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गार्ड की हत्या कर, लाखों का तार लूटा
unnao
Updated Tue, 03 Oct 2017 12:50 AM IST
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सिक्योरिटी गार्ड की हत्या और लूट की घटना के बाद जांच करते सीओ व कोतवाल
- फोटो : amarujala
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बिजली विभाग में विद्युतीकरण का ठेका लेने वाली गाजियाबाद निजी कंपनी के गोदाम में तैनात सिक्योरिटी गार्ड की बेरहमी से हत्या कर बदमाश करीब चार लाख कीमत का तार लूट ले गए। सुबह ग्रामीणों ने गोदाम का गेट खुला और चारपाई में बंधे गार्ड को मृत देखा तो पुलिस को सूचना दी। सूचना पर एसपी समेत पुलिस मौके पर पहुंची। हत्यारों ने गार्ड को तार से चारपाई में बांधने के बाद उसके मुंह में कपड़ा भर दिया। इसके बाद धारदार हथियारों से हमला कर उसे मौत के घाट उतारा। गोदाम से करीब चार लाख रुपये की कीमत के तार की लूट का अनुमान है। हालांकि मृतक गार्ड के परिजनों ने भूमि विवाद में हत्या की आशंका जताते हुए अपने गांव के ही सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
माखी थानाक्षेत्र के गांव ऐरा भदियार निवासी जगत नारायण तिवारी (45) पुत्र काशीप्रसाद तिवारी, बिजली विभाग में ठेका लेने वाली एक्यूरेट ट्रांसफार्मर कंपनी के शहर कोतवाली क्षेत्र के हुसैननगर गांव स्थित गोदाम में सिक्योरिटी गार्ड था। कंपनी ने अपने गोदाम की रखवाली में दो गार्ड लगाए थे। दोनों सिक्योरिटी गार्ड एक ही गांव के थे। दिन में जगधर शुक्ला पुत्र गया प्रसाद और रात को जगत नारायण तिवारी ड्यूटी करता था। जगत नारायण रोज की तरह रविवार शाम छह बजे स्कूटी से अपनी दो नाली बंदूक सहित ड्यूटी पर गया था। देर रात बदमाशों ने हमला बोला। गोदाम के भीतर सो रहे सिक्योरिटी गार्ड को बदमाशों ने मारापीटा और बिजली के तार से ही चारपाई पर बांध दिया। वह शोर न मचा सके इसके लिए हमलावरों ने उसके मुंह में कपड़ा भर दिया। इसके बाद धारदार हथियार से गले, चेहरे और गर्दन पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया। सुबह ग्रामीणों ने दिन में ड्यूटी करने वाले गार्ड जगधर शुक्ला और पुलिस को घटना की सूचना दी। एसपी नेहा पांडेय, सीओ सिटी स्वतंत्र सिंह मौके पर पहुंचे और तफ्तीश की। मृतक के पहचान पत्र से जानकारी लेकर परिजनों को सूचना दी गई। लखनऊ के इंद्रानगर निवासी सिक्योरिटी एजेंसी संचालक संदीप वर्मा ने बताया कि बदमाश गोदाम में रखे विद्युत तार के आठ बंडल लूटकर ले गए हैं। लूटे गए तार की कीमत करीब चार लाख रुपये है। पहले तो पुलिस को सिक्योरिटी गार्ड की लाइसेंसी बंदूक भी लूट ले जाने का शक हुआ लेकिन जांच के दौरान घटना स्थल से करीब सौ मीटर की दूरी पर उसकी बंदूक मिल गई। घटना की तफ्तीश के लिए डाग स्क्वायड और फील्ड यूनिट भी पहुंची। हालांकि स्निफर डाग पुलिस की खास मदद नहीं कर पाया। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज रही थी तभी परिजन पहुंच गए और शव उठाने का विरोध करने लगे। कोतवाल के समझाने पर परिजन शांत हुए तब शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक के बड़े भाई कृष्ण कुमार तिवारी ने अपने गांव ऐरा भदियार गांव के ही रहने वाले सात लोगों पर जमीन के विवाद में लूट और हत्या करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। भाई ने शहर कोतवाल को दी गई तहरीर में बताया है कि गांव में बीस दिन पहले जमीन का एग्रीमेंट कराया था। लेकिन गांव के सनील, पप्पू, मुन्ना, गोवर्धन, नंदलाल, टार्जन और महेंद्र जमीन पर जबरन कब्जा कर रहे थे। रविवार शाम को भी जमीन को जुतवा रहे थे। सूचना पर पुलिस भी पहुंची लेकिन सभी भाग निकले। आरोप है कि इसी के बाद सभी ने मिलकर उसके भाई की हत्या कर दी और तार लूट ले गए।
एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि लूट और हत्या की घटना में मृतक के भाई ने जो रिपोर्ट दर्ज कराई है उसपर तफ्तीश चल रही है। आरोपी फरार है उनकी गिरफ्तारी और जांच के बाद ही घटना का खुलासा होगा।
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बीस दिन पहले छह बीघा जमीन का कराया था एग्रीमेंट
मृतक के बड़े भाई कृष्ण कुमार तिवारी ने बताया बीस दिन पहले बेटे धीरज के साले मनीष पुत्र देवेंद्र कुमार त्रिपाठी निवासी फतेहपुर खागा ने गांव की ही छह बीघा जमीन का एग्रीमेंट अचलगंज थानाक्षेत्र के गांव कोरारी खुर्द निवासी श्रीराम पुत्र देबीदीन से कराया था। श्रीराम ने यह जमीन ऐरा भदियार निवासी अपनी बुआ सिताला पत्नी स्व. महावीर से खरीदी थी। इस जमीन को सिताला के देवर रामेश्वर के लड़के चंद्रबली व नंदलाल गांव के ही वीरपाल सिंह व उनके लड़के पप्पू, मुन्ना व सुनील के साथ मिलकर हथियाना चाहते थे। सिताला के घर पर भी आरोपियों ने कब्जा कर रखा है।
रविवार रात खेत पर कब्जे का किया था प्रयास
मृतक के भाई कृष्ण कुमार तिवारी का आरोप है कि रविवार रात सुनील, पप्पू व मुन्ना पुत्र वीरपाल अपने साथी गोवर्धन, नंदलाल पुत्र रामेश्वर के अलावा नंदलाल के लड़के टारजन व महेंद्र के साथ ट्रैक्टर लेकर खेत जोतने लगे। जानकारी पर 100 नंबर पर सूचना दी गई थी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी भाग निकले। आरोप है हुसैन नगर पहुंचकर भाई को अकेला पाकर हत्या कर दी। भाई के मुताबिक लेखपाल ने भी बिना जांच और पैमाइश के ट्रैक्टर न चलाने की बात कही थी।
2015 में ब्लैक लिस्टेड हुई थी एक्यूरेट कंपनी
बिजली विभाग में ट्रांसफार्मर लगाने का ठेका लेने वाली गाजियाबाद की एक्यूरेट कंपनी के समय से काम पूरा न कर पाने पर दिसंबर 2015 में विद्युत विभाग ने ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया था। इस कंपनी के ठेकेदार शाहिबाबाद गाजियाबाद निवासी दीपक शर्मा ने प्राइवेट गोदाम लेकर बचा माल रखवाया था। इसकी रखवाली के लिए सर्विलांस डिडेक्टिव सिक्योरिटी सर्विस प्राइवेट लिमटेड मॉर्डन इंस्यूमेंट कंपनी इंद्रानगर लखनऊ से दो सिक्योरिटी गार्डों की तैनाती की थी।
पांच भाइयों में तीसरे नंबर का था मृतक
मृतक जगतनारायण पांच भाईयों में तीसरे नंबर का था। वह सिक्योरिटी गार्ड के साथ-साथ मौलिक अधिकार एसोसिएशन में सदस्य भी था। मृतक की पत्नी शशी के अलावा पांच बच्चे हैं। इसमें मोनी, रोली, शिल्पी, दीपक व अंश हैं। बेटियों में मोनी, रोली का विवाह हो चुका है।
चारपाई में न बांधते तो हत्या न कर पाते
मृतक जगतनारायण तिवारी के बड़े भाई कृष्ण कुमार तिवारी के माने तो जगतनारायण पांच पर अकेला ही भारी था। बदमाशों की संख्या पांच से अधिक रही। तभी भाई की वह हत्या कर पाए। भाई की मौत पर अन्य भाई रो-रो कर बेहाल थे।
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माखी थानाक्षेत्र के गांव ऐरा भदियार निवासी जगत नारायण तिवारी (45) पुत्र काशीप्रसाद तिवारी, बिजली विभाग में ठेका लेने वाली एक्यूरेट ट्रांसफार्मर कंपनी के शहर कोतवाली क्षेत्र के हुसैननगर गांव स्थित गोदाम में सिक्योरिटी गार्ड था। कंपनी ने अपने गोदाम की रखवाली में दो गार्ड लगाए थे। दोनों सिक्योरिटी गार्ड एक ही गांव के थे। दिन में जगधर शुक्ला पुत्र गया प्रसाद और रात को जगत नारायण तिवारी ड्यूटी करता था। जगत नारायण रोज की तरह रविवार शाम छह बजे स्कूटी से अपनी दो नाली बंदूक सहित ड्यूटी पर गया था। देर रात बदमाशों ने हमला बोला। गोदाम के भीतर सो रहे सिक्योरिटी गार्ड को बदमाशों ने मारापीटा और बिजली के तार से ही चारपाई पर बांध दिया। वह शोर न मचा सके इसके लिए हमलावरों ने उसके मुंह में कपड़ा भर दिया। इसके बाद धारदार हथियार से गले, चेहरे और गर्दन पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया। सुबह ग्रामीणों ने दिन में ड्यूटी करने वाले गार्ड जगधर शुक्ला और पुलिस को घटना की सूचना दी। एसपी नेहा पांडेय, सीओ सिटी स्वतंत्र सिंह मौके पर पहुंचे और तफ्तीश की। मृतक के पहचान पत्र से जानकारी लेकर परिजनों को सूचना दी गई। लखनऊ के इंद्रानगर निवासी सिक्योरिटी एजेंसी संचालक संदीप वर्मा ने बताया कि बदमाश गोदाम में रखे विद्युत तार के आठ बंडल लूटकर ले गए हैं। लूटे गए तार की कीमत करीब चार लाख रुपये है। पहले तो पुलिस को सिक्योरिटी गार्ड की लाइसेंसी बंदूक भी लूट ले जाने का शक हुआ लेकिन जांच के दौरान घटना स्थल से करीब सौ मीटर की दूरी पर उसकी बंदूक मिल गई। घटना की तफ्तीश के लिए डाग स्क्वायड और फील्ड यूनिट भी पहुंची। हालांकि स्निफर डाग पुलिस की खास मदद नहीं कर पाया। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज रही थी तभी परिजन पहुंच गए और शव उठाने का विरोध करने लगे। कोतवाल के समझाने पर परिजन शांत हुए तब शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक के बड़े भाई कृष्ण कुमार तिवारी ने अपने गांव ऐरा भदियार गांव के ही रहने वाले सात लोगों पर जमीन के विवाद में लूट और हत्या करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। भाई ने शहर कोतवाल को दी गई तहरीर में बताया है कि गांव में बीस दिन पहले जमीन का एग्रीमेंट कराया था। लेकिन गांव के सनील, पप्पू, मुन्ना, गोवर्धन, नंदलाल, टार्जन और महेंद्र जमीन पर जबरन कब्जा कर रहे थे। रविवार शाम को भी जमीन को जुतवा रहे थे। सूचना पर पुलिस भी पहुंची लेकिन सभी भाग निकले। आरोप है कि इसी के बाद सभी ने मिलकर उसके भाई की हत्या कर दी और तार लूट ले गए।
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एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि लूट और हत्या की घटना में मृतक के भाई ने जो रिपोर्ट दर्ज कराई है उसपर तफ्तीश चल रही है। आरोपी फरार है उनकी गिरफ्तारी और जांच के बाद ही घटना का खुलासा होगा।
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बीस दिन पहले छह बीघा जमीन का कराया था एग्रीमेंट
मृतक के बड़े भाई कृष्ण कुमार तिवारी ने बताया बीस दिन पहले बेटे धीरज के साले मनीष पुत्र देवेंद्र कुमार त्रिपाठी निवासी फतेहपुर खागा ने गांव की ही छह बीघा जमीन का एग्रीमेंट अचलगंज थानाक्षेत्र के गांव कोरारी खुर्द निवासी श्रीराम पुत्र देबीदीन से कराया था। श्रीराम ने यह जमीन ऐरा भदियार निवासी अपनी बुआ सिताला पत्नी स्व. महावीर से खरीदी थी। इस जमीन को सिताला के देवर रामेश्वर के लड़के चंद्रबली व नंदलाल गांव के ही वीरपाल सिंह व उनके लड़के पप्पू, मुन्ना व सुनील के साथ मिलकर हथियाना चाहते थे। सिताला के घर पर भी आरोपियों ने कब्जा कर रखा है।
रविवार रात खेत पर कब्जे का किया था प्रयास
मृतक के भाई कृष्ण कुमार तिवारी का आरोप है कि रविवार रात सुनील, पप्पू व मुन्ना पुत्र वीरपाल अपने साथी गोवर्धन, नंदलाल पुत्र रामेश्वर के अलावा नंदलाल के लड़के टारजन व महेंद्र के साथ ट्रैक्टर लेकर खेत जोतने लगे। जानकारी पर 100 नंबर पर सूचना दी गई थी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी भाग निकले। आरोप है हुसैन नगर पहुंचकर भाई को अकेला पाकर हत्या कर दी। भाई के मुताबिक लेखपाल ने भी बिना जांच और पैमाइश के ट्रैक्टर न चलाने की बात कही थी।
2015 में ब्लैक लिस्टेड हुई थी एक्यूरेट कंपनी
बिजली विभाग में ट्रांसफार्मर लगाने का ठेका लेने वाली गाजियाबाद की एक्यूरेट कंपनी के समय से काम पूरा न कर पाने पर दिसंबर 2015 में विद्युत विभाग ने ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया था। इस कंपनी के ठेकेदार शाहिबाबाद गाजियाबाद निवासी दीपक शर्मा ने प्राइवेट गोदाम लेकर बचा माल रखवाया था। इसकी रखवाली के लिए सर्विलांस डिडेक्टिव सिक्योरिटी सर्विस प्राइवेट लिमटेड मॉर्डन इंस्यूमेंट कंपनी इंद्रानगर लखनऊ से दो सिक्योरिटी गार्डों की तैनाती की थी।
पांच भाइयों में तीसरे नंबर का था मृतक
मृतक जगतनारायण पांच भाईयों में तीसरे नंबर का था। वह सिक्योरिटी गार्ड के साथ-साथ मौलिक अधिकार एसोसिएशन में सदस्य भी था। मृतक की पत्नी शशी के अलावा पांच बच्चे हैं। इसमें मोनी, रोली, शिल्पी, दीपक व अंश हैं। बेटियों में मोनी, रोली का विवाह हो चुका है।
चारपाई में न बांधते तो हत्या न कर पाते
मृतक जगतनारायण तिवारी के बड़े भाई कृष्ण कुमार तिवारी के माने तो जगतनारायण पांच पर अकेला ही भारी था। बदमाशों की संख्या पांच से अधिक रही। तभी भाई की वह हत्या कर पाए। भाई की मौत पर अन्य भाई रो-रो कर बेहाल थे।