उत्तराखंड: बड़े झटके के बाद साढ़े पांच घंटे में 10 बार आया भूकंप
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उत्तराखंड समेत पूरे उत्तर भारत को हिला देने वाले सोमवार रात 10 बजकर 33 मिनट पर आए भूकंप के झटके के बाद भी साढ़े पांच घंटे तक ऑफ्टर शॉक (भूकंप के हल्के झटके) आते रहे। रुद्रप्रयाग केंद्र से आए पहले झटके के कुछ देर के बाद ही आफ्टर शॉक का सिलसिला शुरू हो गया था और तड़के चार बजे तक कम से कम 10 बार झटके महसूस किए गए।
वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान ने इन आफ्टर शॉक की तीव्रता रिक्टर स्केल पर दो से तीन के बीच मापी, लेकिन रात को एक बजकर 30 मिनट पर 3.6 तीव्रता का झटका लगा।
इससे लोग फिर दहशत में आ गए, लेकिन बाद में कम तीव्रता वाले झटके महसूस किए गए। इसके बाद भी मंगलवार दोपहर 1.20 मिनट पर भूकंप का एक झटका आया। इसे देखते हुए शासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।
वाडिया के अध्ययन में 11.3 किमी आई गहराई
वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान में भूकंप की स्थिति का अध्ययन करने के बाद बताया गया कि रुद्रप्रयाग में आए भूकंप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.7 की थी। इसके साथ ही भूकंप की गहराई 11.3 किमी बताई गई है।
सोमवार को भूकंप आने के बाद भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने भूकंप की गहराई 33 किमी और तीव्रता 5.8 बताई थी। वाडिया के अध्ययन में तीव्रता प्वाइंट एक कम निकली है।
रुद्रप्रयाग में भूकंप सोमवार रात 10 बजकर 33 मिनट पर आया था और इसके कुछ देर के बाद ही आफ्टर शॉक के झटके लगने शुरू हो गए। आफ्टर शॉक की अवधि 10 से 15 सेकेंड रही है।
ऑफ्टर शॉक आना सामान्य प्रक्रिया
विज्ञानियों का कहना है कि भूकंप आने के बाद ऑफ्टर शॉक आना सामान्य प्रक्रिया है। भूगर्भ की प्लेटें अपने को स्थिर करती हैं। कभी-कभी ऑफ्टर शॉक अधिक समय भी आ सकते हैं। इनसे घबराने और परेशान होने की जरूरत नहीं है।
वाडिया के निदेशक डॉ. एके गुप्ता ने बताया कि संस्थान के विज्ञानियों ने जो अध्ययन किया है, उसमें भूकंप की गहराई 11.3 किमी नीचे भूगर्भ में मिली है। इसके साथ ही भूकंप की तीव्रता 5.7 रही है। भूकंप की स्थिति का बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है। इसके साथ ही बचाव के संबंध में लोगों से अपील की गई है।