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किसान गोष्ठी में दी खरीफ सब्जियों के बारे में जानकारी
Updated Tue, 10 Jul 2018 06:32 PM IST
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किसान गोष्ठी में दी खरीफ सब्जियों के बारे में जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। कृषि विभाग के तत्वावधान में जिले के कई गांवों में किसान गोष्ठियों का आयोजन किया गया। गोष्ठी में खरीफ फसलों के बारे में किसानों को जानकारी दी गई। गोष्ठी गांव आलापुर, फिरोजपुर व अगवानपुर में की गई। गोष्ठी की अध्यक्षता ठाकुर यशपाल सिंह ने की। इसके साथ ही गोष्ठी का संचालन सुरेंद्र बड़ गुर्जर ने किया।
गोष्ठी में जिला कृषि सलाहकार डॉ. महावीर सिंह मलिक ने कहा कि खरीफ मौसम में जिले में बेल वाली सब्जियों की काफी खेती होती है। इन सब्जियों में बदलते मौसम में कई प्रकार के कीट व रोग काफी नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने किसानों को फसल सुरक्षा के उपाय बताए। उन्होंने बताया कि बेल वाली सब्जियों में सिफारिश की गई कीटनाशक ही डालनी चाहिए, क्योंकि रोगोर, मैटासिस्टोक्स आदि दूसरे कीटनाशकों के छिड़काव से सब्जियां जल जाती हैं। ज्यादा छिड़काव से परागण करने वाले कीट मर जाते हैं, जिससे फूल तो आते हैं, परंतु फल नहीं बन पाते हैं। इसलिए ज्यादा कीटनाशकों का छिड़काव न करें। यदि फल कम बन रहे हों तो बेल वाली सब्जियों में उपले की आग पर गूगल रखकर उसकी धूनी करने से परागण करने वाले कीट आकर्षित होंगे। फल मक्खी का प्रकोप ज्यादा हो तो 400 मि.ली. मैलाथियान 50 ई.सी. या 500 ग्राम कार्बोरिल 50 धू.पा. को 200 लीटर पानी तथा सवा किलो गुड़ मिलाकर छिड़काव कर दें। इस अवसर पर अशोक, मुकेश, राजवती, दौलती, जग्गी, सतीश, जावित्री, कमल, तोताराम, राजपाल, सुमेंद्र, प्रभाती, अरुण समेत अन्य मौजूद रहे।
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। कृषि विभाग के तत्वावधान में जिले के कई गांवों में किसान गोष्ठियों का आयोजन किया गया। गोष्ठी में खरीफ फसलों के बारे में किसानों को जानकारी दी गई। गोष्ठी गांव आलापुर, फिरोजपुर व अगवानपुर में की गई। गोष्ठी की अध्यक्षता ठाकुर यशपाल सिंह ने की। इसके साथ ही गोष्ठी का संचालन सुरेंद्र बड़ गुर्जर ने किया।
गोष्ठी में जिला कृषि सलाहकार डॉ. महावीर सिंह मलिक ने कहा कि खरीफ मौसम में जिले में बेल वाली सब्जियों की काफी खेती होती है। इन सब्जियों में बदलते मौसम में कई प्रकार के कीट व रोग काफी नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने किसानों को फसल सुरक्षा के उपाय बताए। उन्होंने बताया कि बेल वाली सब्जियों में सिफारिश की गई कीटनाशक ही डालनी चाहिए, क्योंकि रोगोर, मैटासिस्टोक्स आदि दूसरे कीटनाशकों के छिड़काव से सब्जियां जल जाती हैं। ज्यादा छिड़काव से परागण करने वाले कीट मर जाते हैं, जिससे फूल तो आते हैं, परंतु फल नहीं बन पाते हैं। इसलिए ज्यादा कीटनाशकों का छिड़काव न करें। यदि फल कम बन रहे हों तो बेल वाली सब्जियों में उपले की आग पर गूगल रखकर उसकी धूनी करने से परागण करने वाले कीट आकर्षित होंगे। फल मक्खी का प्रकोप ज्यादा हो तो 400 मि.ली. मैलाथियान 50 ई.सी. या 500 ग्राम कार्बोरिल 50 धू.पा. को 200 लीटर पानी तथा सवा किलो गुड़ मिलाकर छिड़काव कर दें। इस अवसर पर अशोक, मुकेश, राजवती, दौलती, जग्गी, सतीश, जावित्री, कमल, तोताराम, राजपाल, सुमेंद्र, प्रभाती, अरुण समेत अन्य मौजूद रहे।
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