अगरकर की जगह कौन?: 24 टेस्ट खेलने वाले इस पूर्व क्रिकेटर को मिली अंतरिम जिम्मेदारी! स्थायी चेयरमैन पर भी नजर
बीसीसीआई ने अजीत अगरकर का कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रज्ञान ओझा को फिलहाल चयन समिति की कार्यवाही संभालने की जिम्मेदारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक 24 टेस्ट खेल चुके ओझा स्थायी चीफ सेलेक्टर पद की रेस में भी हैं। हालांकि अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चयन समिति में बड़ा बदलाव हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक अजीत अगरकर का चीफ सेलेक्टर के रूप में कार्यकाल चार अक्तूबर को खत्म हो गया। इसके बाद गुवाहाटी में हुई टीम चयन बैठक में अगरकर मौजूद नहीं थे। 'क्रिकबज' की रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई ने फिलहाल चयन समिति के सदस्य और पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा को कार्यवाही की जिम्मेदारी संभालने को कहा है। ओझा अब अंतरिम चीफ सेलेक्टर के तौर पर काम कर रहे हैं।
क्या स्थायी भी बन सकते हैं ओझा?
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि प्रज्ञान ओझा स्थायी चीफ सेलेक्टर पद के लिए भी विकल्प बनकर उभरे हैं। चयन समिति में मौजूद सदस्यों में ओझा ने सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेले हैं। उन्होंने भारत के लिए 24 टेस्ट खेले हैं।
| चयनकर्ता | भारत के लिए टेस्ट |
|---|---|
| प्रज्ञान ओझा | 24 |
| शिव सुंदर दास | 23 |
| आरपी सिंह | 14 |
| अजय रात्रा | 6 |
रिपोर्ट के मुताबिक एक सूत्र ने कहा, 'आप बीसीसीआई में कभी नहीं जानते कि क्या हो सकता है। लेकिन ओझा सभी के लिए स्वीकार्य उम्मीदवार नजर आते हैं।' हालांकि अभी यह तय नहीं है कि ओझा ही स्थायी रूप से इस पद पर बने रहेंगे या बोर्ड किसी नए चेहरे को जिम्मेदारी देगा।
चीफ सेलेक्टर के पद को लेकर पिछले कुछ हफ्तों में पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल का नाम भी सामने आया है। ऐसे में चयन समिति के नए प्रमुख को लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है।
न्यूजीलैंड सीरीज से पहले बड़ा फैसला
नए चीफ सेलेक्टर के सामने तत्काल बड़ी जिम्मेदारी भी होगी। चयनकर्ताओं की इस सप्ताह बैठक होने की उम्मीद है, जिसमें न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टी20, वनडे और टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीमों पर फैसला होना है। भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच टी20, पांच वनडे और दो टेस्ट खेलने हैं। इसके बाद सबसे बड़ी चुनौती 2027 वनडे विश्व कप के लिए टीम तैयार करने की होगी। नए चीफ सेलेक्टर को रोहित शर्मा के भविष्य पर भी फैसला लेना पड़ सकता है। इसके अलावा टीम में ऑलराउंडरों और तेज गेंदबाजों के चयन को लेकर भी अहम फैसले करने होंगे।