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शिक्षामित्रों का निदेशालय में दोबारा आमरण अनशन शुरू
Updated Tue, 02 Oct 2018 02:00 AM IST
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शिक्षामित्रों ने सरकार, शासन पर लगाया अनदेखी का आरोप
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
शिक्षा निदेशक की ओर से शासन को भेजे गए प्रस्ताव को शिक्षा सचिव स्तर से निरस्त किए जाने के बाद शिक्षामित्रों ने सोमवार से शिक्षा निदेशालय में आमरण अनशन शुरू कर दिया। आमरण अनशन के दौरान शिक्षामित्रों ने बैठक कर सरकार व शासन पर शिक्षामित्रों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया।
पिछले दिनों शिक्षामित्रों ने विभाग में सहायक अध्यापक के तौर पर नियुक्ति देने की मांग के समर्थन में शिक्षा निदेशालय में आमरण अनशन किया था। शिक्षा निदेशक ने शिक्षामित्रों से वार्ता कर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके तहत शिक्षा निदेशक की ओर से शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक के तौर पर समायोजन किए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन शिक्षा सचिव स्तर से प्रस्ताव खारिज कर दिया गया। इसके बाद शिक्षामित्रों ने सोमवार से शिक्षा निदेशालय में पूर्ण सिंह राणा की अगुवाई में नए सिरे से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। राणा ने कहा कि सरकार व विभागीय अधिकारी शिक्षामित्रों से सभी सरकारी कार्य कराते हैं, लेकिन जब बात समायोजन की आती है तो उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जाता है। वहीं शिक्षामित्रों ने मांगें पूरी नहीं होने तक आमरण अनशन की चेतावनी दी है। शिक्षामित्रों ने एलान किया कि इस बार वे अफसरों के झांसें में नहीं आएंगे। आमरण अनशन में शरद कोटवाल, जीवन रावत, अजयपाल राणा, रेखा अवस्थी, शकुंतला राठौर, चित्रा राणा, विलकिस सलमानी समेत सैकड़ों शिक्षामित्र शामिल रहे।
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
शिक्षा निदेशक की ओर से शासन को भेजे गए प्रस्ताव को शिक्षा सचिव स्तर से निरस्त किए जाने के बाद शिक्षामित्रों ने सोमवार से शिक्षा निदेशालय में आमरण अनशन शुरू कर दिया। आमरण अनशन के दौरान शिक्षामित्रों ने बैठक कर सरकार व शासन पर शिक्षामित्रों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया।
पिछले दिनों शिक्षामित्रों ने विभाग में सहायक अध्यापक के तौर पर नियुक्ति देने की मांग के समर्थन में शिक्षा निदेशालय में आमरण अनशन किया था। शिक्षा निदेशक ने शिक्षामित्रों से वार्ता कर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके तहत शिक्षा निदेशक की ओर से शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक के तौर पर समायोजन किए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन शिक्षा सचिव स्तर से प्रस्ताव खारिज कर दिया गया। इसके बाद शिक्षामित्रों ने सोमवार से शिक्षा निदेशालय में पूर्ण सिंह राणा की अगुवाई में नए सिरे से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। राणा ने कहा कि सरकार व विभागीय अधिकारी शिक्षामित्रों से सभी सरकारी कार्य कराते हैं, लेकिन जब बात समायोजन की आती है तो उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जाता है। वहीं शिक्षामित्रों ने मांगें पूरी नहीं होने तक आमरण अनशन की चेतावनी दी है। शिक्षामित्रों ने एलान किया कि इस बार वे अफसरों के झांसें में नहीं आएंगे। आमरण अनशन में शरद कोटवाल, जीवन रावत, अजयपाल राणा, रेखा अवस्थी, शकुंतला राठौर, चित्रा राणा, विलकिस सलमानी समेत सैकड़ों शिक्षामित्र शामिल रहे।
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