रिश्वतखोरी में आयकर अधिकारी को दस साल की कैद, दो लाख जुर्माना
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सीबीआई कोर्ट ने पांच लाख रुपये की रिश्वत लेने के दोषी आयकर अधिकारी को दस साल के कारावास और दो लाख के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अधिकारी ने रुद्रपुर के किसान से इनकम टैक्स से जुड़े मामले के निस्तारण के लिए 12 लाख रुपये रिश्वत की डिमांड की थी। सीबीआई ने अधिकारी को किसान से पांच लाख रुपये लेते रंगे हाथों दबोचा था।
रुद्रपुर निवासी किसान जगतार सिंह ने 28 मई 2014 को सीबीआई आफिस में मामले की शिकायत की थी। जगतार सिंह ने बताया था कि उसकी ऊधमसिंह नगर में करीब 35 एकड़ भूमि है। हर साल वह और उसकी पत्नी इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं। जगतार का कहना था कि 2011-12 के बीच कम आय दिखाने का आरोप लगाकर रुद्रपुर के आयकर अधिकारी अरुण कुमार रंजन उन पर नाजायज दबाव बना रहे थे।
12 लाख की थी डिमांड
कई बार नोटिस देकर उन्हें आफिस बुलाया। धमकाया कि यदि 12 लाख रुपये की रिश्वत नहीं दी तो वह बड़ा जुर्माना लगा देंगे। मजबूरन जगतार ने रिश्वत में पांच लाख की पहली किश्त देने का वायदा किया। सीबीआई ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आयकर अधिकारी रंजन को 29 मई 2014 को पांच लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया था।
सीबीआई के आरोप पत्र दाखिल करने के बाद कोर्ट में सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की तरफ से 14 गवाह प्रस्तुत किए गए, जबकि बचाव पक्ष की तरफ से पांच गवाहों के बयान दर्ज हुए। सीबीआई कोर्ट ने आयकर अधिकारी को दोषी मानते हुए कस्टडी में ले लिया। दोपहर बाद सुनाए गए फैसले में आयकर अधिकारी को दस साल के कारावास की सजा सुनाई है। दो लाख का जुर्माना अदा न करने की स्थिति में छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।