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मिलावटी शराब को ब्रांडेड बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी
अमर उजाला ब्यूरो/औरैया
Updated Mon, 04 Dec 2017 11:20 PM IST
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बरामद शराब
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पुलिस ने रविवार रात हीरापुर में छापेमारी कर ब्रांडेड कंपनियों की बोतलों में मिलावटी शराब भरकर सप्लाई करने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। यहां से पुलिस ने पेटियों में बंद बोतलें, केन और ड्रमों में भरी शराब, केमिकल, बोतलों को सील करने वाली मशीन तथा एक कार बरामद की। मौके से एक आरोपी दबोचा गया, जबकि दूसरा भाग निकला। बरामद शराब की कीमत पचास लाख बताई जा रही है। पुलिस की मानें तो मिलावटी शराब की सप्लाई यहां से कई जिलों में की जा रही थी।
छापेमारी में शामिल अजीतमल कोतवाली प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह और स्वाट टीम प्रभारी अलमा अहिरवार ने बताया कि शराब की सप्लाई कानपुर, इटावा और आसपास के जिलों में की जाती थी। इसकी जानकारी मिलने पर उनकी संयुक्त टीम ने रात को महेंद्र कुमार के घर की घेराबंदी की। पुलिस के पहुंचते ही वहां हड़कंप मच गया। घर के अंदर बोतलों में शराब की पैकिंग की जा रही थी। मौके पर महेंद्र कुमार मौजूद था। पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया जबकि उसका भाई जितेंद्र कुमार उर्फ बड़े लल्ला भाग निकला।
पुलिस को मौके से छह ड्रम शराब बनाने में काम आने वाला केमिकल (करीब आठ सौ लीटर), पंद्रह सीलबंद केन (करीब सात सौ पचास लीटर), ग्यारह पेटियों में भरी 132 बोतल शराब, 180 एमएल की वाली 864 शीशियों भरी 18 पेटी, 180 मिली. की 45 शीशियां मिलीं। शराब की बोतलों को सील करने वाले रैपर, खाली टब, नौ सौ खाली बोतलेें, बोतलों को पैकिंग करने वाली मशीन भी मिली।
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कोतवाल ने बताया कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। मिलावटी शराब बनाने के कारोबारी यूपी में चल रहे ब्रांड की जगह दूसरे प्रदेशों में चलने वाली शराब कंपनियों की पैकिंग कर रहे थे। हरियाणा व यूपी की देशी ब्रांड दिलरुबा भी यहां तैयार की जा रही थी। यहां से औरैया के अलावा कानपुर, इटावा व आसपास के जिलों में भी शराब सप्लाई की जाती थीे।
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छापेमारी में शामिल अजीतमल कोतवाली प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह और स्वाट टीम प्रभारी अलमा अहिरवार ने बताया कि शराब की सप्लाई कानपुर, इटावा और आसपास के जिलों में की जाती थी। इसकी जानकारी मिलने पर उनकी संयुक्त टीम ने रात को महेंद्र कुमार के घर की घेराबंदी की। पुलिस के पहुंचते ही वहां हड़कंप मच गया। घर के अंदर बोतलों में शराब की पैकिंग की जा रही थी। मौके पर महेंद्र कुमार मौजूद था। पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया जबकि उसका भाई जितेंद्र कुमार उर्फ बड़े लल्ला भाग निकला।
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पुलिस को मौके से छह ड्रम शराब बनाने में काम आने वाला केमिकल (करीब आठ सौ लीटर), पंद्रह सीलबंद केन (करीब सात सौ पचास लीटर), ग्यारह पेटियों में भरी 132 बोतल शराब, 180 एमएल की वाली 864 शीशियों भरी 18 पेटी, 180 मिली. की 45 शीशियां मिलीं। शराब की बोतलों को सील करने वाले रैपर, खाली टब, नौ सौ खाली बोतलेें, बोतलों को पैकिंग करने वाली मशीन भी मिली।
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कोतवाल ने बताया कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। मिलावटी शराब बनाने के कारोबारी यूपी में चल रहे ब्रांड की जगह दूसरे प्रदेशों में चलने वाली शराब कंपनियों की पैकिंग कर रहे थे। हरियाणा व यूपी की देशी ब्रांड दिलरुबा भी यहां तैयार की जा रही थी। यहां से औरैया के अलावा कानपुर, इटावा व आसपास के जिलों में भी शराब सप्लाई की जाती थीे।