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फोटो कीर्ति चक्र विजेता कर्नल इंद्र सिंह को दी श्रद्धांजलि
Updated Tue, 05 Jun 2018 02:00 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
देहरादून। प्रथम कीर्ति चक्र विजेता व द्वितीय विश्व युद्ध में अहम भूमिका निभाने वाले रिटायर्ड कर्नल इंद्र सिंह रावत की याद में सोमवार को रेसकोर्स में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। 104 वर्षीय कर्नल इंद्र सिंह रावत का बीती 31 मई को निधन हो गया था।
हिल्स डेवलेपमेंट की ओर से रेसकोर्स स्थित ऑफिसर ट्रांजिस्ट हॉस्टल में सोमवार को आयोजित श्रद्धांजलि सभा में सामाजिक संगठन और पूर्व सैनिक संगठन के सदस्यों ने श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर हिल्स डेवलेपमेंट के अध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट ने बताया कि द्वितीय विश्वयुद्ध के साथ 1962 और 1965 की लड़ाई में वीरता का परिचय देते हुए उत्तराखंड का नाम रोशन किया था। उन्हें 1957 में उत्तराखंड से पहले कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। सभा मेें पहुंचे राज्य आंदोलनकारी नेता रविंद्र जुगरान ने कहा कि इंद्र सिंह रावत की कमी अपूर्णीय है। सेना में वीरता से लेकर राज्य आंदोलनकारी में उनका योगदान अतुलनीय है। पूर्व सैनिक, अद्धसैनिक संगठन के महासचिव पीसी थपलियाल ने कहा कि राज्य आंदोलन के लिए पहल करने का श्रेय इंद्र सिंह को ही जाता है। सभा में माकपा जिलाध्यक्ष समर भंडारी, जगमोहन मेंहदीरत्ता, बिग्रेडियर एसएस पटवाल, मातवानंद बंदूनी, कैप्टन डीपी बलूनी, सचिन थपलियाल आदि मौजूद रहे।
अधूरे रह गए कुछ सपने
श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे रिटायर कर्नल इंद्र सिंह रावत के भांजे लेफ्टिनेंट गंभीर सिंह नेगी ने बताया कि मामा थैलीसैंण के धारातोली क्षेत्र में पड़ने वाली ताराकुंड झील का सौंदर्यीकरण करना चाहते थे। जिससे की गांवों में हो रही पलायन की समस्या कम हो और रोजगार के अवसर पैदा हो। साथ ही उत्तराखंड को एक और नए पर्यटक स्थल मिले। इसके अलावा थैलीसैंण में पड़ने वाले सभी गांवों में खेतों तक पानी पहुंचाने का स्थाई समाधान चाहते थे। इसके लिए वे राठ जन विकास समिति के संरक्षक के रूप में कई साल से प्रयास कर रहे थे।
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देहरादून। प्रथम कीर्ति चक्र विजेता व द्वितीय विश्व युद्ध में अहम भूमिका निभाने वाले रिटायर्ड कर्नल इंद्र सिंह रावत की याद में सोमवार को रेसकोर्स में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। 104 वर्षीय कर्नल इंद्र सिंह रावत का बीती 31 मई को निधन हो गया था।
हिल्स डेवलेपमेंट की ओर से रेसकोर्स स्थित ऑफिसर ट्रांजिस्ट हॉस्टल में सोमवार को आयोजित श्रद्धांजलि सभा में सामाजिक संगठन और पूर्व सैनिक संगठन के सदस्यों ने श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर हिल्स डेवलेपमेंट के अध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट ने बताया कि द्वितीय विश्वयुद्ध के साथ 1962 और 1965 की लड़ाई में वीरता का परिचय देते हुए उत्तराखंड का नाम रोशन किया था। उन्हें 1957 में उत्तराखंड से पहले कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। सभा मेें पहुंचे राज्य आंदोलनकारी नेता रविंद्र जुगरान ने कहा कि इंद्र सिंह रावत की कमी अपूर्णीय है। सेना में वीरता से लेकर राज्य आंदोलनकारी में उनका योगदान अतुलनीय है। पूर्व सैनिक, अद्धसैनिक संगठन के महासचिव पीसी थपलियाल ने कहा कि राज्य आंदोलन के लिए पहल करने का श्रेय इंद्र सिंह को ही जाता है। सभा में माकपा जिलाध्यक्ष समर भंडारी, जगमोहन मेंहदीरत्ता, बिग्रेडियर एसएस पटवाल, मातवानंद बंदूनी, कैप्टन डीपी बलूनी, सचिन थपलियाल आदि मौजूद रहे।
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श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे रिटायर कर्नल इंद्र सिंह रावत के भांजे लेफ्टिनेंट गंभीर सिंह नेगी ने बताया कि मामा थैलीसैंण के धारातोली क्षेत्र में पड़ने वाली ताराकुंड झील का सौंदर्यीकरण करना चाहते थे। जिससे की गांवों में हो रही पलायन की समस्या कम हो और रोजगार के अवसर पैदा हो। साथ ही उत्तराखंड को एक और नए पर्यटक स्थल मिले। इसके अलावा थैलीसैंण में पड़ने वाले सभी गांवों में खेतों तक पानी पहुंचाने का स्थाई समाधान चाहते थे। इसके लिए वे राठ जन विकास समिति के संरक्षक के रूप में कई साल से प्रयास कर रहे थे।
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