विनियमितीकरण में देरी हुई। इसमें दोषी अफसरों को दंडित किया जाएगा। विभिन्न विभागों में ऐसे 21 हजार 445 कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनमें आठ हजार का विनियमितीकरण हो चुका है और बाकी का होना है।
बैठक में कहा गया कि विनियमितीकरण नियमावली 2013 प्रख्यापित की गई थी, जिसमें कई कर्मचारियों का विनियमितीकरण छूट गया। नियमावली के उल्लंघन और अर्हता के बावजूद कर्मचारी के छूटने को उप समिति के अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री प्रीतम सिंह ने गंभीर विषय माना है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की योग्यता के अनुसार नियुक्ति दी जाए। इसके साथ ही सेवा अवधि को नजर अंदाज न किया जाए।
पांच साल से काम करने वाले होंगे विनियमित
उप समिति के सदस्य पर्यटन मंत्री दिनेश धनै ने कहा कि नियमावली के प्रावधानों का पालन न करने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाए। बैठक में कहा गया कि वे कर्मचारी विनियमितीकरण के लिए पात्र होंगे, जिन्होंने लगातार पांच साल संबंधित पदों पर काम किया हो।
नियमावली के प्रख्यापन की तिथि को उस संवर्ग में पद स्वीकृत एवं रिक्त रहे हों। बैठक में कहा गया कि कार्मिक विभाग 15 दिन के अंदर वर्ष 2008 से 31 दिसंबर 2011 तक जिन कर्मचारियों का विनयिमितीकरण किया जाना है, उनका पूरा विवरण उप समिति को दे।
साथ ही यह भी बताए कि विनियमितीकरण न हो पाने की वजह क्या थी? नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री हरीशचंद्र दुर्गापाल, प्रमुख सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी, सचिव न्याय आलोक वर्मा आदि मौजूद रहे।
Published By: Vivek SIngh