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Dehradun News: दून में बैठकर अमेरिका और कनाडा वालों को ठगने वाले 13 साइबर ठग पकड़े
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Iएसटीएफ और पटेलनगर पुलिस ने क्षेत्र में चल रहे एक कॉल सेंटर का किया भंडाफोड़ I
Iलोगों के कंप्यूटर और मोबाइल में पॉपअप मैसेज भेजकर पकड़े जाने का दिखाते थे डर
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Iएक्स लाइट डायलर नाम के एप से करते थे बात, एक पंजाब, बाकी उत्तराखंड के रहने वाले हैं आरोपी
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Iएसटीएफ और जिला पुलिस ने पटेलनगर क्षेत्र में चल रहे फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। यहां से 11 युवकों और दो युवतियों को गिरफ्तार किया गया। ये सभी कनाडा और अमेरिका के लोगों को उनके कंप्यूटर में गड़बड़ी बता और फिर उसे ठीक करने का झांसा देकर ठगी कर रहे थे।I
Iआरोपी खुद को माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल कंपनी का प्रतिनिधि बताते थे। कॉल सेंटर कई महीनों से संचालित किया जा रहा था। इनमें एक पंजाब और 12 उत्तराखंड के रहने वाले हैं। इनके कब्जे से लैपटॉप, वाईफाई राउटर आदि सामग्री बरामद हुई है। सभी के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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Iएसटीएफ एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि उन्हें गोपनीय सूचना मिली थी कि चमन विहार में एक कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा है। इस सूचना को पुख्ता करने के लिए बुधवार को एसटीएफ ने पटेलनगर पुलिस के साथ मिलकर आई क्रिएट सॉल्यूशन (आईसीएस) नाम की कंपनी के दफ्तर में छापा मारा। यहां पर कई डेस्क पर कुल 13 लैपटॉप पर युवक बैठकर बात कर रहे थे। इन सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। युवकों ने बताया कि वे इस कॉल सेंटर को कई महीनों से संचालित कर रहे हैं। यहां से सिर्फ कनाडा और अमेरिका के लोगों को लक्ष्य बनाया जाता है।I
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Iआरोपी एक्स लाइट डायलर नाम के एप से विदेशी लोगों से बात करते हैं। इसके बाद उनके कंप्यूटर और मोबाइल को एनी डेस्क, टीम व्यूअर जैसे रिमोट एप डाउनलोड कराए जाते। इससे वे उनके डिवाइस में एक पॉपअप मैसेज भेजते हैं। इससे उन्हें बताया जाता है कि वे अश्लील वेबसाइट देख रहे हैं। कुछ लोगों को उनके मोबाइल का गलत इस्तेमाल होने जैसी बातें कहकर डराया जाता है। इसके बाद उनसे कहा जाता है कि यह सब ठीक हो जाएगा। इसे ठीक करने के लिए 40 से 70 डॉलर तक लिया जाता है।
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Iइस तरह अब तक इन सभी लोगों ने करोड़ों रुपये की ठगी विदेशी नागरिकों से की है। आरोपियों के फोन में विदेशी लोगों से बातचीत की जानकारी भी मिली है। एसएसपी ने बताया कि प्राथमिक पूछताछ के बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है।I
Iये युवक हुए गिरफ्तारI
Iकाशीपुर के गौतमनगर का रहने वाला सौरभ वशिष्ठ, लालकुआं नैनीताल निवासी दीपक भट्ट, देहरादून के राजपुर दून डिवाइन सोसाइटी निवासी मुकेश मित्तल, संजय कॉलोनी पटेलनगर निवासी गुरुप्रीत सिंह पंवार, राजेंद्र नगर निवासी विशाल थापा, कारगी चौक निवासी शुभम सेमवाल, कांवली रोड निवासी सुनील गुरुंग, एमडीडीए कॉलोनी चंदर नगर निवासी अभिषेक वर्मा, आर्केडिया ग्रांट निवासी फोटोखो, पंजाब के होशियारपुर निवासी राजीव कुमार भट्टी और सहस्रधारा रोड निवासी मुदस्सिर को गिरफ्तार किया गया है।
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Iट्रैवल एजेंट है सरगना, दिल्ली में सीखा कामI
Iइस पूरे गिरोह का सरगना सौरभ वशिष्ठ है। सौरभ पहले ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रैवल एजेंसी चलाता था। कुछ साल पहले वह दिल्ली गया और वहां पर कॉल सेंटर में काम किया। इससे उसने सारी बारीकियां इस काम की सीख लीं। इसके बाद उसने ऐसे युवक और युवतियों की तलाश शुरू कर दी, जिनके पास कॉल सेंटर में काम करने का अनुभव है। इस तरह उसने दो महीने के भीतर ही यह कॉल सेंटर बना दिया।I
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Iलोगों के कंप्यूटर और मोबाइल में पॉपअप मैसेज भेजकर पकड़े जाने का दिखाते थे डर
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Iएक्स लाइट डायलर नाम के एप से करते थे बात, एक पंजाब, बाकी उत्तराखंड के रहने वाले हैं आरोपी
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Iएसटीएफ और जिला पुलिस ने पटेलनगर क्षेत्र में चल रहे फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। यहां से 11 युवकों और दो युवतियों को गिरफ्तार किया गया। ये सभी कनाडा और अमेरिका के लोगों को उनके कंप्यूटर में गड़बड़ी बता और फिर उसे ठीक करने का झांसा देकर ठगी कर रहे थे।I
Iआरोपी खुद को माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल कंपनी का प्रतिनिधि बताते थे। कॉल सेंटर कई महीनों से संचालित किया जा रहा था। इनमें एक पंजाब और 12 उत्तराखंड के रहने वाले हैं। इनके कब्जे से लैपटॉप, वाईफाई राउटर आदि सामग्री बरामद हुई है। सभी के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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Iएसटीएफ एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि उन्हें गोपनीय सूचना मिली थी कि चमन विहार में एक कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा है। इस सूचना को पुख्ता करने के लिए बुधवार को एसटीएफ ने पटेलनगर पुलिस के साथ मिलकर आई क्रिएट सॉल्यूशन (आईसीएस) नाम की कंपनी के दफ्तर में छापा मारा। यहां पर कई डेस्क पर कुल 13 लैपटॉप पर युवक बैठकर बात कर रहे थे। इन सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। युवकों ने बताया कि वे इस कॉल सेंटर को कई महीनों से संचालित कर रहे हैं। यहां से सिर्फ कनाडा और अमेरिका के लोगों को लक्ष्य बनाया जाता है।I
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Iआरोपी एक्स लाइट डायलर नाम के एप से विदेशी लोगों से बात करते हैं। इसके बाद उनके कंप्यूटर और मोबाइल को एनी डेस्क, टीम व्यूअर जैसे रिमोट एप डाउनलोड कराए जाते। इससे वे उनके डिवाइस में एक पॉपअप मैसेज भेजते हैं। इससे उन्हें बताया जाता है कि वे अश्लील वेबसाइट देख रहे हैं। कुछ लोगों को उनके मोबाइल का गलत इस्तेमाल होने जैसी बातें कहकर डराया जाता है। इसके बाद उनसे कहा जाता है कि यह सब ठीक हो जाएगा। इसे ठीक करने के लिए 40 से 70 डॉलर तक लिया जाता है।
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Iइस तरह अब तक इन सभी लोगों ने करोड़ों रुपये की ठगी विदेशी नागरिकों से की है। आरोपियों के फोन में विदेशी लोगों से बातचीत की जानकारी भी मिली है। एसएसपी ने बताया कि प्राथमिक पूछताछ के बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है।I
Iये युवक हुए गिरफ्तारI
Iकाशीपुर के गौतमनगर का रहने वाला सौरभ वशिष्ठ, लालकुआं नैनीताल निवासी दीपक भट्ट, देहरादून के राजपुर दून डिवाइन सोसाइटी निवासी मुकेश मित्तल, संजय कॉलोनी पटेलनगर निवासी गुरुप्रीत सिंह पंवार, राजेंद्र नगर निवासी विशाल थापा, कारगी चौक निवासी शुभम सेमवाल, कांवली रोड निवासी सुनील गुरुंग, एमडीडीए कॉलोनी चंदर नगर निवासी अभिषेक वर्मा, आर्केडिया ग्रांट निवासी फोटोखो, पंजाब के होशियारपुर निवासी राजीव कुमार भट्टी और सहस्रधारा रोड निवासी मुदस्सिर को गिरफ्तार किया गया है।
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Iट्रैवल एजेंट है सरगना, दिल्ली में सीखा कामI
Iइस पूरे गिरोह का सरगना सौरभ वशिष्ठ है। सौरभ पहले ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रैवल एजेंसी चलाता था। कुछ साल पहले वह दिल्ली गया और वहां पर कॉल सेंटर में काम किया। इससे उसने सारी बारीकियां इस काम की सीख लीं। इसके बाद उसने ऐसे युवक और युवतियों की तलाश शुरू कर दी, जिनके पास कॉल सेंटर में काम करने का अनुभव है। इस तरह उसने दो महीने के भीतर ही यह कॉल सेंटर बना दिया।I