मर्डर केस: इकलौते बेटे को सिर्फ इंसाफ का इंतजार, पिता की हत्या के बाद मिल रही धमकी
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पिता के हत्यारोपियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए इकलौता बेटा तीन साल से कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। कई बार धमकियां मिलीं, समझौते का दबाव तक डाला गया। इसके बावजूद उसके कदम नहीं डिगे। आरोपियों के खिलाफ डटकर गवाही दी और मुकदमे की मजबूती के साथ पैरवी कर रहा है। बेटा कहता है कि हत्यारोपियों को जब तक उनके किए की सजा मिलेगी, तभी उनके परिवार को इंसाफ मिलेगा।
अपहरण के बाद हुई थी हत्या
तारीख चार मई 2016 और दिन मंगलवार था। शाम के समय एक कार में सवार तीन युवक राजेंद्र स्वरूप को उनके घर के पास फूलबाग कॉलोनी से अगवा कर ले गए थे। राजेंद्र स्वरूप महामंडलेश्वर थे। उनके अगवा होने की खबर से पुलिस महकमे में खलबली मच गई। पुलिस ने दो युवकों को संदेह आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की। उन्होंने हत्या करना और शव मवाना के जंगल में फेंकना स्वीकार किया था।
कुएं में फेंककर बरसाए थे पत्थर
प्रॉपर्टी को लेकर महामंडलेश्वर की हत्या करना बताया गया। आरोपियों ने महामंडलेश्वर की आंखों पर पट्टी बांधी थी। उसके बाद मवाना के जंगल में ले गए। वहां पर एक ट्यूबवेल के कुएं में उनको फेंक दिया। वह चिल्लाते रहे, लेकिन आरोपियों का दिल नहीं पसीजा। आरोप है कि आरोपियों ने महामंडलेश्वर पर ऊपर से ही पत्थर मारे। जिससे उनकी मौत हुई। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एक गोली लगना भी आया था। पांच मार्च को पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर शव को बरामद किया था।
सात आरोपी बनाए ‘मुल्जिम’
नौचंदी पुलिस ने महामंडलेश्वर की हत्या में सात आरोपी धीरज गुर्जर, वीशु, दर्शन, संजय, परवेंद्र राणा, भीम सिंह, राहुल बैसला को आरोपी बनाकर जेल भेजा। तत्कालीन इंस्पेक्टर नौचंदी हरशरण शर्मा ने आरोपियों के खिलाफ सुबूत जटाकर चार्जशीट दाखिल की। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद शव को उनकी निशानदेही पर बरामद करना भी लिखापढ़ी में बताया।
कोर्ट में हो चुकीं पांच गवाही
वादी पक्ष के सीनियर अधिवक्ता सुरेंद्र भारद्वाज ने बताया कि मुकदमा महामंडलेश्वर राजेंद्र स्वरूप के बेटे पारस के शिकायती पत्र पर लिखा गया। इसमें पारस, प्रवीण कुमार, ललित कुमार, रिंकू व डॉ. कोशिंद्र को गवाह बनाया गया। यह केस एडीजी-4 की कोर्ट में विचाराधीन है। पांचों लोगों की गवाही हो चुकी है। अब पुलिस वालों की गवाही होनी हैं।
बहुत धमकियां मिलती हैं
महामंडलेश्वर के बेटे पारस ने बताया कि उसको कई बार धमकियां मिलीं। हत्यारोपी जमानत पर बाहर हैं। कई बार सामने से पारस को आरोपियों ने धमकी दी। दूर के रिश्तेदारों पर दबाव बनाकर समझौता करने की बात भी की। लेकिन उसके कदम नहीं लड़खड़ाए। वह इंसाफ के लिए लंबी लड़ाई लड़ने को तैयार है। उसको यकीन है कि उनके परिवार को इंसाफ जरूर मिलेगा।
महामंडलेश्वर के संपर्क में था नजाकत
पुलिस कस्टडी से भागने वाले कुख्यात नजाकत उर्फ पप्पू उर्फ तांत्रिक महामंडलेश्वर राजेंद्र स्वरूप के संपर्क में था। नजाकत कचहरी से पुलिस वालों के साथ महामंडलेश्वर के घर पर गया था। पुलिस जांच में भी इसकी पुष्टि हुई थी। इसको लेकर अलग अलग चर्चाएं भी थीं। हालांकि महामंडलेश्वर की हत्या में जमीन का विवाद सामने आने की बात कही गई थी।
काफी सुबूत जुटाए
महामंडलेश्वर की हत्या में पुलिस ने काफी सुबूत जुटाए थे। विवेचकों को निर्देश दिया गया था कि आरोपियों के खिलाफ ज्यादा से ज्यादा सुबूंत चार्जशीट में दाखिल करें। हत्या जैसे संगीन अपराध में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। - अखिलेश कुमार, डीआईजी
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