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परसाकुतुब में शव दफनाने के लिए विवाद
basti
Updated Mon, 07 May 2018 11:32 PM IST
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पहंची पुलिस।
- फोटो : amar ujala
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भानपुर।
सोनहा थाना क्षेत्र के परसाकुतुब गांव में पट्टाशुदा तालाब की जमीन में शव दफनाने के लिए सोमवार को विवाद शुरू हो गया। मामला बिगड़ते देखकर ग्रामीणों ने इसकी सूचना ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम अमनदीप डुली और प्रभारी निरीक्षक सोनहा शिवाकांत मिश्रा को दी। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने समझा-बुझाकर शव को दफन कराकर मामला शांत कराया।
परसाकुतुब गांव के बाहर करीब दो एकड़ की भूमि में फैले तालाब का वर्ष 2017-18 में धवाय गांव के रहने वाले प्रभुदयाल निषाद के नाम से मत्स्य पालन के लिए पट्टा कर दिया गया है। ग्रामीणों की मानें तो इसी तालाब पर उत्तर तरफ एक हिस्से पर परसाकुतुब गांव के दलित कई पीढ़ियों से शव को दफन करते चले आ रहे हैं। सोमवार को जब गांव के रामनरेश उर्फ कल्लू (75) की बीमारी से मौत हो गई तो उनके परिवार के लोग शव दफन करने पहुुंचे। पट्टाधारक का कारोबार देखने वाले लोगों ने तालाब का पट्टा होने की बात कहकर शव दफन करने से मना कर दिया। इससे विवाद का माहौल बन गया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों को लिखित समझौते के लिए मंगलवार को तहसील कार्यालय में तलब किया है।
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सोनहा थाना क्षेत्र के परसाकुतुब गांव में पट्टाशुदा तालाब की जमीन में शव दफनाने के लिए सोमवार को विवाद शुरू हो गया। मामला बिगड़ते देखकर ग्रामीणों ने इसकी सूचना ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम अमनदीप डुली और प्रभारी निरीक्षक सोनहा शिवाकांत मिश्रा को दी। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने समझा-बुझाकर शव को दफन कराकर मामला शांत कराया।
परसाकुतुब गांव के बाहर करीब दो एकड़ की भूमि में फैले तालाब का वर्ष 2017-18 में धवाय गांव के रहने वाले प्रभुदयाल निषाद के नाम से मत्स्य पालन के लिए पट्टा कर दिया गया है। ग्रामीणों की मानें तो इसी तालाब पर उत्तर तरफ एक हिस्से पर परसाकुतुब गांव के दलित कई पीढ़ियों से शव को दफन करते चले आ रहे हैं। सोमवार को जब गांव के रामनरेश उर्फ कल्लू (75) की बीमारी से मौत हो गई तो उनके परिवार के लोग शव दफन करने पहुुंचे। पट्टाधारक का कारोबार देखने वाले लोगों ने तालाब का पट्टा होने की बात कहकर शव दफन करने से मना कर दिया। इससे विवाद का माहौल बन गया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों को लिखित समझौते के लिए मंगलवार को तहसील कार्यालय में तलब किया है।
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