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Ind vs SA 3rd ODI: टीम इंडिया को केपटाउन में 16 सालों से नहीं मिली हार, क्लीन स्वीप से बचने की चुनौती
Sun, 23 Jan 2022 08:15 AM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, केपटाउन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, केपटाउन
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sun, 23 Jan 2022 08:15 AM IST
सार
IND vs SA, 3rd ODI: वनडे सीरीज हारने के बाद टीम इंडिया तीसरे मैच में सम्मान बचाने के लिए उतरेगी। केपटाउन के मैदान में भारत का रिकॉर्ड काफी बेहतर है और टीम इंडिया यहां जीत की लय बरकरार रखना चाहेगी।
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केपटाउन में भारत का रिकॉर्ड अफ्रीका से बेहतर है
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में हार के बाद भारत के सामने सम्मान बचाने की चुनौती है। भारत हर हाल में यह मैच जीतकर क्लीन स्वीप से बचना चाहेगा। टीम इंडिया के लिए अच्छी बात यह है कि केपटाउन के मैदान में भारत का रिकॉर्ड शानदार है। इस मैदान में भारत ने पांच वनडे मैच खेले हैं और तीन में जीत हासिल की है। खास बात यह है कि इस मैदान में टीम इंडिया आखिरी मैच साल 2006 में हारी थी, जब दक्षिण अफ्रीका ने उसे 106 रन से हराया था। इसके बाद से भारत यहां दो मैच जीत चुका है।
केपटाउन में भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीम चार बार भिड़ी हैं। इसमें से दो मैच दक्षिण अफ्रीका और दो मैच भारत ने जीते हैं। अफ्रीका ने 1992 और 2006 में भारत को हराया था, जबकि भारत ने 2011 और 2018 में जीत हासिल की। 2018 में टीम इंडिया ने अफ्रीका को 124 रन के बड़े अंतर से हराया था। ऐसे में टीम इंडिया इस मैदान पर जीत की हैट्रिक लगाना चाहेगी।
गेंदबाजों ने किया निराश
इन दोनों मैचों में भारतीय गेंदबाज केवल सात विकेट ले पाए। उन्होंने पहले मैच में चार और दूसरे मैच में तीन विकेट हासिल किए। रविचंद्रन अश्विन और विशेषकर भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाज किसी भी समय रासी वान डेर दुसेन, जानेमन मलान और क्विंटन डि कॉक जैसे दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों के सामने चुनौती पेश नहीं कर पाए। न्यूलैंड्स में हालांकि अधिक तेजी और उछाल होने की संभावना है लेकिन भारत टीम 0-3 से शृंखला गंवाने से बचने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगी।
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राहुल की कप्तानी अब तक बेअसर
कप्तान राहुल के लिए पहले टेस्ट में शतक को छोड़कर यह दौरा अब तक यादगार नहीं रहा है। उन्हें भले ही भविष्य का कप्तान माना जा रहा है लेकिन अभी तक उन्होंने अपने नेतृत्वकौशल से प्रभावित नहीं किया है। पहले दो मैचों में कप्तानी के अलावा बल्लेबाजी में भी राहुल ने निराश किया। वह स्ट्राइक रोटेट करने में असफल रहे जो कि वनडे में जरूरी माना जाता है। इससे बाद के बल्लेबाजों पर भी दबाव बढ़ा। नियमित कप्तान रोहित के लौटने के बाद उनका शीर्षक्रम पर बल्लेबाजी करना भी मुश्किल है क्योंकि पहले वनडे में शिखर ने अच्छी लय दिखाई है।
सीरीज हारने के बाद भारत पर नहीं होगा दबाव
तीन मैचों की वनडे सीरीज के शुरुआती दोनों मैच दक्षिण अफ्रीका ने जीते हैं। इसके साथ ही भारत यह सीरीज हार चुका है। सीरीज हारने के बाद भारतीय खिलाड़ी खुलकर खेलेंगे और जीत हासिल कर सकते हैं। शुरुआती दोनों मैच में भारतीय बल्लेबाज काफी दबाव में नजर आए थे। खासकर कप्तान राहुल खुलकर अपने शॉट नहीं खेल रहे थे। ऐसे में राहुल तीसरे मैच में खुलकर बल्लेबाजी कर सकते हैं और अपनी लय हासिल कर सकते हैं।
युवा खिलाड़ियों को मिल सकता है मौका
वनडे सीरीज हारने के बाद कोच द्रविड़ इस मैच में युवा खिलाड़ियों को भी मौका दे सकते हैं। कप्तान राहुल के अलावा विराट कोहली, ऋषभ पंत, जसप्रीत बुमराह और शार्दुल ठाकुर जैसे, खिलाड़ी लगातार मैच खेल रहे हैं। इस मैच में इनमें से कुछ खिलाड़ियों को आराम भी दिया जा सकता है। अश्विन भी इस दौरे में भारत के लिए सभी मैच खेले हैं, लेकिन टेस्ट सीरीज में उनसे ज्यादा गेंदबाजी नहीं कराई गई थी। युवा खिलाड़ियों के आने से टीम में नया जोश होगा और भारत अच्छा प्रदर्शन कर सकता है।
भारतीय टीम यह सीरीज हार चुकी है और तीसरे मैच में अपना सम्मान बचाने उतरेगी। इस मैच में कप्तान राहुल ऋतुराज गायकवाड़, इशान किशन और दीपक चाहर जैसे खिलाड़ियों को मौका दे सकते हैं। टीम के उपकप्तान जसप्रीत बुमराह को भी इस मैच में आराम दिया जा सकता है।
दोनों टीमें
भारतीय टीम:
लोकेश राहुल (कप्तान), जसप्रीत बुमराह (उपकप्तान), शिखर धवन, ऋतुराज गायकवाड़, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, श्रेयस अय्यर, वेंकटेश अय्यर, ऋषभ पंत, ईशान किशन, युजवेंद्र चहल, रविचंद्रन अश्विन, जयंत यादव, भुवनेश्वर कुमार, दीपक चाहर, प्रसिद्ध कृष्णा, शार्दुल ठाकुर, मोहम्मद सिराज
दक्षिण अफ्रीका की टीम:
टेम्बा बावुमा (कप्तान), जुबैर हमजा, जानेमन मालन, एडेन मार्करम, डेविड मिलर, रासी वैन डेर डूसन, मार्को जेनसेन, वेन पार्नेल, एंडिले फेहलुकवेओ, ड्वेन प्रिटोरियस, क्विंटन डी कॉक, काइल वेरेने, केशव महाराज, सिसांडा मगला, लुंगी एनगिडी, कगिसो रबाडा, तबरेज शम्सी।
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केपटाउन में भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीम चार बार भिड़ी हैं। इसमें से दो मैच दक्षिण अफ्रीका और दो मैच भारत ने जीते हैं। अफ्रीका ने 1992 और 2006 में भारत को हराया था, जबकि भारत ने 2011 और 2018 में जीत हासिल की। 2018 में टीम इंडिया ने अफ्रीका को 124 रन के बड़े अंतर से हराया था। ऐसे में टीम इंडिया इस मैदान पर जीत की हैट्रिक लगाना चाहेगी।
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गेंदबाजों ने किया निराश
इन दोनों मैचों में भारतीय गेंदबाज केवल सात विकेट ले पाए। उन्होंने पहले मैच में चार और दूसरे मैच में तीन विकेट हासिल किए। रविचंद्रन अश्विन और विशेषकर भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाज किसी भी समय रासी वान डेर दुसेन, जानेमन मलान और क्विंटन डि कॉक जैसे दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों के सामने चुनौती पेश नहीं कर पाए। न्यूलैंड्स में हालांकि अधिक तेजी और उछाल होने की संभावना है लेकिन भारत टीम 0-3 से शृंखला गंवाने से बचने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगी।
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राहुल की कप्तानी अब तक बेअसर
कप्तान राहुल के लिए पहले टेस्ट में शतक को छोड़कर यह दौरा अब तक यादगार नहीं रहा है। उन्हें भले ही भविष्य का कप्तान माना जा रहा है लेकिन अभी तक उन्होंने अपने नेतृत्वकौशल से प्रभावित नहीं किया है। पहले दो मैचों में कप्तानी के अलावा बल्लेबाजी में भी राहुल ने निराश किया। वह स्ट्राइक रोटेट करने में असफल रहे जो कि वनडे में जरूरी माना जाता है। इससे बाद के बल्लेबाजों पर भी दबाव बढ़ा। नियमित कप्तान रोहित के लौटने के बाद उनका शीर्षक्रम पर बल्लेबाजी करना भी मुश्किल है क्योंकि पहले वनडे में शिखर ने अच्छी लय दिखाई है।
सीरीज हारने के बाद भारत पर नहीं होगा दबाव
तीन मैचों की वनडे सीरीज के शुरुआती दोनों मैच दक्षिण अफ्रीका ने जीते हैं। इसके साथ ही भारत यह सीरीज हार चुका है। सीरीज हारने के बाद भारतीय खिलाड़ी खुलकर खेलेंगे और जीत हासिल कर सकते हैं। शुरुआती दोनों मैच में भारतीय बल्लेबाज काफी दबाव में नजर आए थे। खासकर कप्तान राहुल खुलकर अपने शॉट नहीं खेल रहे थे। ऐसे में राहुल तीसरे मैच में खुलकर बल्लेबाजी कर सकते हैं और अपनी लय हासिल कर सकते हैं।
युवा खिलाड़ियों को मिल सकता है मौका
वनडे सीरीज हारने के बाद कोच द्रविड़ इस मैच में युवा खिलाड़ियों को भी मौका दे सकते हैं। कप्तान राहुल के अलावा विराट कोहली, ऋषभ पंत, जसप्रीत बुमराह और शार्दुल ठाकुर जैसे, खिलाड़ी लगातार मैच खेल रहे हैं। इस मैच में इनमें से कुछ खिलाड़ियों को आराम भी दिया जा सकता है। अश्विन भी इस दौरे में भारत के लिए सभी मैच खेले हैं, लेकिन टेस्ट सीरीज में उनसे ज्यादा गेंदबाजी नहीं कराई गई थी। युवा खिलाड़ियों के आने से टीम में नया जोश होगा और भारत अच्छा प्रदर्शन कर सकता है।
भारतीय टीम यह सीरीज हार चुकी है और तीसरे मैच में अपना सम्मान बचाने उतरेगी। इस मैच में कप्तान राहुल ऋतुराज गायकवाड़, इशान किशन और दीपक चाहर जैसे खिलाड़ियों को मौका दे सकते हैं। टीम के उपकप्तान जसप्रीत बुमराह को भी इस मैच में आराम दिया जा सकता है।
दोनों टीमें
भारतीय टीम:
लोकेश राहुल (कप्तान), जसप्रीत बुमराह (उपकप्तान), शिखर धवन, ऋतुराज गायकवाड़, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, श्रेयस अय्यर, वेंकटेश अय्यर, ऋषभ पंत, ईशान किशन, युजवेंद्र चहल, रविचंद्रन अश्विन, जयंत यादव, भुवनेश्वर कुमार, दीपक चाहर, प्रसिद्ध कृष्णा, शार्दुल ठाकुर, मोहम्मद सिराज
दक्षिण अफ्रीका की टीम:
टेम्बा बावुमा (कप्तान), जुबैर हमजा, जानेमन मालन, एडेन मार्करम, डेविड मिलर, रासी वैन डेर डूसन, मार्को जेनसेन, वेन पार्नेल, एंडिले फेहलुकवेओ, ड्वेन प्रिटोरियस, क्विंटन डी कॉक, काइल वेरेने, केशव महाराज, सिसांडा मगला, लुंगी एनगिडी, कगिसो रबाडा, तबरेज शम्सी।