फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   10 new mobile towers will be installed on elevated road

Dehradun News: एलिवेटेड रोड पर लगेंगे 10 नए मोबाइल टावर

Wed, 10 Apr 2024 02:58 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 10 Apr 2024 02:58 AM IST
विज्ञापन
10 new mobile towers will be installed on elevated road
दून-दिल्ली एक्सप्रेस वे में बन रही एलिवेटेड रोड पर दस मोबाइल टावर लगाकर वन क्षेत्र में आ रही नेटवर्क की दिक्कत को दूर किया जाएगा एनएचएआई के सहयोग से बीएसएनएल मोहंड और डाट काली के बीच नेटवर्क देने में जुटा है। डाट काली के पास बीएसएनएल ने 3 नए टावर लगा दिए हैं। अब आशारोड़ी से डाटकाली मंदिर तक मोबाइल नेटवर्क और भी बेहतर आएगा।
विज्ञापन


दिल्ली-देहरादून हाईवे पर मोहंड से डाटकाली तक के 15 किलोमीटर के दायरे में मोबाइल में नेटवर्क नहीं रहता है। इसके लिए सालों से प्रयास चल रहे हैं, लेकिन वन्य जीव प्रभावित इस क्षेत्र में वन विभाग किसी भी प्रकार की गतिविधि की अनुमति नहीं देता है। बीएसएनएल इसके लिए वन विभाग से कई बार अनुमति मांग चुका है। फिलहाल बीएसएनएल ने देहरादून से डाट काली मंदिर तक टॉवर लगाकर मोबाइल कनेक्टिविटी दे दी है। इसके आगे का काम अटका है। विभाग के जीएम अशोक रावत ने बताया कि डाट काली मंदिर तक अब मोबाइल नेटवर्क है। इसके बाद का हिस्सा बीएसएनएल की उत्तरप्रदेश यूनिट के पास है। एनएचएआई के सहयोग से बीएसएनएल एक्सप्रेसवे पर ही दस छोटे टावर लगाकर नेटवर्क उपलब्ध कराएगा। इसके जरिये इस क्षेत्र में मोबाइल कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी।
विज्ञापन



बीएसएनएल की शेयरिंग वाली कंपनियों का ही आएगा नेटवर्क

मोहंड से डाटकाली मंदिर तक पहाड़ी रास्ते में बीएसएनएल अपने टॉवर लगाएगा। अब जिन मोबाइल कंपनियों की बीएसएनएल के साथ नेटवर्क शेयरिंग हैं। उन कंपनियों के नेटवर्क तय शर्तों के मुताबिक उपभोक्ताओं को मिल पाएंगे। जियो कंपनी का पहले से ही बीएसएनएल के साथ अनुबंध है, अन्य कंपनियों को नेटवर्क के लिए अनुबंध करना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन



वन्य जीव आरक्षित क्षेत्र में दखल पर पीएमओ भी खड़े कर चुका है हाथ

मोहंड की पहाड़ियों में मोबाइल नेटवर्क को लेकर पूर्व दर्जाधारी एवं आयकर व औद्योगिक सलाहकार ठाकुर संजय सिंह लंबे समय से विभिन्न स्तरों पर पत्र भेजकर इसकी मांग करते रहे हैं। सबसे पहले उन्होंने जुलाई, 2017 में पीएम कार्यालय को पत्र भेजा था। तब पीएमओ ने समाधान के लिए यह पत्र मुख्य सचिव उत्तराखंड को भेज दिया था। समाधान नहीं होने पर उन्होंने 2019 में दोबारा पीएमओ से शिकायत की। जवाब में पीएमओ ने यह काम संभव नहीं हो पाने की बात कही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed