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कुरान को पढ़ें, समझें और अमल करें

Tue, 12 Jun 2018 01:52 AM IST
Updated Tue, 12 Jun 2018 01:52 AM IST
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कुरान को पढ़ें, समझें और अमल करें
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
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शहर की तमाम मस्जिदों में सोमवार को तरावीह में कुरान शरीफ पूरा हो गया। खत्म शरीफ के मौके पर उलमा ने कुरान की फजीलतें बयान की। साथ ही उन्होंने कुरान की तालीम पर अमल करने की अपील की। कहा कि कुरान की तालीम पर अमल करने से ही दुनिया में फैली बुराईयां दूर होगी। लोगों ने कुरान सुनाने और सुनने वाले हाफिजों को इनाम से नवाजा। इसके बाद उलमा ने देश-दुनिया में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ कराई।
शहर काजी मोहम्मद अहमद कासमी और शहर मुफ्ती सलीम अहमद कासमी ने बताया कि कुरान में कुल 540 रुकू हैं। पहली से 27वीं तरावीह तक भी कुल 540 रकातें होती हैं। एक रकात में एक रुकू पढ़ने से 27वीं तरावीह में कुरान पूरा हो जाता है। साथ ही आखिरी अशरे की 27वीं रात रमजान की तमाम रातों में अफजल मानी गई है। इसीलिए तमाम मस्जिदों में 27वीं तरावीह में कुरान पाक पूरा किया जाता है। सोमवार को शहर के मुस्लिम कॉलोनी, आजाद कॉलोनी, इनामुल्ला बिल्डिंग, डालनवाला, माजरा, मेहूंवाला, किशननगर, राजपुर, जाखन, पटेलनगर आदि क्षेत्रों की मस्जिदों में तरावीह में कलाम पाक पूरा हुआ। इस दौरान उलमा ने तकरीर कर कहा कि हाफिज-ए-कुरान का अल्लाह के यहां बहुत बड़ा दर्जा है। अल्लाह पाक हाफिज और उनके वालिदेन को आला इनामात अता फरमाएंगे। कहा कि हाफिज-ए-कुरान का एहतराम करना चाहिए और उनकी खूब खिदमत करनी चाहिए। कहा कि कुरान को पढ़ना, समझना और उस पर अमल करना हर मुसलमान पर कुरान का हक है। कुरान की तालीम पर अमल करने से ही दुनिया में फैली बुराईयां खत्म होगी। उन्होंने लोगों से अपने बच्चों को कुरान पाक की तालीम दिलाने की अपील की। इसके बाद उलमा ने देश-दुनिया में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ कराई।
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शबे कद्र: रोजेदारों ने की अल्लाह की इबादत
देहरादून। माह-ए-रमजान की 27वीं रात को सोमवार को रोजेदारों ने पूरी रात अल्लाह की इबादत कर शबे कद्र की तलाश की। इस दौरान रोजेदारों ने रो-रोकर अपने गुनाहों से तौबा की। शहर मुफ्ती मोहम्मद सलीम अहमद के मुताबिक रमजान का तीसरा अशरा जहन्नुम की आग से निजात का है। रमजान की 21, 23, 25, 27, 29वीं रात में कुरान शरीफ नाजिल हुई थी। इन रातों में से जिस रात को कुरान शरीफ नाजिल हुई, उसे शबे कद्र की रात कहते हैं। शबे कद्र की रात को हजार महीने की रातों के बराबर बताया गया है। सोमवार को भी मोमिनों ने पूरी रात जागकर 27वीं रात में शबे कद्र की तलाश की। रोजेदारों ने मस्जिदों में तरावीह के बाद नफिल नमाज, तसबीह पढ़कर और कुरान की तिलावत कर अल्लाह की इबादत की। रोजेदारों के पूरी रात इबादत करने से मुस्लिम इलाकों आजाद कालोनी, मुस्लिम कालोनी, इनामुल्ला बिल्डिंग, डालनवाला आदि जगहों पर खास चहल-पहल रही।
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फोटो ::
कोतवाली पुलिस ने कराया रोजा इफ्तार
देहरादून। कोतवाली पुलिस की ओर से सोमवार को रोजा इफ्तार कार्यक्रम और शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। शहर काजी मोहम्मद अहमद कासमी ने रमजान की फजीलतें बयान की और देश-दुनिया में अमन-चैन की दुआ कराई। सीओ सिटी चंद्रमोहन नेगी और कोतवाल बीबीडी जुयाल, उप निरीक्षक अशोक राठौर ने लोगों ने सौहार्द के साथ ईद-उल-फितर का त्यौहार मनाने की अपील की। इस दौरान दानिश कुरैशी, साकिब, वसीम अहमद, आसिफ, नसीम अहमद, मोहम्मद फारूख आदि मौजूद रहे।
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