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वाराणसी आईजी के दफ्तर में एएसपी अटैच
देवरिया
Updated Wed, 10 May 2017 10:57 PM IST
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संजय केडिया।
- फोटो : अमर उजाला
देवरिया। लखनऊ के मोनिका सिंह गोलीकांड में आरोपी शराब कारोबारी संजय केडिया से एएसपी एनके सिंह के नजदीकी रिश्ते उजागर होने के बाद मुख्यालय से स्थानांतरण आदेश आ गया। खाकी का दामन दागदार होते ही महकमे में खलबली मच गई। मंगलवार की रात मुख्यालय ने एडिशनल एसपी एनके सिंह को वाराणसी आईजी दफ्तर से अटैच कर दिया।
सूत्रों की मानें तो विभागीय जांच में इस बात की पुष्टि हुई थी कि संजय केडिया को मदद देने वाले कुछ विभागीय अफसर ही रहे। बाकायदा इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री तक पहुंची। सर्विलांस, कॉल डिटेल और पुराने फोटोग्राफ्स के आधार पर शासन ने तबादले का फैसला लिया। तुनकमिजाज अपर पुलिस अधीक्षक एनके सिंह का कार्यकाल उतार-चढ़ाव वाला रहा। उन पर कई आरोप-प्रत्यारोप लगे। लारकांड, मेहरौना मूर्ति विसर्जन के दौरान एनके सिंह अचानक फिर से सुर्खियों में आ गए थे।
मूर्ति विसर्जन के दौरान सरकार के इशारे पर एक वर्ग विशेष को खुुश करने के लिए बहुसंख्यकों पर लाठीचार्ज का गंभीर आरोप लगा। मदनपुर थाना जलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की बजाए, एसपी इमरान के इशारे पर चलते रहे। मदनपुर थाना फूंके जाने को लेकर देवरिया पुलिस की पूरे यूपी में बदनामी हुई। कानून-व्यवस्था बिगड़ गई। इन आरोप से एएसपी उबर रहे थे कि संजय केडिया प्रकरण ने फिर से आरोपों की दहलीज पर ला खड़ा किया। शनिवार को लखनऊ के होटल स्काई हिल्टन के बाहर मोनिका सिंह पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी।
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हमला कराने का आरोप दूसरी पत्नी मोनिका सिंह ने संजय केडिया पर लगाया। लखनऊ के एलडीए चौकी प्रभारी के अलावा पुलिस की कई टीम देवरिया में डेरा डाले रही, लेकिन केडिया हाथ नहीं लगा। पुलिस ने जब उसके करीबियों के बारे में जानकारी जुटाई तो एएसपी भी जद में आ गए। लखनऊ मुख्यालय में बैठे अधिकारियों के पास केडिया के खेल कार्यक्रम की फोटोग्राफ, पिजरापोल गौशाला के उद्घाटन और पुलिस अफसर के घर पार्टी का वीडियो पहुंच गया। यह तस्वीर यह बताने को काफी थी कि एएसपी और केडिया के बीच रिश्ते मधुर और पुराने हैं। सूत्रों ने बताया कि केडिया के घर दबिश की सूचना लीक होने पर अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया।
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सूत्रों की मानें तो विभागीय जांच में इस बात की पुष्टि हुई थी कि संजय केडिया को मदद देने वाले कुछ विभागीय अफसर ही रहे। बाकायदा इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री तक पहुंची। सर्विलांस, कॉल डिटेल और पुराने फोटोग्राफ्स के आधार पर शासन ने तबादले का फैसला लिया। तुनकमिजाज अपर पुलिस अधीक्षक एनके सिंह का कार्यकाल उतार-चढ़ाव वाला रहा। उन पर कई आरोप-प्रत्यारोप लगे। लारकांड, मेहरौना मूर्ति विसर्जन के दौरान एनके सिंह अचानक फिर से सुर्खियों में आ गए थे।
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मूर्ति विसर्जन के दौरान सरकार के इशारे पर एक वर्ग विशेष को खुुश करने के लिए बहुसंख्यकों पर लाठीचार्ज का गंभीर आरोप लगा। मदनपुर थाना जलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की बजाए, एसपी इमरान के इशारे पर चलते रहे। मदनपुर थाना फूंके जाने को लेकर देवरिया पुलिस की पूरे यूपी में बदनामी हुई। कानून-व्यवस्था बिगड़ गई। इन आरोप से एएसपी उबर रहे थे कि संजय केडिया प्रकरण ने फिर से आरोपों की दहलीज पर ला खड़ा किया। शनिवार को लखनऊ के होटल स्काई हिल्टन के बाहर मोनिका सिंह पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी।
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हमला कराने का आरोप दूसरी पत्नी मोनिका सिंह ने संजय केडिया पर लगाया। लखनऊ के एलडीए चौकी प्रभारी के अलावा पुलिस की कई टीम देवरिया में डेरा डाले रही, लेकिन केडिया हाथ नहीं लगा। पुलिस ने जब उसके करीबियों के बारे में जानकारी जुटाई तो एएसपी भी जद में आ गए। लखनऊ मुख्यालय में बैठे अधिकारियों के पास केडिया के खेल कार्यक्रम की फोटोग्राफ, पिजरापोल गौशाला के उद्घाटन और पुलिस अफसर के घर पार्टी का वीडियो पहुंच गया। यह तस्वीर यह बताने को काफी थी कि एएसपी और केडिया के बीच रिश्ते मधुर और पुराने हैं। सूत्रों ने बताया कि केडिया के घर दबिश की सूचना लीक होने पर अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया।