{"_id":"57d1868f4f1c1b7f2f319d0c","slug":"daughter-in-law-to-cause-the-fire-looting","type":"story","status":"publish","title_hn":"ससुर की हत्याकर बहू को लूटा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ससुर की हत्याकर बहू को लूटा
टीम डिजिटल/अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 08 Sep 2016 09:11 PM IST
विज्ञापन
हाईवे के पास लूट की शिकार मंजुषा परिजनों को फोन पर बताती आपबीती
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा शहर से मात्र पांच किलोमीटर दूर बाइक सवार बदमाशों ने ससुर को गोली मारकर उसके साथ बाइक पर मायके जा रही बहू के जेवर लूट लिए। ससुर को गंभीर हालत में जिला अस्पताल से कानपुर रेफर कर दिया गया। पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने अस्पताल में घायल ससुर और बहू से लुटेरों के बारे में जानकारी ली।
तिंदवारी थाना क्षेत्र के गजनी गांव का राम प्रताप वर्मा (50) पुत्र भगत गुरुवार को दोपहर अपनी बहू मंजुषा को बाइक से उसके मायके हस्तम (बिसंडा) गांव छोड़ने जा रहा था। साथ में मंजुषा की छह वर्षीय भांजी मनीषा भी थी। गुरेह गांव के लिंक रोड से अतर्रा रोड नेशनल हाईवे पर आते समय एक ही बाइक में सवार तीन बदमाशों ने तमंचा दिखाकर बाइक रोक ली। दो बदमाशों ने मंजुषा के जेवर उतारना शुरू कर दिए। उसके कान से सोने की झुमकी और कमर से चांदी की पेटी उतार ली। राम प्रताप ने विरोध किया तो एक बदमाश ने उसे तमंचे से गोली मार दी। दाहिनी तरफ पेट के पास गोली आरपार निकल गई। बाद तीनों बदमाश भाग निकले।
घायल राम प्रताप लगभग पौन घंटा तक वहीं तड़पता रहा। मंजुषा मदद की गुहार लगाती रही। बाद में कुछ राहगीरों द्वारा खबर दिए जाने पर पुलिस घटनास्थल पहुंची और घायल को जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया। एसडीएम प्रहलाद सिंह भी अस्पताल पहुंच गए। कोतवाली प्रभारी ने मंजूषा के बयान दर्ज किए। घायल राम प्रताप के बहनोई रविकरन (सिमौनी) ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। कोई भी आरोपी फिलहाल पुलिस के हाथ नहीं लगा है। तीनों बदमाश 20 से 30 साल उम्र के बताए गए हैं। इस संबंध में डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने बताया कि बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक और शहर कोतवाली पुलिस को सीधे निर्देश दिए हैं कि लुटेरों को तत्काल गिरफ्तार करें। बताया कि पांच-छह लोगों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही।
विज्ञापन
सीएम की चेतावनी के 24 घंटे में ही पुलिस की खुली पोल
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा कानून व्यवस्था को लेकर ठीक 24 घंटे पहले लखनऊ में पुलिस अफसरों की ली गई क्लास और उन्हें सुधार लाने का दिए गए अल्टीमेटम को मंडल मुख्यालय बांदा में बदमाशों ने खुली चुनौती दी है। साथ ही बुलंदशहर की घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्गों पर पुलिस गश्त के दावों की पोल भी खुल गई है।
बुधवार को मुख्यमंत्री ने लखनऊ में प्रदेश के सभी पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अफसरों के साथ बैठक की थी। इसमें बांदा के पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी शामिल थे। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा था कि अफसरों को उन्होंने बहुत मौका दे दिया। अब उन्हें रिजल्ट चाहिए। मुख्यमंत्री ने खासकर कानून व्यवस्था को लेकर चेतावनी भरे लहजे में यह बात कही थी। लेकिन इसका यहां पुलिस पर तो फिलहाल कोई फौरीतौर पर असर नजर नहीं आया। लेकिन बदमाशों ने 24 घंटे के अंदर ही दिनदहाड़े हाइवे पर गोली मारकर लूट की वारदात अंजाम दे दी। अब पुलिस का कहना है कि बदमाशों का पता लगाया जा रहा है। जल्द ही उन्हें दबोचा जाएगा।
विज्ञापन
तिंदवारी थाना क्षेत्र के गजनी गांव का राम प्रताप वर्मा (50) पुत्र भगत गुरुवार को दोपहर अपनी बहू मंजुषा को बाइक से उसके मायके हस्तम (बिसंडा) गांव छोड़ने जा रहा था। साथ में मंजुषा की छह वर्षीय भांजी मनीषा भी थी। गुरेह गांव के लिंक रोड से अतर्रा रोड नेशनल हाईवे पर आते समय एक ही बाइक में सवार तीन बदमाशों ने तमंचा दिखाकर बाइक रोक ली। दो बदमाशों ने मंजुषा के जेवर उतारना शुरू कर दिए। उसके कान से सोने की झुमकी और कमर से चांदी की पेटी उतार ली। राम प्रताप ने विरोध किया तो एक बदमाश ने उसे तमंचे से गोली मार दी। दाहिनी तरफ पेट के पास गोली आरपार निकल गई। बाद तीनों बदमाश भाग निकले।
विज्ञापन
घायल राम प्रताप लगभग पौन घंटा तक वहीं तड़पता रहा। मंजुषा मदद की गुहार लगाती रही। बाद में कुछ राहगीरों द्वारा खबर दिए जाने पर पुलिस घटनास्थल पहुंची और घायल को जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया। एसडीएम प्रहलाद सिंह भी अस्पताल पहुंच गए। कोतवाली प्रभारी ने मंजूषा के बयान दर्ज किए। घायल राम प्रताप के बहनोई रविकरन (सिमौनी) ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। कोई भी आरोपी फिलहाल पुलिस के हाथ नहीं लगा है। तीनों बदमाश 20 से 30 साल उम्र के बताए गए हैं। इस संबंध में डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने बताया कि बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक और शहर कोतवाली पुलिस को सीधे निर्देश दिए हैं कि लुटेरों को तत्काल गिरफ्तार करें। बताया कि पांच-छह लोगों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही।
विज्ञापन
सीएम की चेतावनी के 24 घंटे में ही पुलिस की खुली पोल
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा कानून व्यवस्था को लेकर ठीक 24 घंटे पहले लखनऊ में पुलिस अफसरों की ली गई क्लास और उन्हें सुधार लाने का दिए गए अल्टीमेटम को मंडल मुख्यालय बांदा में बदमाशों ने खुली चुनौती दी है। साथ ही बुलंदशहर की घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्गों पर पुलिस गश्त के दावों की पोल भी खुल गई है।
बुधवार को मुख्यमंत्री ने लखनऊ में प्रदेश के सभी पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अफसरों के साथ बैठक की थी। इसमें बांदा के पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी शामिल थे। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा था कि अफसरों को उन्होंने बहुत मौका दे दिया। अब उन्हें रिजल्ट चाहिए। मुख्यमंत्री ने खासकर कानून व्यवस्था को लेकर चेतावनी भरे लहजे में यह बात कही थी। लेकिन इसका यहां पुलिस पर तो फिलहाल कोई फौरीतौर पर असर नजर नहीं आया। लेकिन बदमाशों ने 24 घंटे के अंदर ही दिनदहाड़े हाइवे पर गोली मारकर लूट की वारदात अंजाम दे दी। अब पुलिस का कहना है कि बदमाशों का पता लगाया जा रहा है। जल्द ही उन्हें दबोचा जाएगा।