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करोड़ों के पुराने नोट ट्रेन से फेंके
हमीरपुर, उत्तर प्रदेश
Updated Sun, 03 Jun 2018 11:05 PM IST
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रेलवे किनारे झाड़ियों में पड़े पांच सौ के नोट।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शनिवार रात बरौनी से जबलपुर जाने वाली चित्रकूट एक्सप्रेस से करोड़ों रुपये के पुराने 1000 व 500 के नोट यमुना पुल से गेट नंबर 42 तक फेंके गए। सुबह जब आसपास के गांवों के लोग पटरियों की तरफ गए तो नोट देखकर हैरान रह गए और अपनी जेबों को भरकर गांवों की ओर भाग निकले। इस मामले की जानकारी जीआरपी बांदा व स्थानीय पुलिस को भी नहीं है, लेकिन यमुना साउथ बैंक के स्टेशन मास्टर व गेट नंबर 41 के गेटमैन ने नोट फेंके जाने की पुष्टि की है।
नोटबंदी के बाद पुुराने 1000 व पांच सौ के नोट कागज के टुकड़े बन गए हैं। लेकिन कुछ जगह बैंक अधिकारियों की मिली भगत के चलते नोट बदलने का काम अभी भी जारी है। इसी कारण पुराने नोटों को इधर से उधर ले जाने वाले लोग सक्रिय हैं। शनिवार रात लखनऊ से जबलपुर जाने वाली चित्रकूट एक्सप्रेस में भी इन नोटों के धंधों से जुड़े लोग 1000 व 500 के पुराने नोटों की गड्डियां लेकर चले, लेकिन पकड़े जाने की आशंका से यमुना पुल से नोट फेंकना शुरू कर दिया। जो गेट नंबर 42 तक फेंके गए।
रविवार को सुबह जब लोग रेलवे लाइन की तरफ गए तो पटरियों के आसपास पुराने नोट देखकर भौचक्के रह गए। नोट पड़े होने की खबर आसपास के गांवों में फैल गई और देखते ही देखते सैकड़ों लोग नोट बीनने के लिए पहुंच गए। इन गांवों में पत्योरा, गहतौली, भमौंरा व जलाला सहित अन्य गांवों के लोग शामिल हैं।
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गेट नंबर 41 के गेटमैन शिव बहादुर ने बताया कि पुराने नोट फेंके गए हैं। जिन्हें लोग उठा भी ले गए हैं। उसने यह भी बताया कि लगभग पांच लाख के पुराने नोट जलाए भी गए हैं। यमुना साउथ बैंक के स्टेशन मास्टर एसके शुक्ला ने बताया पुराने नोट फेंके जाने की बात सच है। लेकिन उन्होंने नोट नहीं देखे हैं।
वहीं प्वाइंट मैन फहीम ने भी पुराने नोट फेंके जाने की बात को सही बताया। जबकि ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने नोट भी देखे हैं और उनके सामने साउथ बैंक रेलवे स्टेशन के निकट नोट जलाए भी गए हैं। जीआरपी बांदा के एसओ ने फोन पर बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। पत्योरा पुलिस चौकी इंचार्ज सुरजीत कुमार का कहना है कि उन्हें इस प्रकार की कोई जानकारी नहीं है। अगर कोई सूचना मिलती है तो मौके पर जाकर जांच करेंगे।
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नोटबंदी के बाद पुुराने 1000 व पांच सौ के नोट कागज के टुकड़े बन गए हैं। लेकिन कुछ जगह बैंक अधिकारियों की मिली भगत के चलते नोट बदलने का काम अभी भी जारी है। इसी कारण पुराने नोटों को इधर से उधर ले जाने वाले लोग सक्रिय हैं। शनिवार रात लखनऊ से जबलपुर जाने वाली चित्रकूट एक्सप्रेस में भी इन नोटों के धंधों से जुड़े लोग 1000 व 500 के पुराने नोटों की गड्डियां लेकर चले, लेकिन पकड़े जाने की आशंका से यमुना पुल से नोट फेंकना शुरू कर दिया। जो गेट नंबर 42 तक फेंके गए।
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रविवार को सुबह जब लोग रेलवे लाइन की तरफ गए तो पटरियों के आसपास पुराने नोट देखकर भौचक्के रह गए। नोट पड़े होने की खबर आसपास के गांवों में फैल गई और देखते ही देखते सैकड़ों लोग नोट बीनने के लिए पहुंच गए। इन गांवों में पत्योरा, गहतौली, भमौंरा व जलाला सहित अन्य गांवों के लोग शामिल हैं।
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गेट नंबर 41 के गेटमैन शिव बहादुर ने बताया कि पुराने नोट फेंके गए हैं। जिन्हें लोग उठा भी ले गए हैं। उसने यह भी बताया कि लगभग पांच लाख के पुराने नोट जलाए भी गए हैं। यमुना साउथ बैंक के स्टेशन मास्टर एसके शुक्ला ने बताया पुराने नोट फेंके जाने की बात सच है। लेकिन उन्होंने नोट नहीं देखे हैं।
वहीं प्वाइंट मैन फहीम ने भी पुराने नोट फेंके जाने की बात को सही बताया। जबकि ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने नोट भी देखे हैं और उनके सामने साउथ बैंक रेलवे स्टेशन के निकट नोट जलाए भी गए हैं। जीआरपी बांदा के एसओ ने फोन पर बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। पत्योरा पुलिस चौकी इंचार्ज सुरजीत कुमार का कहना है कि उन्हें इस प्रकार की कोई जानकारी नहीं है। अगर कोई सूचना मिलती है तो मौके पर जाकर जांच करेंगे।