उत्तराखंड: फर्जी डिग्री मामले में सामने आए 10 नए टीचरों के नाम
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हरिद्वार जनपद में शिक्षकों के फर्जीवाड़े में 10 नए नाम सामने आए हैं। जबकि इनसे पहले फर्जी दस्तावेजों से नौकरी हासिल करने पर 12 शिक्षक बर्खास्त और नौ शिक्षक निलंबित किए जा चुके हैं।
इनके अलावा चार शिक्षकों के दस्तावेज भी कार्रवाई की जद में हैं। नए नाम सामने आने से अब ऐसे शिक्षकों का आंकड़ा 35 पहुंच चुका है।
इतने बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा करने वाले डीईओ बेसिक रामेंद्र कुशवाहा को अचानक रिलीव कर दिया गया है। विभाग की इस पर कार्रवाई पर सवाल उठने लग गए हैं।
12 शिक्षकों को किया जा चुका है बर्खास्त
हरिद्वार में पिछले महीने प्राइमरी शिक्षकों के फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा हुआ था। बीटीसी की मार्कशीट और डोमीसाइल जांच में फर्जी पाए जाने पर 12 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई थी। साथ ही बार-बार नोटिस के बावजूद अपने दस्तावेज न दिखाने वाले नौ शिक्षकों को सस्पेंड किया गया था।
शिक्षकों के फर्जीवाड़े की पोल खुलने से शासन तक में हड़कंप मच गया था। इसका खुलासा करने वाले डीईओ बेसिक रामेंद्र कुशवाहा दागी शिक्षकों और उनके समर्थकों के निशाने पर थे।
उन्हें शुरू के तीन दिन करीब 350 अंजान नंबरों से कॉल कर अंजाम भुगतने की धमकियां तक मिली। बावजूद इसके जांच जारी रही और बर्खास्त शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा वेतन भत्तों की रिकवरी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
डीईओ की जांच में सामने आए दस नए नाम
अब डीईओ बेसिक की जांच में 10 नए नाम सामने आए हैं। इससे एक बात और साफ हो गई है कि जिले में फर्जी व दागी शिक्षकों की संख्या इससे ज्यादा है। जांच में नए नाम सामने आते ही अंडर ट्रांसफर चल रहे डीईओ बेसिक रामेंद्र कुशवाहा को रिलीव कर दिया गया है।
रामेंद्र कुशवाहा ने 10 नए नाम सामने आने की पुष्टि करते हुए बताया कि फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वाले ऐसे शिक्षकों की संख्या बढ़कर अब 35 हो गई है। वह मेडिकल लीव पर थे, जबकि प्रभारी सीईओ डॉ. पुष्पा रानी का कहना है कि महानिदेशक के पत्र पर उन्हें रिलीव किया गया है।