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गोपेश्वर कैंपस में शुरू होगा ईको टूरिज्म और एरोमेटिक प्लांट्स पाठ्यक्रम
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नई टिहरी। गोपेश्वर कैंपस में श्रीदेव सुमन विवि इस सत्र जुलाई माह से ईको टूरिज्म और एरोमेटिक प्लांट्स (औषधीय एवं सगंध पौध) पाठ्यक्रम शुरू करेगा। दोनों नए पाठ्यक्रमों को विवि ने तैयार कर लिया है। ईको टूरिज्म में छात्रों को एक साल का डिप्लोमा मिलेगा, जबकि एरोमेटिक प्लांट्स पाठ्यक्रम तीन वर्ष का होगा। एरोमेटिक प्लांट्स पाठ्यक्रम में इंटर बायो ग्रुप के छात्र-छात्राएं और ईको टूरिज्म में इंटर विज्ञान, कला और वाणिज्य वर्ग का कोई भी विद्यार्थी प्रवेश ले सकता है।
कुलपति डा. यूएस रावत ने बताया कि उत्तराखंड में जड़ी-बूटियों की पर्याप्त संभावनाओं को देखते हुए विवि ने स्नातक स्तर पर एरोमेटिक प्लांट्स पाठ्यक्रम का डिग्री कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है। ताकि छात्र-छात्राएं पढ़ाई पूरी करने के उपरांत जड़ी-बूटियों के उत्पादन के क्षेत्र में अपना करियर शुरू कर सके। ईको टूरिज्म के क्षेत्र में युवाओं के सामने अपने गांव के आसपास स्वरोजगार के अधिक अवसर है। विवि से ईको टूरिज्म का डिप्लोमा लेकर युवा स्वरोजगार की मुहिम में जुट सकते हैं। विवि ने ईको टूरिज्म पाठ्यक्रम मेें प्रवेश लेने के लिए 30 सीटें और एरोमेटिक प्लांट्स पाठ्यक्रम में 60 सीटें निर्धारित की है। पाठयक्रम तैयार कर लिया गया है। प्रवेश शुल्क निर्धारण के लिए कमेटी गठित की गई है।
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कुलपति डा. यूएस रावत ने बताया कि उत्तराखंड में जड़ी-बूटियों की पर्याप्त संभावनाओं को देखते हुए विवि ने स्नातक स्तर पर एरोमेटिक प्लांट्स पाठ्यक्रम का डिग्री कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है। ताकि छात्र-छात्राएं पढ़ाई पूरी करने के उपरांत जड़ी-बूटियों के उत्पादन के क्षेत्र में अपना करियर शुरू कर सके। ईको टूरिज्म के क्षेत्र में युवाओं के सामने अपने गांव के आसपास स्वरोजगार के अधिक अवसर है। विवि से ईको टूरिज्म का डिप्लोमा लेकर युवा स्वरोजगार की मुहिम में जुट सकते हैं। विवि ने ईको टूरिज्म पाठ्यक्रम मेें प्रवेश लेने के लिए 30 सीटें और एरोमेटिक प्लांट्स पाठ्यक्रम में 60 सीटें निर्धारित की है। पाठयक्रम तैयार कर लिया गया है। प्रवेश शुल्क निर्धारण के लिए कमेटी गठित की गई है।
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