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50 हजार के लिए दोस्तों ने ही की थी दीपेश की हत्या
अमर उजाल, जालौन
Updated Tue, 20 Feb 2018 11:20 PM IST
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जालौन कोतवाली में मामले का खुलासा करते एसपी। अमर उजाला
- फोटो : amar ujala
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कुठौंदा बुजुर्ग गांव के पास एक सप्ताह पूर्व युवक की रस्सी से गला घोटकर की गई हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या करने वाले युवक के दोस्त निकले। उन्होंने 50 हजार रुपये के लिए हत्या की थी। एक आरोपी अभी भी फरार है।
जालौन कोतवाली में मंगलवार को एसपी अमरेंद्र सिंह ने मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बीती 14 फरवरी को ग्राम कुठौंदा बुजुर्ग के पास एक खेत में कदौरा निवासी दीपेश साहू उर्फ राजा का शव बरामद हुआ था। उसकी रस्सी से गला घोंट कर हत्या की गई थी। दीपेश की बुआ विजय लक्ष्मी ने उसके दोस्त रिनिया के सिरसा कलार निवासी मुरारी द्विवेदी व उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सोमवार रात पुलिस ने जालौन के कोंच चौराहे से मुरारी उर्फ राज द्विवेदी व हमीरपुर के कश्यप सिंह राजपूत को गिरफ्तार किया है।
कोतवाली में पूछताछ के दौरान इन दोनों ने दीपेश की हत्या की बात स्वीकार की है। एसपी ने बताया कि आरोपियों ने बताया कि दीपेश लखनऊ में एक कंपनी में मुरारी, कश्यप व पुष्कर के साथ काम करता था। इन तीनों ने 50 हजार रुपये देकर दीपेश की कंपनी में नौकरी लगवाई थी। इसके बाद से दीपेश रुपये वापस नहीं कर रहा था। इससे त्रस्त होकर तीनों ने दीपेश की हत्या की साजिश रची। योजनाबद्ध तरीके से मुरारी, कश्यप और पुष्कर तीनों 13 फरवरी को उरई आए। उसी दिन दीपेश परिवार समेत एक शादी समारोह में शामिल होने उरई आया था। तीनों उससे मिले और रात करीब 10 बजे उससे चलने को कहा। दीपेश परिवार को गेस्ट हाउस छोड़कर उनके साथ चला गया। मुरारी ने दीपेश से उसके गांव चलने की बात कही। दीपेश राजी हो गया। रास्ते में उन तीनों ने उससे 50 हजार रुपये मांगे। इस पर विवाद हो गया। तीनों ने कुठौंदा बुजुर्ग गांव के पास एक खेत में ले जाकर रस्सी से गला घोंट कर दीपेश की हत्या कर दी और वहां से भाग निकले।
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एसपी ने कहा कि इनका एक साथी पुष्कर अभी फरार है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रस्सी भी बरामद की है। आरोपियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम में जालौन कोतवाल विनोद कुमार मिश्रा, सिपाही लोकेश कुमार, उमेश कुमार, राहुल कुमार, सर्विलांस टीम से गौरव बाजपेई, स्वाट टीम से शैलेंद्र चौबे आदि मौजूद रहे। एसपी ने पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया।
दीपेश को लेकर मुरारी, कश्यप व पुष्कर पहले उरई जिला परिषद पहुंचे, जहां सबने शराब पी। दीपेश को ज्यादा शराब पिलाई। दीपेश इतने नशे में था कि ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था।
मुरारी व कश्यप ने बताया कि वह सभी शराब पिये थे। दीपेश ज्यादा नशे में था और कार चला रहा था। कुठौंद बुजुर्ग गांव के पास कार अनियंत्रित हो गई और पुलिया से जा टकराई थी।
कार पलटने के बाद मुरारी, कश्यप और पुष्कर कार से किसी तरह बाहर निकले और दीपेश को भी निकाला। इसके बाद रुपयों के लेनदेन में विवाद हो गया।
जिस रस्सी से दीपेश का गला घोटा गया वह उसी की कार में रखी हुई थी। मारपीट के दौरान मुरारी की रस्सी पर नजर पड़ गई और वह रस्सी लेकर दीपेश को पकड़ने दौड़ा। भाग रहे दीपेश के गले में रस्सी डालकर उसे पटक दिया और उसी से उसका गला घोट दिया।
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जालौन कोतवाली में मंगलवार को एसपी अमरेंद्र सिंह ने मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बीती 14 फरवरी को ग्राम कुठौंदा बुजुर्ग के पास एक खेत में कदौरा निवासी दीपेश साहू उर्फ राजा का शव बरामद हुआ था। उसकी रस्सी से गला घोंट कर हत्या की गई थी। दीपेश की बुआ विजय लक्ष्मी ने उसके दोस्त रिनिया के सिरसा कलार निवासी मुरारी द्विवेदी व उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सोमवार रात पुलिस ने जालौन के कोंच चौराहे से मुरारी उर्फ राज द्विवेदी व हमीरपुर के कश्यप सिंह राजपूत को गिरफ्तार किया है।
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कोतवाली में पूछताछ के दौरान इन दोनों ने दीपेश की हत्या की बात स्वीकार की है। एसपी ने बताया कि आरोपियों ने बताया कि दीपेश लखनऊ में एक कंपनी में मुरारी, कश्यप व पुष्कर के साथ काम करता था। इन तीनों ने 50 हजार रुपये देकर दीपेश की कंपनी में नौकरी लगवाई थी। इसके बाद से दीपेश रुपये वापस नहीं कर रहा था। इससे त्रस्त होकर तीनों ने दीपेश की हत्या की साजिश रची। योजनाबद्ध तरीके से मुरारी, कश्यप और पुष्कर तीनों 13 फरवरी को उरई आए। उसी दिन दीपेश परिवार समेत एक शादी समारोह में शामिल होने उरई आया था। तीनों उससे मिले और रात करीब 10 बजे उससे चलने को कहा। दीपेश परिवार को गेस्ट हाउस छोड़कर उनके साथ चला गया। मुरारी ने दीपेश से उसके गांव चलने की बात कही। दीपेश राजी हो गया। रास्ते में उन तीनों ने उससे 50 हजार रुपये मांगे। इस पर विवाद हो गया। तीनों ने कुठौंदा बुजुर्ग गांव के पास एक खेत में ले जाकर रस्सी से गला घोंट कर दीपेश की हत्या कर दी और वहां से भाग निकले।
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एसपी ने कहा कि इनका एक साथी पुष्कर अभी फरार है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रस्सी भी बरामद की है। आरोपियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम में जालौन कोतवाल विनोद कुमार मिश्रा, सिपाही लोकेश कुमार, उमेश कुमार, राहुल कुमार, सर्विलांस टीम से गौरव बाजपेई, स्वाट टीम से शैलेंद्र चौबे आदि मौजूद रहे। एसपी ने पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया।
दीपेश को लेकर मुरारी, कश्यप व पुष्कर पहले उरई जिला परिषद पहुंचे, जहां सबने शराब पी। दीपेश को ज्यादा शराब पिलाई। दीपेश इतने नशे में था कि ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था।
मुरारी व कश्यप ने बताया कि वह सभी शराब पिये थे। दीपेश ज्यादा नशे में था और कार चला रहा था। कुठौंद बुजुर्ग गांव के पास कार अनियंत्रित हो गई और पुलिया से जा टकराई थी।
कार पलटने के बाद मुरारी, कश्यप और पुष्कर कार से किसी तरह बाहर निकले और दीपेश को भी निकाला। इसके बाद रुपयों के लेनदेन में विवाद हो गया।
जिस रस्सी से दीपेश का गला घोटा गया वह उसी की कार में रखी हुई थी। मारपीट के दौरान मुरारी की रस्सी पर नजर पड़ गई और वह रस्सी लेकर दीपेश को पकड़ने दौड़ा। भाग रहे दीपेश के गले में रस्सी डालकर उसे पटक दिया और उसी से उसका गला घोट दिया।