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पत्रकार राजेन टोडरिया पंचतत्व में विलीन
Dehradun
Updated Thu, 07 Feb 2013 05:30 AM IST
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ऋषिकेश। दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार एस राजेन टोडरिया का बुधवार को मुनिकीरेती स्थित श्मशानघाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम यात्रा में विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोग, मीडियाकर्मी, नाते रिश्तेदार शामिल हुए।
दिल का दौरा पड़ने के बाद बीते मंगलवार की सुबह वरिष्ठ पत्रकार टोडरिया का दून के सीएमआई अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया था। उनकी अंतिम यात्रा बुधवार सुबह दून से मुनिकीरेती स्थित पूर्णानंद इंटर कालेज के समीप श्मशानघाट पर पहुंची।
पुत्र लूसू टोडरिया ने उनके पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। इस दौरान सैकड़ों लोगों ने उन्हें अश्रुपूरित अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर नरेंद्रनगर विधायक सुबोध उनियाल, प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी, उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पंवार, हाईकोर्ट के पूर्व कमिश्नर राजेंद्र कोटियाल, ऋषिकेश बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष शीशराम कंसवाल, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज द्विवेदी, वरिष्ठ पत्रकार उमाकांत लखेड़ा, ध्रुवनारायण टोडरिया, हरीश तिवारी, विनोद नौटियाल, चंडीप्रसाद शर्मा, रमेश उनियाल, रमाबल्लभ भट्ट, मदनमोहन शर्मा, योगेश शर्मा, संदीप शास्त्री, शिवानंद चमोली, गोपाल चमोली, संजय पांडेय, देवेंद्र दुमोगा, महिपाल नेगी सहित राजनीति, पत्रकारिता और स्वयंसेवी संगठनों से जुड़े लोग मौजूद थे।
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बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे राजेन
ऋषिकेश। दिवंगत पत्रकार एस राजेन टोडरिया के बालसखा वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र कोटियाल ने उन्हें बहुमुखी प्रतिभा का धनी बताया। कक्षा नौ से अब तक के साथी रहे कोटियाल बताते हैं कि वह छात्र जीवन से ही क्रांतिकारी विचारधारा के व्यक्ति थे। विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक सरोकारों के लिए उनकी यह धारा कभी छात्र नेता तो कभी कर्मचारियों के हिमायती और फिर पत्रकार के रूप में सामने आई। बताया कि वह कई जनांदोलनों से भी जुड़े रहे। उन्होंने बताया कि राजेन काव्य के भी अच्छे शिल्पी थे, उनकी कई बेहतर रचनाएं अभी भी अप्रकाशित हैं। विनोद नौटियाल ने उन्हें जन सरोकारों से गहरा जुड़ाव रखने वाला व्यक्ति बताया। कहा कि उनके जाने से पत्रकारिता जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।
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दिल का दौरा पड़ने के बाद बीते मंगलवार की सुबह वरिष्ठ पत्रकार टोडरिया का दून के सीएमआई अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया था। उनकी अंतिम यात्रा बुधवार सुबह दून से मुनिकीरेती स्थित पूर्णानंद इंटर कालेज के समीप श्मशानघाट पर पहुंची।
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पुत्र लूसू टोडरिया ने उनके पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। इस दौरान सैकड़ों लोगों ने उन्हें अश्रुपूरित अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर नरेंद्रनगर विधायक सुबोध उनियाल, प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी, उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पंवार, हाईकोर्ट के पूर्व कमिश्नर राजेंद्र कोटियाल, ऋषिकेश बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष शीशराम कंसवाल, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज द्विवेदी, वरिष्ठ पत्रकार उमाकांत लखेड़ा, ध्रुवनारायण टोडरिया, हरीश तिवारी, विनोद नौटियाल, चंडीप्रसाद शर्मा, रमेश उनियाल, रमाबल्लभ भट्ट, मदनमोहन शर्मा, योगेश शर्मा, संदीप शास्त्री, शिवानंद चमोली, गोपाल चमोली, संजय पांडेय, देवेंद्र दुमोगा, महिपाल नेगी सहित राजनीति, पत्रकारिता और स्वयंसेवी संगठनों से जुड़े लोग मौजूद थे।
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बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे राजेन
ऋषिकेश। दिवंगत पत्रकार एस राजेन टोडरिया के बालसखा वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र कोटियाल ने उन्हें बहुमुखी प्रतिभा का धनी बताया। कक्षा नौ से अब तक के साथी रहे कोटियाल बताते हैं कि वह छात्र जीवन से ही क्रांतिकारी विचारधारा के व्यक्ति थे। विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक सरोकारों के लिए उनकी यह धारा कभी छात्र नेता तो कभी कर्मचारियों के हिमायती और फिर पत्रकार के रूप में सामने आई। बताया कि वह कई जनांदोलनों से भी जुड़े रहे। उन्होंने बताया कि राजेन काव्य के भी अच्छे शिल्पी थे, उनकी कई बेहतर रचनाएं अभी भी अप्रकाशित हैं। विनोद नौटियाल ने उन्हें जन सरोकारों से गहरा जुड़ाव रखने वाला व्यक्ति बताया। कहा कि उनके जाने से पत्रकारिता जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।