{"_id":"60aa4dcb8ebc3e6dc158b116","slug":"zimbabwe-cricketer-ryan-burl-appeals-for-sponsorship-by-putting-up-photos-of-torn-shoes","type":"story","status":"publish","title_hn":"छलका दर्द: फटे हुए जूते ठीक करने को मजबूर हुआ यह क्रिकेटर, लिखा भावुक पोस्ट तो मिला स्पॉन्सर","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
छलका दर्द: फटे हुए जूते ठीक करने को मजबूर हुआ यह क्रिकेटर, लिखा भावुक पोस्ट तो मिला स्पॉन्सर
Sun, 23 May 2021 08:40 PM IST
मुकेश कुमार झा
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, हरारे
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, हरारे
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Sun, 23 May 2021 08:40 PM IST
सार
जिम्बाब्वे के बल्लेबाज रेयान बर्ल ने देश के क्रिकेट की खस्ताहाल से सबको रूबरू कराया है। उन्होंने फटे हुए जूतों की तस्वीर पोस्ट करके राष्ट्रीय टीम के प्रायोजन का आग्रह किया है।
विज्ञापन
रेयान बर्ल
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जिम्बाब्वे क्रिकेट इस वक्त वित्तीय संकट से गुजर रहा है। स्थिति इतनी खराब है कि क्रिकेटरों को जूते की मरम्मत खुद करनी पड़ती है। जी हां, जिम्बाब्वे के बल्लेबाज रेयान बर्ल ने देश के क्रिकेट की खस्ताहाल से सबको रूबरू कराया है। उन्होंने फटे हुए जूतों की तस्वीर पोस्ट करके राष्ट्रीय टीम के प्रायोजन का आग्रह किया है। उन्होंने अपने जूतों की तस्वीर, गोंद और इसे ठीक करने के लिए कुछ सामान की तस्वीर ट्वीट की है।
विज्ञापन
जब कुछ क्रिकेट बोर्ड प्रायोजन से ही करोड़ों डॉलर कमा रहे हैं तब बर्ल ने ट्वीट करके पूछा, 'क्या कोई संभावना है कि हमें कोई प्रायोजक मिले, जिससे कि हमें प्रत्येक श्रृंखला के बाद अपने जूते चिपकाने नहीं पड़ें।' बर्ल के इस ट्वीट के जवाब में पूमा ने ट्वीट कर कहा, 'गोंद को फेंकने का समय आ गया है, हम आपको सहायता देंगे।' बता दें कि बाएं हाथ के मध्यक्रम के बल्लेबाज 27 साल के बर्ल ने जिंबाब्वे की ओर से तीन टेस्ट, 18 एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय और 25 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं।
विज्ञापन
Stronger together @ryanburl3 💪🏼 https://t.co/BdB5vPz9UP
विज्ञापन विज्ञापन— PUMA Cricket (@pumacricket) May 23, 2021
गौरतलब है कि विश्व कप 1983 से पहले एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय टीम का दर्जा हासिल करने वाले जिम्बाब्वे को 1992 में टेस्ट दर्जा मिला लेकिन पिछले कुछ समय से टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जूझ रही है।देश फ्लावर बंधुओं एंडी और ग्रांट, एलिस्टेयर कैंपबेल, डेव हॉटन, हीथ स्ट्रीक और नील जॉनसन जैसे खिलाड़ी तैयार करने में विफल रहा है। इन खिलाड़ियों ने जिंबाब्वे का प्रतिनिधित्व करते हुए काफी सफलता हासिल की।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने सरकारी हस्तक्षेप के कारण 2019 में देश के क्रिकेट बोर्ड को निलंबित कर दिया और पिछले साल टीम को टी-20 विश्व कप क्वालीफायर में हिस्सा लेने से भी रोक दिया। बाद में हालांकि जिंबाब्वो को बहाल कर दिया गया। हाल में पाकिस्तान ने जिम्बाब्वे में दो टेस्ट की श्रृंखला में क्लीनस्वीप करने के अलावा टी-20 श्रृंखला 2-1 से जीती।