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‘धाद’ ने दिया गैरसैंण आंदोलन को समर्थन
Updated Tue, 20 Nov 2018 02:07 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान के आंदोलन को समर्थन देने सोमवार को गढ़वाल की छात्र राजनीति के पुरोधा विवेकानंद खंडूरी और धाद संस्था के अध्यक्ष हर्षमणि व्यास परेड ग्राउंड स्थित धरनास्थल पहुंचे। विवेकानंद खंडूरी के पहुंचने पर आंदोलनकारियों का उत्साह बढ़ गया और गैरसैंण के पक्ष में जमकर नारेबाजी की।
इस अवसर पर विवेकानंद खंडूरी ने गैरसैंण को प्रदेश की बड़ी जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि सरकार ने शीतकालीन का पूर्ण सत्र कराकर सिद्ध किया था कि गैरसैंण स्थाई और पूर्णकालिक राजधानी बनाई जा सकती है। इससे पहले धरनास्थल पर गैरसैंण आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे धाद के अध्यक्ष हर्षमणि व्यास ने कहा कि हिमालयी सरोकारों के पक्ष में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। गैरसैंण को पूर्णकालिक राजधानी बनाना एक बेहद जरूरी मांग है। उन्होंने गैरसैंण आंदोलन को अपनी ओर से पूर्ण सहयोग देने की बात कही। इस मौके पर मनोज ध्यानी, उपेंद्र चौहान, आनंद प्रकाश जुयाल, लक्ष्मी प्रसाद थपलियाल, हर्ष मैंदोली, मदनसिंह भंडारी, सुभाष रतूड़ी, सुरेश नेगी, कृष्ण कांत कुनियाल आदि मौजूद रहे।
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गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान के आंदोलन को समर्थन देने सोमवार को गढ़वाल की छात्र राजनीति के पुरोधा विवेकानंद खंडूरी और धाद संस्था के अध्यक्ष हर्षमणि व्यास परेड ग्राउंड स्थित धरनास्थल पहुंचे। विवेकानंद खंडूरी के पहुंचने पर आंदोलनकारियों का उत्साह बढ़ गया और गैरसैंण के पक्ष में जमकर नारेबाजी की।
इस अवसर पर विवेकानंद खंडूरी ने गैरसैंण को प्रदेश की बड़ी जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि सरकार ने शीतकालीन का पूर्ण सत्र कराकर सिद्ध किया था कि गैरसैंण स्थाई और पूर्णकालिक राजधानी बनाई जा सकती है। इससे पहले धरनास्थल पर गैरसैंण आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे धाद के अध्यक्ष हर्षमणि व्यास ने कहा कि हिमालयी सरोकारों के पक्ष में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। गैरसैंण को पूर्णकालिक राजधानी बनाना एक बेहद जरूरी मांग है। उन्होंने गैरसैंण आंदोलन को अपनी ओर से पूर्ण सहयोग देने की बात कही। इस मौके पर मनोज ध्यानी, उपेंद्र चौहान, आनंद प्रकाश जुयाल, लक्ष्मी प्रसाद थपलियाल, हर्ष मैंदोली, मदनसिंह भंडारी, सुभाष रतूड़ी, सुरेश नेगी, कृष्ण कांत कुनियाल आदि मौजूद रहे।
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