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मेघना, तू सच होती तो यूं नजरें न चुराती...

Sat, 06 Jul 2013 05:31 AM IST
Dehradun
Dehradun Updated Sat, 06 Jul 2013 05:31 AM IST
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देहरादून। रवि अपनी पत्नी और ससुर को गोली मारने नहीं गया था। वह तो अपने प्यार का इजहार करने गया था। खुद मरकर साबित करना चाहता था कि वह अपनी पत्नी से कितना प्यार करता है। यह कहना है रवि वर्मा के दोस्तों का। घटना के तीन दिन बाद रवि के सात पेज का सुसाइड नोट मिलने के बाद उसके नौ दोस्त शुक्रवार को अमर उजाला दफ्तर आकर यह बातें कहीं और उसका सुसाइड नोट भी दिखाया। उन्होंने सुसाइड नोट एसएसपी को भी देकर उचित कार्रवाई की मांग की है।
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रवि के दोस्तों ने बताया कि पत्नी के दूर जाने से रवि इस कदर टूट गया था कि उसने दो माह से कपड़े तक नहीं बदले थे। दो माह पहले मेघना उसे दस माह बाद दिखी तो उसने उससे बात करने की कोशिश की लेकिन मेघना ने उससे बात करने से इनकार कर दिया। इससे वह इस कदर टूट गया कि मरने का निर्णय कर लिया। घटना वाले दिन दो जून को रवि की छोटी बहन की जन्मदिन की पार्टी उसके घर में थी। इस दौरान गुमसुम बैठा रवि अचानक उठा और मेघना के घर पहुंच गया। वहां उसने ससुर और पत्नी को गोली मारकर खुद को भी गोली मार ली।
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शुक्रवार को जब रवि का सात पेज का सुसाइड नोट उसके कमरे से दोस्तों को मिला तो उसे पढ़कर सभी रो पड़े। रवि के दोस्तों ने एसएसपी केवल खुराना से मिलकर बताया कि रवि अपने ससुर और पत्नी की हत्या करने नहीं गया था। वह तो उनके सामने मरने गया था। लेकिन वहां जाने के बाद जरूर ऐसी कोई बात हुई है जिसके बाद रवि ने ससुर और मेघना को गोली मार दी।
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रवि के दोस्तों ने बताया कि मेघना के परिजनों को पहले उनके विवाह पर कोई एतराज नहीं था। रवि ने ही मेघना की बीटेक की फीस दी थी। एमटेक के लिए भी वही फीस जमा कराने वाला था। लेकिन जब मेघना का बीटेक पूरा हो गया तो उसके पिता ने मेघना को रवि के घर जाने से रोक दिया। इस पर मेघना ने रवि से मिलना बंद कर दिया। इससे रवि टूट गया। यह सभी बातें रवि ने अपने सुसाइड नोट में लिखी हैं। रवि के दोस्तों ने बताया कि रवि की जिंदगी उसके प्यार के कारण खत्म हो गई।

मेघना, तेरे पत्र में लिखी बातें अगर सच होती तो तू ऐसे चोरों की तरह घर से नहीं भागती। मेरी आंखों में आंखें डालकर बोलती कि तुमने ऐसा क्यों किया। मैं बड़ी मुश्किल से अपनी लाइफ को दोबारा से शुरू करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन तुझसे यह भी नहीं देखा गया। तू पहले ही मुझको क्या कम धोखा दे के गई। तूने और तेरे परिवार ने मुझे ऐसा करने पर मजबूर कर दिया है। क्या-क्या नहीं किया मैंने। भगवान सब जानता है। बाकी मैं सब कुछ जो भी हुआ वो साफ-साफ लिख के जा रहा हूं, ताकि सब को सच्चाई का पता चले...।
- रवि वर्मा के लिखे सुसाइड नोट का एक अंश।



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कुछ शब्द दोस्तों के लिए...
रवि ने अपने सुसाइड नोट के अंतिम पन्ने के आखिरी पैरा में लिखा है कि ‘मेरे दोस्त ही मेरी सबसे बड़ी ताकत हैं। यारों मुझे माफ कर देना। अपनी गलतियों के लिए तुम सबने मुझे बहुत समझाने की कोशिश की, लेकिन मैं इन सब से निकल नहीं पाया। दोस्तों, मैं ऊपर से सबको देखता रहूंगा। तुम सब पर मेरी नजर रहेगी। तुम सब अपना ख्याल रखना...।


कोट ---
तो दर्ज होगा 306 में केस
रवि का सुसाइड नोट मिला है। लेकिन पहले उसकी फोरेंसिक लैब से जांच कराई जाएगी। यदि इसकी पुष्टि होती है कि पत्र रवि ने ही लिखा है तो उसके ससुराल वालों पर आत्महत्या के लिए उकसाने (आईपीसी 306) का मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
- केवल खुराना, एसएसपी देहरादून
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