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गवाही देने पर परिवार को जान से मारने की धमकी
अमर उजाला / ब्यूरो/बागपत
Updated Wed, 16 Nov 2016 01:52 AM IST
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बागपत। बड़ौत तहसील के सब रजिस्ट्रार रामकिशोर शर्मा और उनके पड़ोसी राजवीर की हत्या के मामले में परमवीर गैंग समझौते का दबाव बना रहा है। सोमवार की रात में मृतक रामकिशोर के मकान के गेट पर चिट्ठी चिपकाकर कोर्ट में गवाही न करने की धमकी दी। चेतावनी दी बात नहीं मानी तो पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा।
ट्यौढ़ी गांव निवासी हरिकिशोर शर्मा ने बताया उनके भाई रामकिशोर और पड़ोसी राजवीर की 12 अगस्त 2014 को छपरौली थाने के हिस्ट्रीशीटर परमवीर तुगाना ने अपने साथियों के साथ मिलकर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। केस कोर्ट में विचाराधीन है। जेल में बंद परमवीर गैंग उन पर समझौते का दबाव बना रहा है। सोमवार की रात में उनके मकान के गेट पर एक चिट्ठी चिपका दी। इसमें लिखा है गवाही मत करों, वरना पूरे परिवार को भून दिया जाएगा।
मंगलवार सुबह चिट्ठी का पता चला। उनके भतीजे शुगम किशोर (रामकिशोर का बेटा) की मंगलवार को ही गवाही की तिथि थी। पता चलते ही उन्होंने इसकी जानकारी बड़ौत पुलिस को दी। बाद में वे पुलिस सुरक्षा में गवाही के लिए कोर्ट में पहुंचे, लेकिन कोर्ट में गवाही नहीं हो पाई।
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बड़ौत सीओ कर्मवीर सिंह ने कहा सुगम किशोरी की कोर्ट में गवाही थी, इसलिए उसको पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई। उनके मकान के गेट पर चिट्ठी चिपकी हुई मिली है। इसकी उनको कोई जानकारी नहीं है। उल्लेखनीय है कि शुगम किशोर खेकड़ा तहसील में लिपिक है। चार माह पहले खेकड़ा जाते समय पुलिस सुरक्षा में उस पर जानलेवा हमला हुआ था। उसने कोतवाली में परमवीर व उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चिट्ठी मिलने के बाद परिवार में दहशत है।
ट्यौढ़ी गांव निवासी हरिकिशोर शर्मा ने बताया उनके भाई रामकिशोर और पड़ोसी राजवीर की 12 अगस्त 2014 को छपरौली थाने के हिस्ट्रीशीटर परमवीर तुगाना ने अपने साथियों के साथ मिलकर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। केस कोर्ट में विचाराधीन है। जेल में बंद परमवीर गैंग उन पर समझौते का दबाव बना रहा है। सोमवार की रात में उनके मकान के गेट पर एक चिट्ठी चिपका दी। इसमें लिखा है गवाही मत करों, वरना पूरे परिवार को भून दिया जाएगा।
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मंगलवार सुबह चिट्ठी का पता चला। उनके भतीजे शुगम किशोर (रामकिशोर का बेटा) की मंगलवार को ही गवाही की तिथि थी। पता चलते ही उन्होंने इसकी जानकारी बड़ौत पुलिस को दी। बाद में वे पुलिस सुरक्षा में गवाही के लिए कोर्ट में पहुंचे, लेकिन कोर्ट में गवाही नहीं हो पाई।
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बड़ौत सीओ कर्मवीर सिंह ने कहा सुगम किशोरी की कोर्ट में गवाही थी, इसलिए उसको पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई। उनके मकान के गेट पर चिट्ठी चिपकी हुई मिली है। इसकी उनको कोई जानकारी नहीं है। उल्लेखनीय है कि शुगम किशोर खेकड़ा तहसील में लिपिक है। चार माह पहले खेकड़ा जाते समय पुलिस सुरक्षा में उस पर जानलेवा हमला हुआ था। उसने कोतवाली में परमवीर व उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चिट्ठी मिलने के बाद परिवार में दहशत है।