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‘फास्ट सॉफ्टवेयर’ से ई-टिकट में सेंधमारी

jhansi Updated Tue, 11 Dec 2018 02:14 AM IST
railwar ncr jhansi
railwar ncr jhansi - फोटो : demo
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फास्ट सॉफ्टवेयर के जरिए आईआरसीटीसी की वेबसाइट में सेंधमारी कर ई-टिकट बनाने का धंधा जिले में तेजी से चल रहा है। कुछ एजेंट इस सॉफ्टवेयर के जरिए आईआरसीटीसी की वेबसाइट धीमी कर और अपने कंप्यूटर के इंटरनेट की स्पीड बढ़ाकर ई-टिकट बुक कर लेते हैं, बाद में इनको महंगे दामों में बेचते हैं। इससे आम यात्री तत्काल टिकट से वंचित रह जाते हैं।
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रेलवे की तत्काल टिकट बुकिंग सुविधा आपात स्थिति में यात्रा करने वालों के लिए सिरदर्द बन रही है। महानगर में लंबे समय से कई स्थानों पर तत्काल टिकट बनाने का खेल चल रहा है। सुबह 10 बजे से एसी और 11 बजे से स्लीपर क्लास की टिकटेें बन रही हैं। आरक्षण काउंटर पर तत्काल टिकट लेने के लिए लोग रात से लेकर सुबह तक खड़े रहते हैं लेकिन इनकी बुकिंग में फास्ट सॉफ्टवेयर की मनमर्जी चलती है। सूत्रों की मानें तो उक्त सॉफ्टेवयर के जरिए दस बजे से तीन-चार मिनट पहले ही आईआरसीटीसी की साइट को धीमा कर दिया जाता है। एजेंट यात्रियों के नाम पहले ही फीड कर लेते हैं और दस बजते ही ओके कर कन्फर्म टिकट निकाल लेते हैं। इस कारण आम लोगों को तत्काल टिकट नहीं मिलता है, जबकि, एजेंट इसमें कामयाब हो जाते हैं। यही प्रक्रिया स्लीपर क्लास में भी इस्तेमाल होती है।  

काउंटर पर टिकट बनाने में लग जाते एक से डेढ़ मिनट
आरक्षण काउंटर पर ई-टिकट बनवाने में कम से कम एक से डेढ़ मिनट लगता है। रेलवे के सिस्टम में यात्री का नाम, पता, उम्र और स्थान भरा जाता है। जबकि, दलाल जिस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं, उसमें यात्रियों की सारी जानकारी पहले से फीड रहती है और कमांड देते ही एक के बाद एक टिकट की बुकिंग होने लगती है। यही वजह है कि आरक्षण कार्यालय पर जब तक एक टिकट बुक किया जाता है, तब तक दलाल दर्जनों टिकट कंफर्म कर लेते हैं। ऐसे में तत्काल टिकटों का कोटा पलभर में ही खत्म हो जाता है।

एक माह में बन सकते हैं छह टिकट
आम आदमी अपनी पर्सनल आईडी से एक माह में छह टिकट बना सकते हैं। यदि आईडी आधार कार्ड से लिंक हैं तो 12 टिकट बना सकते हैं। वहीं, आईआरसीटीसी के एजेंट एक माह में कई टिकट बना सकते हैं। इसके बदले में उनको कमीशन मिलता है। सॉफ्टवेयर व कई पर्सनल आईडी बनाकर टिकट बुक करने का काम चल रहा है।

दो माह में 22 गए जेल
आरपीएफ कमांडेंट सारिका मोहन ने चार्ज संभालते ही टिकट के दलालों को पकड़ने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। मंडल के झांसी, ललितपुर, ग्वालियर, उरई व महोबा में अक्टूबर व नवंबर माह में चलाए गए अभियान के दौरान 22 लोगों को पकड़ा, सभी पर मामला दर्ज कर जेल भेजा गया।

ऐसे अवैध कारोबारियों पर आईआरसीटीसी व आरपीएफ की पूरी नजर है। पिछले माह आरपीएफ ने अभियान चलाकर कइयों को पकड़ा। कई प्राथमिकी भी दर्ज की गई है और कुछ जेल भी गए। आरपीएफ के जवान लगातार दबिश भी दे रहे हैं। - मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी।
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