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ठगी के गिरोह का सरगना गिरफ्तार
ठगी के गिरोह का सरगना गिरफ्तार
Updated Thu, 18 Oct 2018 11:58 PM IST
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कन्नौज। रेलवे में नौकरी का झांसा देकर 30 से ज्यादा बेरोजगार युवकों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के आजमगढ़ निवासी सरगना अंशुमान उर्फ मुलायम यादव को पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। इनके गिरोह में शामिल शहर के एक अधिवक्ता व उसके पुत्र को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि अंशुमान फरार चल रहा था।
इंदरगढ़ के मंसुखपुर निवासी अजय प्रताप समेत 30 लोगों की तहरीर पर पुलिस ने रेलवे में नौकरी के नाम पर बेरोजगारों से ठगी के आरोप में सदर कोतवाली क्षेत्र के आनंदीदासपुर मोहल्ला निवासी अधिवक्ता मधुकर सक्सेना व पुत्र शरद सक्सेना को गिरफ्तार किया था। दोनों पर आरोप था कि कानपुर के कल्याणपुर के कोचिंग संचालक अवधेश कुमार निवासी रसूलाबाद, कानपुर देहात के जरिये रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर तीन से दस लाख रुपये प्रति आवेदक वसूले। हालांकि किसी की भी नौकरी नहीं लगी। पिता-पुत्र के साथ ठगी के इस कारोबार में इनके साथ आजमगढ़ के आंखीपुर जियनपुर निवासी अंशुमान उर्फ मुलायम यादव पुत्र तिलकधारी भी शामिल था। यही नहीं, तीनों शातिरों ने बेरोगार युवकों को फर्जी नियुक्त पत्र तक थमा दिया था। 17 मार्च 2017 को कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करते हुए अधिवक्ता मधुकर सक्सेना व पुत्र शरद सक्सेना को गिरफ्तार कर लिया था। दोनों ने पुलिस पूछताछ में अंशुमान को मास्टर माइंड बताया था। इसके बाद से पुलिस अंशुमान की तलाश में जुटी हुई थी। कोतवाली पुलिस ने बुधवार रात लखनऊ से अंशुमान को गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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इंदरगढ़ के मंसुखपुर निवासी अजय प्रताप समेत 30 लोगों की तहरीर पर पुलिस ने रेलवे में नौकरी के नाम पर बेरोजगारों से ठगी के आरोप में सदर कोतवाली क्षेत्र के आनंदीदासपुर मोहल्ला निवासी अधिवक्ता मधुकर सक्सेना व पुत्र शरद सक्सेना को गिरफ्तार किया था। दोनों पर आरोप था कि कानपुर के कल्याणपुर के कोचिंग संचालक अवधेश कुमार निवासी रसूलाबाद, कानपुर देहात के जरिये रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर तीन से दस लाख रुपये प्रति आवेदक वसूले। हालांकि किसी की भी नौकरी नहीं लगी। पिता-पुत्र के साथ ठगी के इस कारोबार में इनके साथ आजमगढ़ के आंखीपुर जियनपुर निवासी अंशुमान उर्फ मुलायम यादव पुत्र तिलकधारी भी शामिल था। यही नहीं, तीनों शातिरों ने बेरोगार युवकों को फर्जी नियुक्त पत्र तक थमा दिया था। 17 मार्च 2017 को कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करते हुए अधिवक्ता मधुकर सक्सेना व पुत्र शरद सक्सेना को गिरफ्तार कर लिया था। दोनों ने पुलिस पूछताछ में अंशुमान को मास्टर माइंड बताया था। इसके बाद से पुलिस अंशुमान की तलाश में जुटी हुई थी। कोतवाली पुलिस ने बुधवार रात लखनऊ से अंशुमान को गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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