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आरटीआई से खोल दी लेखपाल की धांधली
हमीरपुर
Updated Wed, 25 Oct 2017 11:25 PM IST
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गोहांड (हमीरपुर)। एक जागरूक किसान ने अतिवृष्टि, ओलावृष्टि की अनुदान राशि में घपला करने वाले लेखपाल के विरुद्ध आरटीआई के सहारे प्रमाण जुटाकर अदालत में पेश कर दिए। अदालत ने लेखपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया। इससे पहले किसान आला अफसरों को लेखपाल की धांधली बताता रहा, पर सुनवाई नहीं हुई। इससे उसने कोर्ट का सहारा लिया।
मामला राठ तहसील क्षेत्र के बरुआ गांव का हैै। वर्ष 2015 में अतिवृष्टि, ओलावृष्टि से पीड़ित किसानों को अनुदान देने के लिए शासन से धनराशि मिली थी। इसे बांटने की जिम्मेदारी लेखपालों को दी गई। आरोप है कि बरुआ गांव के लेखपाल रमाशंकर ने अधिकारियों की मिलीभगत से गांव के ही तमाम भूमिहीनों को भी चेक बांट दिए। जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई थी, उन्हें चेक नहीं मिले।
चेक नहीं मिलने पर गांव के किसान बालकिशन ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत उन लोगों के नाम हासिल कर लिए, जिन्हें चेक दिए गए थे तो धांधली का खुलासा हो गया। आरटीआई से मिली जानकारी में पता चला कि गांव के छेदालाल के नाम तीन चेक, अर्जुन सिंह, हरनाथ, छत्रपाल, जगदीश, खूबचंद्र, धरम, गौरीशंकर के नाम दो-दो चेक दिए गए हैं। चेक पाने वाले कुछ भूमिहीनों के नामों का भी खुलासा हुआ।
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बालकिशन ने नामों की यह सूची लेकर तहसील दिवस में लेखपाल की शिकायत की, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर उसने सीजेएम अदालत में वाद दायर किया। सबूत के तौर पर आरटीआई से मिली लाभार्थियों की सूची पेश की। इस पर सीजेएम न्यायालय ने 6 अक्तूबर को मझगवां के थानाध्यक्ष मोहम्मद अली को लेखपाल रमाशंकर आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दे दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि अदालत के आदेश की प्रति मिलते ही मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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मामला राठ तहसील क्षेत्र के बरुआ गांव का हैै। वर्ष 2015 में अतिवृष्टि, ओलावृष्टि से पीड़ित किसानों को अनुदान देने के लिए शासन से धनराशि मिली थी। इसे बांटने की जिम्मेदारी लेखपालों को दी गई। आरोप है कि बरुआ गांव के लेखपाल रमाशंकर ने अधिकारियों की मिलीभगत से गांव के ही तमाम भूमिहीनों को भी चेक बांट दिए। जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई थी, उन्हें चेक नहीं मिले।
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चेक नहीं मिलने पर गांव के किसान बालकिशन ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत उन लोगों के नाम हासिल कर लिए, जिन्हें चेक दिए गए थे तो धांधली का खुलासा हो गया। आरटीआई से मिली जानकारी में पता चला कि गांव के छेदालाल के नाम तीन चेक, अर्जुन सिंह, हरनाथ, छत्रपाल, जगदीश, खूबचंद्र, धरम, गौरीशंकर के नाम दो-दो चेक दिए गए हैं। चेक पाने वाले कुछ भूमिहीनों के नामों का भी खुलासा हुआ।
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बालकिशन ने नामों की यह सूची लेकर तहसील दिवस में लेखपाल की शिकायत की, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर उसने सीजेएम अदालत में वाद दायर किया। सबूत के तौर पर आरटीआई से मिली लाभार्थियों की सूची पेश की। इस पर सीजेएम न्यायालय ने 6 अक्तूबर को मझगवां के थानाध्यक्ष मोहम्मद अली को लेखपाल रमाशंकर आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दे दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि अदालत के आदेश की प्रति मिलते ही मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।