फिर पटरी पर लौट आई 'जीवनदायिनी एक्सप्रेस'
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एक दिन ठिठकने के बाद 108 आपातकालीन सेवा की सभी एंबुलेंस शुक्रवार को सड़कों पर दौड़ने लगीं। सेवा संचालित कर रही कंपनी जीवीके ईएमआरआई को पेट्रोल पंप संचालकों ने बकाया भुगतान के लिए सोमवार तक की मोहलत दे दी। इसके साथ ही एंबुलेंस को डीजल भी मुहैया करा दिया गया।
कंपनी पर विभिन्न जिलों में सवा दो करोड़ रुपये बकाया होने पर पंप संचालकों ने शुक्रवार को एंबुलेंस को डीजल देने से हाथ खड़े कर दिए थे। इसके बाद प्रदेश में संचालित 146 में से 36 एंबुलेंस के पहिये जाम हो गए थे। दून में भी 14 में से पांच एंबुलेंस नहीं चलीं।
एक साथ इतनी बड़ी संख्या में एंबुलेंस न चलने से मरीजों को खासी परेशानी हुई। उधर, परेशानी देखते हुए शासन ने शुक्रवार शाम को ही कंपनी को रकम जारी कर दी। इसके बाद कंपनी ने पेट्रोल पंप संचालकों से भुगतान के लिए सोमवार तक का वक्त मांगा था।
डीजल नहीं मिला, पर पहुंचाया अस्पताल
शनिवार को पंप संचालकों ने कंपनी को मोहलत दे दी, जिसके बाद विभिन्न जिलों में खड़ी एंबुलेंस फिर चलने लगीं। उधर, मेंटेनेंस के अभाव में प्रदेश भर में 108 सेवा की 12 एंबुलेंस का संचालन पिछले कुछ दिन से नहीं हो पा रहा है।
108 आपातकालीन सेवा के स्टेट हेड मनीष टिक्कू ने बताया कि सोमवार तक पैट्रोल पंप मालिकों को भुगतान कर दिया जाएगा। 12 एंबुलेंस का मेंटेनेंस भी जल्द हो जाएगा।
जीवनदायिनी कही जाने वाली 108 सेवा ने डीजल न मिलने के बावजूद मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में तत्परता दिखाई। कुमाऊं में मात्र पांच मरीज ऐसे रहे जिनको 108 सेवा अस्पताल नहीं पहुंचा सकी। फिलहाल 108 सेवा सामान्य हो गई है। सोमवार को पंप मालिकों को डीजल के बकाया का भुगतान कर दिया जाएगा।