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Dehradun News: विद्यालय के भवन के पीछे खड़े 10 पेड़ छात्रों के लिए बने खतरा
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राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पश्चिमीवाला के पीछे एक कतार में खड़े 10 पुराने पेड़ हादसे का कारण बन सकते हैं। तेज हवा चलने पर पेड़ों की टहनियां टूट सकती हैं। अगर इसकी चपेट में छात्र-छात्राएं आते हैं तो बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि विद्यालय के पीछे खड़े विशालकाय पेड़ आंधी-तूफान आने पर भवन की ओर झुकते हैं। टहनियां आए दिन टूटकर छत गिरती रहती हैं। विद्यालय के भवन की हालत भी ठीक नहीं है। बताया कि पेड़ों की जड़े भवन की बुनियाद तक पहुंच गई हैं। इससे विद्यालय जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। कहा कि भवन के पीछे इतनी संख्या में पेड़ नहीं होने चाहिए। वन विभाग को इसका संज्ञान लेना चाहिए। विद्यालय खुलने से पहले इन पेड़ों का कटान होना चाहिए। ताकि, बरसात में बच्चे सुरक्षित रहें।
खंड शिक्षा अधिकारी विनीता नेगी कठैत ने बताया कि जहां-जहां पेड़ खड़े हैं उन विद्यालयों की सूची मांगी गई है। सूची मिलने के बाद वन विभाग को पेड़ों की कटान के लिए पत्र लिखा जाएगा।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि विद्यालय के पीछे खड़े विशालकाय पेड़ आंधी-तूफान आने पर भवन की ओर झुकते हैं। टहनियां आए दिन टूटकर छत गिरती रहती हैं। विद्यालय के भवन की हालत भी ठीक नहीं है। बताया कि पेड़ों की जड़े भवन की बुनियाद तक पहुंच गई हैं। इससे विद्यालय जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। कहा कि भवन के पीछे इतनी संख्या में पेड़ नहीं होने चाहिए। वन विभाग को इसका संज्ञान लेना चाहिए। विद्यालय खुलने से पहले इन पेड़ों का कटान होना चाहिए। ताकि, बरसात में बच्चे सुरक्षित रहें।
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खंड शिक्षा अधिकारी विनीता नेगी कठैत ने बताया कि जहां-जहां पेड़ खड़े हैं उन विद्यालयों की सूची मांगी गई है। सूची मिलने के बाद वन विभाग को पेड़ों की कटान के लिए पत्र लिखा जाएगा।
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