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Ranji Trophy: जो सचिन और द्रविड़ नहीं कर पाए यश ढुल ने कर दिखाया, विराट से भी आगे निकले
Sun, 20 Feb 2022 04:16 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sun, 20 Feb 2022 04:16 PM IST
सार
रणजी ट्रॉफी में अपने डेब्यू मैच की दोनों पारियों में शतक लगाने वाल यश ढुल ने ऋषभ पंत और रमन लांबा जैसे दिग्गजों की सूची में जगह बना ली है। वो भारत के तीसरे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने रणजी ट्राफी डेब्यू में दोनों पारियों में शतक लगाया है।
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यश धुल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अंडर-19 विश्व कप में भारतीय टीम को अपनी कप्तानी में चैंपियन बनाने वाले यश ढुल ने अपने रणजी करियर की शानदार शुरुआत की है। अपने डेब्यू मैच में उन्होंने दोनों पारियों में शतक लगाया है। धुल तीसरे भारतीय बल्लेबाज बने हैं, जिन्होंने अपने डेब्यू मैच में दोनों पारियों में शतक लगाया है। तमिलनाडु के खिलाफ मैच में ढुल ने दोनों पारियों में 113 रन बनाए। हालांकि, दिल्ली की टीम यह मैच नहीं जीत सकी और अंत में यह मैच ड्रॉ हो गया।
भारत के लिए टेस्ट में कमाल करने वाले सचिन, द्रविड़ और विराट जैसे बल्लेबाज भी यह कारनामा नहीं कर सके हैं। ढुल से पहले सिर्फ दो भारतीय बल्लेबाज ही अपने पहले रणजी मैच की दोनों पारियों में शतक लगा पाए थे। गुजरात के नारी कॉन्ट्रैक्टर ने 1952/53 में 152 और 102 रन की पारी खेली थी। वहीं 2012/13 में महाराष्ट्र के विराग अवाते ने 126 और 112 रन बनाए थे।
सचिन और विराट जैसे दिग्गजों से आगे निकले धुल
यश धुल सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों से आगे निकल चुके हैं। सचिन ने भी अपने पहले रणजी मैच में शतक लगाया था, लेकिन वे दोनों पारियों में यह कारनामा नहीं कर पाए थे। वहीं विराट अंडर-19 विश्व कप जीतने के छह महीने बाद भारतीय टीम में आ चुके थे और उन्होंने रणजी ट्रॉफी में बहुत ज्यादा मैच नहीं खेले। लेकिन पहले मैच में उनके बल्ले से शतक नहीं निकला था।
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दिल्ली के लिए दोनों पारियों में शतक लगाने वाले सातवें बल्लेबाज
रणजी ट्रॉफी की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज एसएम कादरी थी। उन्होंने 105 और 114 रन बनाए थे। बॉम्बे और वेस्टर्न इंडिया के बीच दिसंबर 1935 में खेले गए मैच में कादरी ने बॉम्बे के लिए दोनों पारियों में शतक लगाया था। वहीं दिल्ली के लिए दोनों पारियों में शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज मंसूर अली खान पटौदी थे। उनके बाद सुरिंदर खन्ना, मदन लाल, अजय शर्मा, रमन लांबा, ऋषभ पंत और अब यश ढुल ने यह कारनामा किया है।
18 महीने में टीम इंडिया में जगह बनाना चाहते हैं धुल
यश ढुल का सपना अगले 18 महीने में सीनियर टीम में जगह बनाना है। अंडर-19 विश्व चैंपियन बनने के सपने को साकार करने के दौरान यश दो महीने तक परिवार से दूर रहे थे और अपने माता-पिता से मुलाकात करने का सिर्फ आधे घंटे का समय मिला था। यश का कहना है- अगर मैं 18 महीनों में भी टीम इंडिया में जगह बना पाया, फिर भी मैं तब तक मेहनत करूंगा जब तक मैं अपना लक्ष्य हासिल न कर लूं।
रणजी में डेब्यू करते हुए दिल्ली के लिए शतक
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भारत के लिए टेस्ट में कमाल करने वाले सचिन, द्रविड़ और विराट जैसे बल्लेबाज भी यह कारनामा नहीं कर सके हैं। ढुल से पहले सिर्फ दो भारतीय बल्लेबाज ही अपने पहले रणजी मैच की दोनों पारियों में शतक लगा पाए थे। गुजरात के नारी कॉन्ट्रैक्टर ने 1952/53 में 152 और 102 रन की पारी खेली थी। वहीं 2012/13 में महाराष्ट्र के विराग अवाते ने 126 और 112 रन बनाए थे।
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सचिन और विराट जैसे दिग्गजों से आगे निकले धुल
यश धुल सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों से आगे निकल चुके हैं। सचिन ने भी अपने पहले रणजी मैच में शतक लगाया था, लेकिन वे दोनों पारियों में यह कारनामा नहीं कर पाए थे। वहीं विराट अंडर-19 विश्व कप जीतने के छह महीने बाद भारतीय टीम में आ चुके थे और उन्होंने रणजी ट्रॉफी में बहुत ज्यादा मैच नहीं खेले। लेकिन पहले मैच में उनके बल्ले से शतक नहीं निकला था।
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दिल्ली के लिए दोनों पारियों में शतक लगाने वाले सातवें बल्लेबाज
रणजी ट्रॉफी की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज एसएम कादरी थी। उन्होंने 105 और 114 रन बनाए थे। बॉम्बे और वेस्टर्न इंडिया के बीच दिसंबर 1935 में खेले गए मैच में कादरी ने बॉम्बे के लिए दोनों पारियों में शतक लगाया था। वहीं दिल्ली के लिए दोनों पारियों में शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज मंसूर अली खान पटौदी थे। उनके बाद सुरिंदर खन्ना, मदन लाल, अजय शर्मा, रमन लांबा, ऋषभ पंत और अब यश ढुल ने यह कारनामा किया है।
18 महीने में टीम इंडिया में जगह बनाना चाहते हैं धुल
यश ढुल का सपना अगले 18 महीने में सीनियर टीम में जगह बनाना है। अंडर-19 विश्व चैंपियन बनने के सपने को साकार करने के दौरान यश दो महीने तक परिवार से दूर रहे थे और अपने माता-पिता से मुलाकात करने का सिर्फ आधे घंटे का समय मिला था। यश का कहना है- अगर मैं 18 महीनों में भी टीम इंडिया में जगह बना पाया, फिर भी मैं तब तक मेहनत करूंगा जब तक मैं अपना लक्ष्य हासिल न कर लूं।
रणजी में डेब्यू करते हुए दिल्ली के लिए शतक
| बल्लेबाज | डेब्यू पारी में
कितने रन बनाए |
सीजन |
| जेएन सेठ | 179 | 1949/50 |
| रमेश सक्सेना | 113 नॉटआउट | 1960/61 |
| मनु नायर | 100 नॉटआउट | 1986/87 |
| आकाश चोपड़ा | 150 | 1997/98 |
| मयंक तेहलान | 176 | 2005/06 |
| मिलिंद कुमार | 119 | 2011/12 |
| वैभव रावल | 100 नॉटआउट | 2012/13 |
| यश ढुल | 113 | 2021/22 |