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मां की मौत
Updated Sun, 25 Jun 2017 10:11 PM IST
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कोटद्वार। भाबर के मवाकोट गांव में मां की मौत के बाद चार नाबालिग बच्चों की देखभाल का जिम्मा वृद्ध नाना के कंधों पर आ गया है। नाबालिग बच्चों के जीवनयापन की समस्या को देखते हुए ग्रामीणों और परिजनों ने शासन और प्रशासन से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है। गत 10 जून को घर के पास पेड़ से गिरने के कारण बच्चों की मां की मौत हो गई थी।
मवाकोट निवासी श्रीधर प्रसाद भट्ट ने बताया कि गत दस जून को उनकी बेटी शशि देवी पशुओं के लिए चारापत्ती काटने के लिए घर के पास खेत में खड़े भीमल के पेड़ पर चढ़ी थी। अचानक वह अनियंत्रित होकर नीचे गिर गई। पत्थर पर सिर टकराने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। तब से उसके चार बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके लालन पालन की जिम्मेदारी उनके ऊपर आ गई है। परिजनों ने क्षेेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत के माध्यम से राज्य सरकार से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है।
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मवाकोट निवासी श्रीधर प्रसाद भट्ट ने बताया कि गत दस जून को उनकी बेटी शशि देवी पशुओं के लिए चारापत्ती काटने के लिए घर के पास खेत में खड़े भीमल के पेड़ पर चढ़ी थी। अचानक वह अनियंत्रित होकर नीचे गिर गई। पत्थर पर सिर टकराने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। तब से उसके चार बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके लालन पालन की जिम्मेदारी उनके ऊपर आ गई है। परिजनों ने क्षेेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत के माध्यम से राज्य सरकार से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है।
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